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Shamli News: बे मौसम बारिश ने उड़ाई किसानों की नींद, गेहूं की फसल को नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:05 AM IST
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शामली में कैराना रोड पर बरसात के बाद जलभराव । संवाद
- फोटो : संगठन
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शामली/जलालाबाद/चौसाना। जिले में एक बार फिर बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। मंगलवार दोपहर बाद बूंदाबांदी शुरू हुई जो पूरे दिन होती रही। बारिश से मौसम में ठंड बन गई। अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों ने बुधवार को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
मौसम का मिजाज में मंगलवार सुबह से बादल छाए हुए थे। दोपहर एक बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। इसके बाद रुक-रुककर कभी हल्की तो कभी मध्यम बारिश होती रही। बारिश से मौसम ठंडा बन गया। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार होने के कारण कटाई का कार्य चल रहा है। बारिश से गेहूं कटाई व थ्रेसिंग का कार्य रुक गया है। बारिश से गेहूं की फसल खराब होने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। उधर हवा से गिरी फसल में पानी भरने से भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
सरदार वल्ल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मौसम वैज्ञानिक यूपी शाही ने बताया कि बुधवार को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मध्यम वर्षा की प्रबल संभावना है। किसानों को सलाह है कि खराब मौसम के दौरान गेहूं की फसल की कटाई न करें।
जलालाबाद क्षेत्र में बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चलने से खेतों मेंं कटाई को तैयार गेहूं की फसलों को भारी नुकसान का खतरा बना हुआ है। इसके साथ ही बागवानों में आम के पेड़ों पर बौर (फूल) आने या छोटे फल बनने की प्रक्रिया चल रही है, तेज हवा के कारण इसे भी नुकसान हुआ है। किसान राजेश मुखिया, नरेंद्र चौधरी, जोगिंद्र, सलीम, साजी मलिक, राशिद आदि ने बताया कि हवा से फसल गिरने और हल्की बारिश से गेहूं की फसल में दाने की गुणवत्ता और चमक पर असर पड़ता है।
चौसाना क्षेत्र में हवा के साथ बारिश होने से गेहूं की फसल में नमी बनने से दाना काला होने की आशंका से किसान चिंतित है। गेहूं की बालियों में नमी अधिक होने से दाने काले पड़ने और वजन कम होने की आशंका भी बनी हुई है। आम के बागों में भी तेज हवाओं के कारण छोटे फल गिर रहे हैं, वहीं लगातार नमी के चलते आम के बौर में फफूंद लगने लगी है। इससे फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और पैदावार घटने की आशंका बढ़ गई है।
बोले किसान :
गांव टोडा निवासी अरविंद राठी ने बताया कि खेत में खड़ी तैयार गेहूं की फसल तेज हवाओं और बारिश से प्रभावित हो रही है, फसल गिरने और दाने खराब होने की चिंता है। अगर मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।
जिजौला निवासी मो. आकिल ने बताया कि आम के बाग में तेज हवाओं और बारिश से भारी नुकसान हुआ है, बौर गिरने के साथ फफूंद लगने लगी है। उन्होंने कहा कि इससे आम की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
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मौसम का मिजाज में मंगलवार सुबह से बादल छाए हुए थे। दोपहर एक बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। इसके बाद रुक-रुककर कभी हल्की तो कभी मध्यम बारिश होती रही। बारिश से मौसम ठंडा बन गया। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार होने के कारण कटाई का कार्य चल रहा है। बारिश से गेहूं कटाई व थ्रेसिंग का कार्य रुक गया है। बारिश से गेहूं की फसल खराब होने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। उधर हवा से गिरी फसल में पानी भरने से भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
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सरदार वल्ल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मौसम वैज्ञानिक यूपी शाही ने बताया कि बुधवार को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मध्यम वर्षा की प्रबल संभावना है। किसानों को सलाह है कि खराब मौसम के दौरान गेहूं की फसल की कटाई न करें।
जलालाबाद क्षेत्र में बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चलने से खेतों मेंं कटाई को तैयार गेहूं की फसलों को भारी नुकसान का खतरा बना हुआ है। इसके साथ ही बागवानों में आम के पेड़ों पर बौर (फूल) आने या छोटे फल बनने की प्रक्रिया चल रही है, तेज हवा के कारण इसे भी नुकसान हुआ है। किसान राजेश मुखिया, नरेंद्र चौधरी, जोगिंद्र, सलीम, साजी मलिक, राशिद आदि ने बताया कि हवा से फसल गिरने और हल्की बारिश से गेहूं की फसल में दाने की गुणवत्ता और चमक पर असर पड़ता है।
चौसाना क्षेत्र में हवा के साथ बारिश होने से गेहूं की फसल में नमी बनने से दाना काला होने की आशंका से किसान चिंतित है। गेहूं की बालियों में नमी अधिक होने से दाने काले पड़ने और वजन कम होने की आशंका भी बनी हुई है। आम के बागों में भी तेज हवाओं के कारण छोटे फल गिर रहे हैं, वहीं लगातार नमी के चलते आम के बौर में फफूंद लगने लगी है। इससे फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और पैदावार घटने की आशंका बढ़ गई है।
बोले किसान :
गांव टोडा निवासी अरविंद राठी ने बताया कि खेत में खड़ी तैयार गेहूं की फसल तेज हवाओं और बारिश से प्रभावित हो रही है, फसल गिरने और दाने खराब होने की चिंता है। अगर मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।
जिजौला निवासी मो. आकिल ने बताया कि आम के बाग में तेज हवाओं और बारिश से भारी नुकसान हुआ है, बौर गिरने के साथ फफूंद लगने लगी है। उन्होंने कहा कि इससे आम की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

शामली में कैराना रोड पर बरसात के बाद जलभराव । संवाद- फोटो : संगठन