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Shamli News: दथेड़ा गोशाला में पांच गोवंश मृत मिलने पर हंगामा
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 05 Jun 2026 12:43 AM IST
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दथेड़ा गोशाला में अधिकारियों का घेराव कर हंगामा करते लोग। संवाद
- फोटो : आजाद राइनी।
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चौसाना (शामली)। तहसील ऊन क्षेत्र के गांव दथेड़ा स्थित अस्थायी गोशाला में पांच गोवंश मृत मिलने के बाद बृहस्पतिवार को शिवसेना और गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ विवाद चार घंटे तक चला। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों, पशुपालन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जांच और कार्रवाई के आश्वासन के बाद दोपहर करीब 12 बजे मामला शांत हुआ।
चौसाना निवासी रंजीत राणा गोवंश को लेकर गोशाला पहुंचे थे। इस दौरान गोशाला परिसर में मृत पड़े पांच गोवंशों को देखकर रंजीत राणा ने अन्य लोगों को सूचना दी। कुछ ही देर में शिवसेना और गोरक्षा दल से जुड़े करीब 40 से 50 कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर डायल-112 पुलिस के साथ एसडीएम ऊन विनय प्रताप सिंह भदौरिया, डीपीआरओ संदीप अग्रवाल और पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इमरान भी गोशाला पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने गोवंशों की मौत की जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों की मौजूदगी में मृत गोवंशों को गोशाला परिसर के पीछे गड्ढा खुदवाकर दफना दिया गया। इसके बाद एसडीएम ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिस पर दोपहर करीब 12 बजे मामला शांत हो गया।
हंगामे के बाद शिवसेना पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी ऊन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। बालिस्टर छाछियान ने आरोप लगाया कि गौशाला में मृत एवं मरणासन्न गौवंशों का मामला गंभीर है। उन्होंने ग्राम प्रधान, संबंधित पशु चिकित्सक और सचिव की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई तथा मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
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एसडीएम ऊन विनय प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इमरान ने बताया कि मृत मिले गोवंशों में एक की अचानक मृत्यु हुई थी, जबकि दो बीमार गोवंशों की उपचार के दौरान मौत हुई है। अन्य मृत गोवंशों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
चौसाना निवासी रंजीत राणा गोवंश को लेकर गोशाला पहुंचे थे। इस दौरान गोशाला परिसर में मृत पड़े पांच गोवंशों को देखकर रंजीत राणा ने अन्य लोगों को सूचना दी। कुछ ही देर में शिवसेना और गोरक्षा दल से जुड़े करीब 40 से 50 कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर डायल-112 पुलिस के साथ एसडीएम ऊन विनय प्रताप सिंह भदौरिया, डीपीआरओ संदीप अग्रवाल और पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इमरान भी गोशाला पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने गोवंशों की मौत की जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों की मौजूदगी में मृत गोवंशों को गोशाला परिसर के पीछे गड्ढा खुदवाकर दफना दिया गया। इसके बाद एसडीएम ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिस पर दोपहर करीब 12 बजे मामला शांत हो गया।
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हंगामे के बाद शिवसेना पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी ऊन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। बालिस्टर छाछियान ने आरोप लगाया कि गौशाला में मृत एवं मरणासन्न गौवंशों का मामला गंभीर है। उन्होंने ग्राम प्रधान, संबंधित पशु चिकित्सक और सचिव की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई तथा मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
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