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Shravasti News: समितियों पर ताला, खाद संकट से किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 09 Jun 2026 12:17 AM IST
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बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति इकौना
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- धान की नर्सरी व गन्ने की ट्राप ड्रेसिंग के लिए किसानों को है खाद की जरूरत
वीरपुर। तराई में खरीफ सीजन के दौरान धान की नर्सरी डालने का काम तेज है। इकौना तहसील क्षेत्र में खाद की गंभीर समस्या बनी हुई है। समितियों पर खाद की कमी के कारण ताले लटके हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
कहीं सचिव तो कहीं खाद न होने से लटक रहा ताला
किसान एक बोरी खाद के लिए भटक रहे हैं, जिससे धान की नर्सरी और गन्ने की ट्रैप ड्रेसिंग में दिक्कत हो रही है। सोमवार की पड़ताल में कल्यानपुर कटरा और इकौना की बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समितियों पर ताला मिला। स्थानीय किसानों के अनुसार, नए सचिवों के कार्यभार ग्रहण करने में असमंजस के कारण खाद का आवंटन नहीं हो सका। इफको से संबंधित दुकानों आईएफडीसी और एग्री जंक्शन पर भी अप्रैल माह से खाद नहीं मिली है। नई समितियों गोपालपुर, रामापुर, परशुरामपुर को खाद मिली है, पर यह आवंटन ऊंट के मुंह में जीरा है। किसानों को केवल एक से दो बोरी खाद ही मिल पा रही है। किसान आईडी बनवाने के बाद भी किसान खाद नहीं पा रहे हैं।
निजी दुकानों का ही सहारा
रमवापुर डकाही निवासी किसान स्वामीनाथ तिवारी ने बताया कि समितियों पर खाद नहीं है। निजी दुकानों पर भी खाद कम है, जिससे संचालक निर्धारित दर से अधिक रुपये वसूल रहे हैं। चक्र भंडार निवासी किसान मनोहर लाल वर्मा ने बताया कि खाद के लिए कई प्रपत्र मांगे जा रहे हैं। उन्हें 40 बीघा खेत के लिए 15 बोरी यूरिया चाहिए, पर अभी एक बोरी ही मिली है। सरकार को समितियों पर खाद उपलब्ध करवानी चाहिए।
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कहीं सचिव तो कहीं खाद न होने से लटक रहा ताला
किसान एक बोरी खाद के लिए भटक रहे हैं, जिससे धान की नर्सरी और गन्ने की ट्रैप ड्रेसिंग में दिक्कत हो रही है। सोमवार की पड़ताल में कल्यानपुर कटरा और इकौना की बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समितियों पर ताला मिला। स्थानीय किसानों के अनुसार, नए सचिवों के कार्यभार ग्रहण करने में असमंजस के कारण खाद का आवंटन नहीं हो सका। इफको से संबंधित दुकानों आईएफडीसी और एग्री जंक्शन पर भी अप्रैल माह से खाद नहीं मिली है। नई समितियों गोपालपुर, रामापुर, परशुरामपुर को खाद मिली है, पर यह आवंटन ऊंट के मुंह में जीरा है। किसानों को केवल एक से दो बोरी खाद ही मिल पा रही है। किसान आईडी बनवाने के बाद भी किसान खाद नहीं पा रहे हैं।
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निजी दुकानों का ही सहारा
रमवापुर डकाही निवासी किसान स्वामीनाथ तिवारी ने बताया कि समितियों पर खाद नहीं है। निजी दुकानों पर भी खाद कम है, जिससे संचालक निर्धारित दर से अधिक रुपये वसूल रहे हैं। चक्र भंडार निवासी किसान मनोहर लाल वर्मा ने बताया कि खाद के लिए कई प्रपत्र मांगे जा रहे हैं। उन्हें 40 बीघा खेत के लिए 15 बोरी यूरिया चाहिए, पर अभी एक बोरी ही मिली है। सरकार को समितियों पर खाद उपलब्ध करवानी चाहिए।

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