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पर्याप्त है जिले में खाद की उपलब्धता: डीएओ
Thu, 30 Jul 2026 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:01 AM IST
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श्रावस्ती। कृषि विभाग की ओर से बुधवार को खाद की उपलब्धता को लेकर एडवाइजरी जारी की गई। जिला कृषि अधिकारी (डीएओ) उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में किसानों की जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आवश्यकता के अनुसार ही खाद खरीदें। साथ ही उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए कि खाद के साथ किसी अन्य वस्तु की अनावश्यक बिक्री न करें।
डीएओ ने बताया कि जिले में वर्तमान में 86980 क्विंटल यूरिया, 22704.7 क्विंटल डीएपी और 22404.6 क्विंटल एनपीके उपलब्ध है। रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग खेत की उर्वरा शक्ति को कम कर देता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही खाद का प्रयोग किया जाए।
उन्होंने सहकारी समितियों और उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि पीओएस मशीन के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज क्षेत्रफल के आधार पर ही उर्वरक का वितरण किया जाए। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में उपलब्ध स्टॉक और पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक में अंतर मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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विक्रेताओं को उर्वरक वितरण रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट करने व प्रत्येक किसान का मोबाइल नंबर, फार्मर रजिस्ट्री नंबर और क्षेत्रफल दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान स्वयं उर्वरक लेने नहीं पहुंच सकता है तो उसके परिवार का अन्य सदस्य आधार ओटीपी के माध्यम से खाद खरीद सकता है।
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डीएओ ने बताया कि जिले में वर्तमान में 86980 क्विंटल यूरिया, 22704.7 क्विंटल डीएपी और 22404.6 क्विंटल एनपीके उपलब्ध है। रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग खेत की उर्वरा शक्ति को कम कर देता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही खाद का प्रयोग किया जाए।
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उन्होंने सहकारी समितियों और उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि पीओएस मशीन के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज क्षेत्रफल के आधार पर ही उर्वरक का वितरण किया जाए। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में उपलब्ध स्टॉक और पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक में अंतर मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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विक्रेताओं को उर्वरक वितरण रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट करने व प्रत्येक किसान का मोबाइल नंबर, फार्मर रजिस्ट्री नंबर और क्षेत्रफल दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान स्वयं उर्वरक लेने नहीं पहुंच सकता है तो उसके परिवार का अन्य सदस्य आधार ओटीपी के माध्यम से खाद खरीद सकता है।