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Shravasti News: नुक्कड़ नाटक में समझाया स्तनपान का महत्व
Fri, 07 Aug 2026 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:36 PM IST
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श्रावस्ती। जमुनहा में शुक्रवार को आईसीडीएस विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सहयोग से विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत नुक्कड़ नाटक आयोजित हुआ। इस दौरान अभिनय के माध्यम से लोगों को स्तनपान के प्रति जागरूक किया गया। विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतिम दिन प्रोग्रेसिव फाउंडेशन ने भी यह नाटक प्रस्तुत किया।
नाटक में मातृत्व पोषण, बच्चों में कुपोषण की रोकथाम और छह माह के बाद ऊपरी आहार की आवश्यकता पर रोचक ढंग से जानकारी दी गई। बताया गया कि नवजात शिशु के लिए मां का पहला गाढ़ा पीला दूध बेहद आवश्यक है, जो उसे जीवनभर कई बीमारियों से बचाता है। बच्चे को छह महीने तक सिर्फ मां का दूध देना चाहिए। छह महीने की उम्र पूरी होने पर शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए मां के दूध के साथ ऊपरी आहार की शुरुआत करनी चाहिए। कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधक नीरज वर्मा और ब्लॉक परियोजना प्रबंधक अजय कुमार शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे। विश्व स्तनपान सप्ताह का समापन कार्यक्रम गोरखपुर एम्स में आयोजित किया गया। इस दौरान जिले का प्रतिनिधित्व यूनिसेफ के एपीसी अनुराग सिंह ने किया। उन्होंने एक से सात अगस्त तक चलाए गए जागरूकता कार्यक्रम व अन्य कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया। इसके लिए एम्स प्रशासन की ओर से अनुराग को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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नाटक में मातृत्व पोषण, बच्चों में कुपोषण की रोकथाम और छह माह के बाद ऊपरी आहार की आवश्यकता पर रोचक ढंग से जानकारी दी गई। बताया गया कि नवजात शिशु के लिए मां का पहला गाढ़ा पीला दूध बेहद आवश्यक है, जो उसे जीवनभर कई बीमारियों से बचाता है। बच्चे को छह महीने तक सिर्फ मां का दूध देना चाहिए। छह महीने की उम्र पूरी होने पर शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए मां के दूध के साथ ऊपरी आहार की शुरुआत करनी चाहिए। कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधक नीरज वर्मा और ब्लॉक परियोजना प्रबंधक अजय कुमार शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे। विश्व स्तनपान सप्ताह का समापन कार्यक्रम गोरखपुर एम्स में आयोजित किया गया। इस दौरान जिले का प्रतिनिधित्व यूनिसेफ के एपीसी अनुराग सिंह ने किया। उन्होंने एक से सात अगस्त तक चलाए गए जागरूकता कार्यक्रम व अन्य कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया। इसके लिए एम्स प्रशासन की ओर से अनुराग को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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