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Shamli News: बूंदाबांदी से तीन डिग्री तापमान गिरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 28 Mar 2026 12:54 AM IST
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शामली में बरसात के दौरान छाता लगा कर मंदिर जाती महिला और युवती । संवाद
- फोटो : 1
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शामली। दिन निकलते ही मौसम ने फिर करवट ली। सुबह हल्की बूंदाबांदी होने से मौसम ठंडा हो गया। दोपहर करीब 12 बजे के बाद एक बार फिर बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
बूंदाबांदी के बाद अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बृहस्पतिवार को अधिकतम 31 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस था। इस प्रकार न्यूनतम तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आई है।
जिले में इन दिनों मौसम लगातार बदल रहा है। कभी तेज धूप से गर्मी का अहसास होता है तो कभी बादल और बूंदाबांदी से ठंडक महसूस हो रही है। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिन कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
बोले किसान : किसान प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बार वर्षों बाद फसल बहुत अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसान रुस्तम ने बताया कि गन्ने का समय पर भुगतान न मिलने के कारण उन्होंने इस बार तिलहन फसल के रूप में सरसों और गेहूं की खेती की थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने इन फसलों को भी नुकसान पहुंचा दिया है।
फसलों को नुकसान, पलेवा करने से बचें : कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं से गेहूं, सरसों व सब्जी की फसलों को नुकसान है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि इस स्थिति में फसलों की पलेवा न करें। साथ ही सब्जी फसलों को रोगों से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव करें और आम की फसल पर भी रोग नियंत्रण के लिए स्प्रे करें।
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बूंदाबांदी के बाद अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बृहस्पतिवार को अधिकतम 31 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस था। इस प्रकार न्यूनतम तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आई है।
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जिले में इन दिनों मौसम लगातार बदल रहा है। कभी तेज धूप से गर्मी का अहसास होता है तो कभी बादल और बूंदाबांदी से ठंडक महसूस हो रही है। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिन कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
बोले किसान : किसान प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बार वर्षों बाद फसल बहुत अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसान रुस्तम ने बताया कि गन्ने का समय पर भुगतान न मिलने के कारण उन्होंने इस बार तिलहन फसल के रूप में सरसों और गेहूं की खेती की थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने इन फसलों को भी नुकसान पहुंचा दिया है।
फसलों को नुकसान, पलेवा करने से बचें : कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं से गेहूं, सरसों व सब्जी की फसलों को नुकसान है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि इस स्थिति में फसलों की पलेवा न करें। साथ ही सब्जी फसलों को रोगों से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव करें और आम की फसल पर भी रोग नियंत्रण के लिए स्प्रे करें।