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मनुष्य और प्रकृति अलग नहीं हैं : प्रवीण बौद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:35 AM IST
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जगतजीत इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोग।
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कटरा। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान और संस्कृति विभाग ने मंगलवार को जगतजीत इंटर कॉलेज में बोधी पथ कार्यशाला आयोजित की। इसमें पर्यावरणविद प्रवीण कुमार बौद्ध मुख्य अतिथि रहे।
प्रवीण बौद्ध ने कहा कि बुद्ध का पर्यावरण दृष्टिकोण गहन अंतर्संबंध, करुणा और सतत उपभोग पर आधारित है। उन्होंने बताया कि मनुष्य और प्रकृति एक-दूसरे पर निर्भर हैं। प्रकृति को नुकसान पहुंचाना स्वयं को नुकसान पहुंचाने जैसा है। प्रधानाचार्य राम बिहारी वाजपेई ने कहा कि बौद्ध धर्म अहिंसा और करुणा को सर्वोच्च स्थान देता है, जो पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा है। उन्होंने बुद्ध के विचार साझा किए कि अत्यधिक उपभोग और लालच पर्यावरण संकट का मूल कारण हैं। प्रधानाचार्य तौकीर अहमद ने बताया कि बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण प्रकृति की गोद में हुए थे।
प्रवीण बौद्ध ने कहा कि बुद्ध का पर्यावरण दृष्टिकोण गहन अंतर्संबंध, करुणा और सतत उपभोग पर आधारित है। उन्होंने बताया कि मनुष्य और प्रकृति एक-दूसरे पर निर्भर हैं। प्रकृति को नुकसान पहुंचाना स्वयं को नुकसान पहुंचाने जैसा है। प्रधानाचार्य राम बिहारी वाजपेई ने कहा कि बौद्ध धर्म अहिंसा और करुणा को सर्वोच्च स्थान देता है, जो पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा है। उन्होंने बुद्ध के विचार साझा किए कि अत्यधिक उपभोग और लालच पर्यावरण संकट का मूल कारण हैं। प्रधानाचार्य तौकीर अहमद ने बताया कि बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण प्रकृति की गोद में हुए थे।
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