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Shravasti News: बदला मौसम, किसानों के लिए बना आफत
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:26 PM IST
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बदला चौराहे पर बूंदाबांदी के बीच निकलते लोग।
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श्रावस्ती/गिरंट बाजार/ तुलसीपुर। तराई में रविवार सुबह से ही काले घने बादल छाए रहे और पूरे दिन बूंदाबांदी होती रही। इससे किसानों की धड़कने बढ़ गईं। साथ ही तेज हवा के थपेड़ों ने फसलों को प्रभावित किया।
गेहूं की फसल लगभग पक चुकी है। वहीं मसूर, मटर व चना की फसल अब फूल पर है। साथ ही आम के पेड़ बौर से लदे हुए हैं। ऐसे में बिगड़े मौसम से किसान चिंतित हैं। सुबह से छाए काले बादल आठ बजे से बूंद बनकर बरसने लगे। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश ने खेतों में नमी पैदा कर दी। इससे जो किसान गेहूं कटाने की तैयारी कर रहे थे उन्हें करीब तीन से चार दिन अब इंतजार करना पड़ेगा। तराई का तापमान अधिकतम 29 व न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहा।
किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बालेपुरवा निवासी किसान सुंदरलाल यादव ने बताया कि गेहूं की फसल लगभग पक चुकी है। लेकिन हल्की सी बारिश से फसल को काटने का काम पिछड़ जाएगा। गीले फसल को काटने से दाने का नुकसान होगा। गिरंट बाजार निवासी गोली राम साहू ने बताया कि सरसो की फसल खेत में कटी पड़ी है। यदि अधिक बारिश होती है तो दाने अंकुरित हो जाएंगे और फसल खराब हो जाएगी। बड़घरपुरवा निवासी हरिद्वार प्रसाद ने बताया कि उनके आम के पेड़ में बौर लगे हुए हैं, जो बारिश के बाद खराब हो जाएंगे। सुजानडीह निवासी संतराम ने बताया कि हवा से फसल के गिरने की संभावना बनी हुई है। यदि ऐसा हुआ तो काफी नुकसान हो सकता है।
बारिश अधिक होने पर फसलों को ज्यादा नुकसान होगा। फिलहाल अभी फसलों के नुकसान की स्थिति नहीं है। इस तरह की बूंदाबांदी के बाद यदि दूसरे दिन धूप निकल आती है तो फसलों को विशेष नुकसान नहीं होगा।
- बलजीत बहादुर वर्मा, प्रभारी जिला कृषि अधिकारी
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गेहूं की फसल लगभग पक चुकी है। वहीं मसूर, मटर व चना की फसल अब फूल पर है। साथ ही आम के पेड़ बौर से लदे हुए हैं। ऐसे में बिगड़े मौसम से किसान चिंतित हैं। सुबह से छाए काले बादल आठ बजे से बूंद बनकर बरसने लगे। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश ने खेतों में नमी पैदा कर दी। इससे जो किसान गेहूं कटाने की तैयारी कर रहे थे उन्हें करीब तीन से चार दिन अब इंतजार करना पड़ेगा। तराई का तापमान अधिकतम 29 व न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहा।
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किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बालेपुरवा निवासी किसान सुंदरलाल यादव ने बताया कि गेहूं की फसल लगभग पक चुकी है। लेकिन हल्की सी बारिश से फसल को काटने का काम पिछड़ जाएगा। गीले फसल को काटने से दाने का नुकसान होगा। गिरंट बाजार निवासी गोली राम साहू ने बताया कि सरसो की फसल खेत में कटी पड़ी है। यदि अधिक बारिश होती है तो दाने अंकुरित हो जाएंगे और फसल खराब हो जाएगी। बड़घरपुरवा निवासी हरिद्वार प्रसाद ने बताया कि उनके आम के पेड़ में बौर लगे हुए हैं, जो बारिश के बाद खराब हो जाएंगे। सुजानडीह निवासी संतराम ने बताया कि हवा से फसल के गिरने की संभावना बनी हुई है। यदि ऐसा हुआ तो काफी नुकसान हो सकता है।
बारिश अधिक होने पर फसलों को ज्यादा नुकसान होगा। फिलहाल अभी फसलों के नुकसान की स्थिति नहीं है। इस तरह की बूंदाबांदी के बाद यदि दूसरे दिन धूप निकल आती है तो फसलों को विशेष नुकसान नहीं होगा।
- बलजीत बहादुर वर्मा, प्रभारी जिला कृषि अधिकारी

बदला चौराहे पर बूंदाबांदी के बीच निकलते लोग।