{"_id":"69af1882a51b5cb72d000904","slug":"the-womens-commission-member-listened-to-the-grievances-of-women-for-three-hours-shamli-news-c-26-1-smrt1047-161061-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: महिला आयोग की सदस्य ने तीन घंटे तक सुनीं महिलाओं की पीड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: महिला आयोग की सदस्य ने तीन घंटे तक सुनीं महिलाओं की पीड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 10 Mar 2026 12:29 AM IST
विज्ञापन
कलक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई करती राज्य महिला आयोग की सदस्य मनीषा अहलावत । संवाद
विज्ञापन
शामली। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मनीषा अहलावत ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान करीब तीन घंटे तक पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 24 मामलों की सुनवाई की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सुनवाई के दौरान छह वर्ष की बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की संस्तुति की गई। जनसुनवाई में नाला गांव की पांच अनाथ बहनों का मामला भी सामने आया। माता-पिता के निधन के बाद परिवार के भरण-पोषण में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए आयोग की सदस्य ने पांचों बालिकाओं को मुख्यमंत्री निराश्रित योजना के तहत प्रति माह ढाई-ढाई हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही एक बालिका का प्रवेश कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कराने के लिए भी कहा गया।
रामड़ा निवासी एक पीड़िता ने बताया कि उसका पति बिना तलाक दिए अन्य युवतियों से निकाह कर चुका है और उसे खर्चा भी नहीं दे रहा है। वहीं कैराना तहसील क्षेत्र की एक महिला ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद ससुराल पक्ष द्वारा मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया और अब पति खर्चा भी नहीं दे रहा है।
आयोग की सदस्य मनीषा अहलावत ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट हामिद हुसैन, सीओ सिटी अपेक्षा निबोड़िया, वन स्टॉप सेंटर की गजाला त्यागी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Trending Videos
सुनवाई के दौरान छह वर्ष की बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की संस्तुति की गई। जनसुनवाई में नाला गांव की पांच अनाथ बहनों का मामला भी सामने आया। माता-पिता के निधन के बाद परिवार के भरण-पोषण में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए आयोग की सदस्य ने पांचों बालिकाओं को मुख्यमंत्री निराश्रित योजना के तहत प्रति माह ढाई-ढाई हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही एक बालिका का प्रवेश कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कराने के लिए भी कहा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामड़ा निवासी एक पीड़िता ने बताया कि उसका पति बिना तलाक दिए अन्य युवतियों से निकाह कर चुका है और उसे खर्चा भी नहीं दे रहा है। वहीं कैराना तहसील क्षेत्र की एक महिला ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद ससुराल पक्ष द्वारा मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया और अब पति खर्चा भी नहीं दे रहा है।
आयोग की सदस्य मनीषा अहलावत ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट हामिद हुसैन, सीओ सिटी अपेक्षा निबोड़िया, वन स्टॉप सेंटर की गजाला त्यागी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
