{"_id":"696153ace8062687c80c2eda","slug":"construction-of-ayush-hospital-in-limbo-shravasti-news-c-104-1-slko1011-117122-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: आयुष चिकित्सालय का निर्माण अधर में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: आयुष चिकित्सालय का निर्माण अधर में
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 10 Jan 2026 12:44 AM IST
विज्ञापन
भिनगा में निर्माणाधीन आयुष चिकित्सालय। - संवाद
विज्ञापन
श्रावस्ती। भिनगा में निर्माणाधीन 50 बेड का एकीकृत आयुष चिकित्सालय अपने तय समय सीमा से एक वर्ष से अधिक पिछड़ गया है। मार्च 2022 में शुरू हुआ निर्माण कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक यह केवल भवन के ढांचे तक ही सीमित है। जिम्मेदार अधिकारी बजट की कमी को निर्माण कार्य में सुस्ती का मुख्य कारण बता रहे हैं।
परिवहन कार्यालय के निकट स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से यूपी पीसीएल को कार्यदायी संस्था नामित कर आयुष चिकित्सालय का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था द्वारा अब तक केवल चारदीवारी और दो मंजिला भवन का ढांचा ही तैयार किया गया है। भवन में प्लास्टर, बिजली की वायरिंग, पानी का पाइप, खिड़की-दरवाजे लगाने और फर्श जैसे महत्वपूर्ण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहे हैं।
बजट का अभाव बना रोड़ा, अप्रैल तक पूर्ण होने की उम्मीद
यूपीपीसीएल के जेई आकाश ने बताया कि निर्माण अवधि के दौरान समय पर बजट उपलब्ध न होने के कारण कार्य में देरी हुई है। हालांकि, अब कार्य को गति दी जा रही है और अप्रैल 2025 तक निर्माण कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है। चिकित्सालय के पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों को आयुर्वेदिक उपचार का लाभ मिलेगा।
आयुर्वेद से असाध्य रोगों से मुक्ति की आस
इस चिकित्सालय के निर्माण से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। आयुर्वेद के माध्यम से विभिन्न रोगों का उपचार संभव हो सकेगा, जिससे लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ मिल सकेगा। जिले में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध जड़ी-बूटियों के ज्ञान से असाध्य रोगों से भी मुक्ति पाने की आशा है।
Trending Videos
परिवहन कार्यालय के निकट स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से यूपी पीसीएल को कार्यदायी संस्था नामित कर आयुष चिकित्सालय का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था द्वारा अब तक केवल चारदीवारी और दो मंजिला भवन का ढांचा ही तैयार किया गया है। भवन में प्लास्टर, बिजली की वायरिंग, पानी का पाइप, खिड़की-दरवाजे लगाने और फर्श जैसे महत्वपूर्ण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बजट का अभाव बना रोड़ा, अप्रैल तक पूर्ण होने की उम्मीद
यूपीपीसीएल के जेई आकाश ने बताया कि निर्माण अवधि के दौरान समय पर बजट उपलब्ध न होने के कारण कार्य में देरी हुई है। हालांकि, अब कार्य को गति दी जा रही है और अप्रैल 2025 तक निर्माण कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है। चिकित्सालय के पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों को आयुर्वेदिक उपचार का लाभ मिलेगा।
आयुर्वेद से असाध्य रोगों से मुक्ति की आस
इस चिकित्सालय के निर्माण से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। आयुर्वेद के माध्यम से विभिन्न रोगों का उपचार संभव हो सकेगा, जिससे लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ मिल सकेगा। जिले में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध जड़ी-बूटियों के ज्ञान से असाध्य रोगों से भी मुक्ति पाने की आशा है।