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Sultanpur News: तीन डॉक्टर नदारद, ताले में बंद सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:26 PM IST
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अस्पताल में बंद टीकाकरण कक्ष। संवाद
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करौंदीकला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करौंदीकला में मंगलवार को पड़ताल में व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आ गई। अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति नहीं थी जबकि कई जरूरी कमरों पर ताले लटके मिले। इसका असर इलाज के लिए पहुंचे मरीजों पर पड़ा।
दोपहर 12:38 बजे तक अस्पताल में डॉ. सूर्यभान, डॉ. रिंकी और डॉ. सोनम ओपीडी में मरीज देखते मिले, लेकिन सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. ऋचा चौधरी और डॉ. आकाश अनुपस्थित थे। अस्पताल में मुख्य फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, लैब सहायक और एक्सरे टेक्नीशियन मौजूद मिले, लेकिन एलटी कक्ष, फार्मासिस्ट ड्यूटी कक्ष, टीकाकरण कक्ष, माइनर ओटी और ड्राई रूम बंद पड़े थे।
हिंदुआबाद निवासी संतलाल ने बताया कि जुकाम-बुखार की जांच के लिए सीबीसी टेस्ट अस्पताल में नहीं हो रहा, जिससे उन्हें बाहर जाना पड़ रहा है। शहाबुद्दीनपुर की अनीता ने बताया कि पेट दर्द के बावजूद आभा कार्ड न होने पर परचा नहीं बना। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन और जनरेटर की भी व्यवस्था नहीं है। मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। इमरजेंसी सेवाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है, रात में आने वाले अधिकतर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। दुर्घटना के मामलों में भी प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को बाहर भेजना मजबूरी बन गया है।
विशेषज्ञों की कमी से बढ़ी परेशानी
अस्पताल में हड्डी रोग, बाल रोग, नेत्र रोग और सर्जन जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मौजूद चिकित्सकों ने किया इलाज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि मीटिंग में होने से जिला मुख्यालय आया था। डॉ. आकाश और डॉ. ऋचा चौधरी छुट्टी पर हैं। फिलहाल मौजूद अन्य चिकित्सकों ने आए मरीजों का इलाज किया।
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दोपहर 12:38 बजे तक अस्पताल में डॉ. सूर्यभान, डॉ. रिंकी और डॉ. सोनम ओपीडी में मरीज देखते मिले, लेकिन सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. ऋचा चौधरी और डॉ. आकाश अनुपस्थित थे। अस्पताल में मुख्य फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, लैब सहायक और एक्सरे टेक्नीशियन मौजूद मिले, लेकिन एलटी कक्ष, फार्मासिस्ट ड्यूटी कक्ष, टीकाकरण कक्ष, माइनर ओटी और ड्राई रूम बंद पड़े थे।
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हिंदुआबाद निवासी संतलाल ने बताया कि जुकाम-बुखार की जांच के लिए सीबीसी टेस्ट अस्पताल में नहीं हो रहा, जिससे उन्हें बाहर जाना पड़ रहा है। शहाबुद्दीनपुर की अनीता ने बताया कि पेट दर्द के बावजूद आभा कार्ड न होने पर परचा नहीं बना। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन और जनरेटर की भी व्यवस्था नहीं है। मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। इमरजेंसी सेवाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है, रात में आने वाले अधिकतर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। दुर्घटना के मामलों में भी प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को बाहर भेजना मजबूरी बन गया है।
विशेषज्ञों की कमी से बढ़ी परेशानी
अस्पताल में हड्डी रोग, बाल रोग, नेत्र रोग और सर्जन जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मौजूद चिकित्सकों ने किया इलाज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि मीटिंग में होने से जिला मुख्यालय आया था। डॉ. आकाश और डॉ. ऋचा चौधरी छुट्टी पर हैं। फिलहाल मौजूद अन्य चिकित्सकों ने आए मरीजों का इलाज किया।