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Shravasti News: सावधानी अपनाकर फसलों को करें सुरक्षित
Mon, 13 Jul 2026 01:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 13 Jul 2026 01:50 AM IST
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श्रावस्ती। कृषि विभाग संचारी रोग नियंत्रण अभियान चला रहा है। इसके तहत किसानों को चूहा व छछुंदर नियंत्रण के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। किसान कुछ सावधानियां अपनाकर इन जीवों पर नियंत्रण कर सकते हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी नत्थू लाल गंगवार ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान-2026 का दूसरा चरण 31 जुलाई तक चलेगा। चूहा और छछुंदर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। ये लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस जैसे संचारी रोगों का प्रसार भी करते हैं। इसलिए इन पर नियंत्रण आवश्यक है।
कार्ययोजना
पहले दिन घरों व खेतों के बिलों का निरीक्षण कर उन्हें बंद करें। दूसरे व तीसरे दिन खुले बिलों में बिना जहर वाला चारा रखें। यह चारा सरसों तेल में भुने दाने का होना चाहिए। चौथे दिन जिंक फास्फाइड युक्त जहरीला चारा बिलों में डालें। पांचवें दिन मरे हुए चूहों को आबादी से दूर गहरे गड्ढे में दबा दें। छठवें दिन इन बिलों को अच्छी तरह बंद कर दें।
बचाव के अन्य उपाय
अनाज का भंडारण पक्के, कंक्रीट या धातु के पात्रों में करें। चूहेदानी का प्रयोग करें। बिल्ली और उल्लू जैसे चूहों के प्राकृतिक शत्रुओं का संरक्षण करें। रसायनों का प्रयोग करते समय दस्ताने पहनें। इन्हें बच्चों व पशुओं की पहुंच से दूर रखें। सभी गांवों में बैठकें आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। लोगों को 50 फीसदी अनुदान पर मूषकनाशी रसायन भी मिलेगा।
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कार्ययोजना
पहले दिन घरों व खेतों के बिलों का निरीक्षण कर उन्हें बंद करें। दूसरे व तीसरे दिन खुले बिलों में बिना जहर वाला चारा रखें। यह चारा सरसों तेल में भुने दाने का होना चाहिए। चौथे दिन जिंक फास्फाइड युक्त जहरीला चारा बिलों में डालें। पांचवें दिन मरे हुए चूहों को आबादी से दूर गहरे गड्ढे में दबा दें। छठवें दिन इन बिलों को अच्छी तरह बंद कर दें।
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बचाव के अन्य उपाय
अनाज का भंडारण पक्के, कंक्रीट या धातु के पात्रों में करें। चूहेदानी का प्रयोग करें। बिल्ली और उल्लू जैसे चूहों के प्राकृतिक शत्रुओं का संरक्षण करें। रसायनों का प्रयोग करते समय दस्ताने पहनें। इन्हें बच्चों व पशुओं की पहुंच से दूर रखें। सभी गांवों में बैठकें आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। लोगों को 50 फीसदी अनुदान पर मूषकनाशी रसायन भी मिलेगा।
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