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Shamli News: बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए जंकफूड, फास्ट फूड से करें परहेज

संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 25 Jan 2026 12:37 AM IST
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To keep children healthy, avoid junk food and fast food.
हैलो डाक्टर कार्यक्रम में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार। संवाद
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शामली। अमर उजाला के हैलो डॉक्टर कार्यक्रम के तहत शनिवार को घर बैठे ही फोन से बच्चों की स्वास्थ्य संंबंधी समस्याओं का समाधान कराया गया। जिला संयुक्त चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार दोपहर एक बजे से दो बजे तक शामली कार्यालय में मौजूद रहे।
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सवाल : मेरी बेटी आस्था 12 साल की है। उसे एलर्जी है और शरीर पर पर जगह जगह चक्कते के निशान है, जिन पर खुसकी होती है, सिर में डेंड्रफ रहता है। (नीरज कुमार, पावटीखुर्द)
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जवाब : सबसे पहले खून की जांच करानी पड़ेगी। जंक फूड, फास्ट फूड नहीं खाना है। बच्चे का तौलिया रोज बदले। साबुन, शैंपू का प्रयोग निर्देशानुसार करें।
सवाल : मेरा बच्चा आठ साल का है। बच्चे को जुकाम है, क्या एंटीबायोटिक दे सकते हैं। (रविंद्र चौहान, खंद्रावली)
जवाब: एंटीबायोटिक का इस्तेमाल खुद नहीं करें, योग्य चिकित्सक की सलाह पर ही प्रयोग करें। भाप का प्रयोग सुबह- शाम करें। ठंडे पेय एवं ठंडा रखा हुआ खाने को बच्चे को न दें।
सवाल : मेरी बेटी अनाया छह साल की है। उसका पेट खराब रहता है और ग्रोथ भी कम है। (अनुज, ऊन)
जवाब: बच्चे में आयरन और कैल्शियम की कमी हो सकती है। पेट की बीमारी के लिए सरकारी अस्पताल से निशुल्क दवाई मिल जाएगी। जंक फूड, फास्ट फूड व स्ट्रीट फूड बिल्कुल नहीं देना है।

सवाल : 17 वर्षीय बेटे को वायरल चल रहा है, मुंह भी लाल हो रहा है। (वरुण मलिक, रेलपार शामली)
जवाब: सबसे पहले उसके रक्त की जांच करवाना जरूरी है। पैरासिटामोल का प्रयोग कर सकते हैं। जिला अस्पताल में आकर दिखवाएं। जांच व दवा निशुल्क उपलब्ध है।
सवाल : मेरी बेटी लक्ष्मी 11 माह की है। उसे तीन दिन से शौच नहीं आ पा रहा है। (नितिन कुमार, ऊन)
जवाब : बोतल के माध्यम से दूध बिल्कुल नहीं पिलाना है। चम्मच, कटोरी से हर बार ताजा दूध दिन में दो घंटे बाद और रात में तीन घंटे बाद पिलाना है। साथ में आलू, चावल, दाल का पानी, खीर, हलवा आदि खिलाना है। दूध में पानी नहीं डाले। जब तक शौच न आए, तब तक दूध में चीनी की मात्रा ज्यादा रखें। बच्चे का समस्त टीकाकरण नजदीक के सरकारी अस्पताल या उप स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क कराएं।
सवाल : बच्चे की नाक बह रही है और जुकाम है। उसकी उम्र तीन साल है (जयेस अंसारी, कांधला)
जवाब : इसके कान, सिर और पैर ढककर रखने हैं। पैरासिटामोल सिरप पांच एमएल दिन में तीन बार दे सकते हैं। सुबह- शाम भांप देंगे तो फायदा होगा। ठंडा रखा खाना बिल्कुल भी नहीं खिलाए। समस्या ज्यादा हो तो अस्पताल में लाकर दिखाए।

सवाल : पांच साल के बच्चे रोहित को एलर्जी है। (गौरव, कांधला)
जवाब : बच्चे को साबुन, शैंपू से अच्छी तरह से नहलाना है। उसका अलग तौलिया रखना है। जिला अस्पताल में जांच कराए। जिला अस्पताल में निशुल्क जांच व उपचार की सुविधा है।

सवाल : बच्ची अनुप्रीत की उम्र एक साल है, कभी भी उल्टी करने लगती है, खांसी भी अधिक है। (भूपेश चौधरी, बाबरी)
जवाब : गाय का दूध बिना पानी मिलाए चम्मच, कटोरी से पिलाए। बोतल, निप्पल का प्रयोग बिल्कुल नहीं करें। बच्चे की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें एवं बच्चे को गर्म जगह में उचित तापक्रम पर रखें। जिला अस्पताल के 27 कमरा नंबर में उन्हें दिखा लें।
सवाल : बच्चे को पंद्रह दिन से अधिक समय से खांसी है। (प्रमोद कुमार, ऊन)
जवाब : बच्चे को जंकफूड, फास्ट फूड, बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ टॉफी, चॉकलेट आदि बिल्कुल नहीं दें। यदि खांसी 15 दिन से अधिक है और बलगम आ रहा है तो बलगम की जांच सरकारी अस्पताल में निशुल्क कराए। साथ ही उचित दवाई सरकारी अस्पताल से प्राप्त करें।

सवाल : मेरे बच्चे को दस्त लग रहे हैं, उम्र लगभग डेढ़ साल है। (शिवकुमार, शामली)
जवाब : बच्चे को निप्पल बोतल से दूध बिल्कुल नहीं पिलाए। दूध चम्मच, कटोरी से पिलाए। साथ में चावल, दाल, हलवा, खिचड़ी, आलू आदि जरूर खिलाए। बच्चा साफ खिलौनों से खेले और मुंह में न दे। चिकित्सक की सलाह से दवाई दे।
सवाल: मेरे बच्चे की उम्र दो वर्ष है। उसे पेट की समस्या रहती है। (अशरफ, शामली)
जवाब: बच्चे को निप्पल बोतल से दूध बिल्कुल नहीं पिलाना है। बच्चे का नियमित रूप से टीकाकरण नजदीक के सरकारी अस्पताल या उपकेंद्र पर समय से निशुल्क लगवाए। पेट की बीमारी के लिए अस्पताल में चिकित्सक की सलाह से दवा दिलाए।
सवाल : मैने झटके से वजन उठा लिया था। पैर और कमर में दर्द है क्या करें (अनुज, कुड़ाना)
जवाब: आपकी रीढ़ की हड्डी में समस्या हो सकती है। पहले सिटी स्कैन कराए। इसकी जिला अस्पताल में निशुल्क सुविधा है। इसे संंबंधित दवाइयां भी जिला अस्पताल से ही निशुल्क उपलब्ध है। झुककर वजन नहीं उठाना है, इससे राहत मिलेगी।
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