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Shravasti News: मौसम की बेरुखी...खेतों में पड़ीं दरारें
Sat, 01 Aug 2026 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:57 PM IST
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वीरपुर क्षेत्र के खेत में पड़ी दरारें
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श्रावस्ती/वीरपुर। मौसम की बेरुखी ने तराई क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के कई इलाकों में एक सप्ताह तो कहीं दो सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। लगातार बारिश न होने से धान के खेतों की नमी खत्म होने लगी है और खेतों में दरारें पड़ गई हैं। इससे किसानों की फसल सूखने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, उमस भरी गर्मी से आम जनजीवन भी प्रभावित है।
किसानों ने किसी तरह धान की रोपाई पूरी कर ली थी और उन्हें अच्छी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन अपेक्षित वर्षा नहीं होने से अब फसल बचाना बड़ी चुनौती बन गई है। कम बारिश के कारण भूमि की नमी तेजी से घट रही है, जबकि किसानों को सिंचाई के लिए अधिक भूगर्भ जल का उपयोग करना पड़ रहा है। इसके लिए वे पंपिंग सेट, ट्यूबवेल और अन्य सिंचाई साधनों का सहारा ले रहे हैं, जिससे लागत भी बढ़ रही है।
वीरपुर क्षेत्र में लगभग दो सप्ताह पहले हुई बारिश से किसानों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन उसके बाद वर्षा नहीं होने से खेत फिर सूख गए हैं। दिनभर बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
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छलका किसानों का दर्द
धान की रोपाई पूरी होने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों की नमी खत्म हो रही है और फसल बचाना किसानों के लिए चुनौती बन गया है। महदेईया गांव निवासी किसान पदुमनाथ ने बताया कि इस बार धान की फसल तैयार करने में काफी दिक्कत आ रही है। मलमास के कारण बारिश देर से होने की उम्मीद में उन्होंने पंपिंग सेट से सिंचाई कर धान की रोपाई कर दी, लेकिन बारिश न होने से पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे लागत काफी बढ़ जाएगी।
किसान प्रमोद मिश्रा ने बताया कि अभी तक खाद के लिए भटकना पड़ रहा था। खाद उपलब्ध हुई है तो खेतों में नमी न होने से उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। अच्छी बारिश होने पर ही समस्या का समाधान संभव है। कटरा निवासी अनिल शुक्ला ने कहा, दो सप्ताह से बारिश नहीं हुई है, जबकि पहले सावन में तीन-चार दिन लगातार बारिश होती थी। बिना बारिश के केवल साधन-संपन्न किसान ही धान की फसल तैयार कर पाएंगे।
बारिश न होने से धान के खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और पैदावार घटने की आशंका बढ़ गई है। पूरे दिन काले बादल और तेज हवाएं चलने के बावजूद बारिश नहीं हो रही। किसान इंद्रदेव से बारिश की प्रार्थना कर रहे हैं, जबकि कई किसान पंपिंग सेट व अन्य उपकरणों से सिंचाई कर फसल बचाने में जुटे हैं। वीरपुर क्षेत्र के किसान पदुम, ननके, राजकुमार, बजरंगी और बाबा दीन सहित अन्य किसानों ने भी बारिश की कमी से फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई।
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किसानों ने किसी तरह धान की रोपाई पूरी कर ली थी और उन्हें अच्छी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन अपेक्षित वर्षा नहीं होने से अब फसल बचाना बड़ी चुनौती बन गई है। कम बारिश के कारण भूमि की नमी तेजी से घट रही है, जबकि किसानों को सिंचाई के लिए अधिक भूगर्भ जल का उपयोग करना पड़ रहा है। इसके लिए वे पंपिंग सेट, ट्यूबवेल और अन्य सिंचाई साधनों का सहारा ले रहे हैं, जिससे लागत भी बढ़ रही है।
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वीरपुर क्षेत्र में लगभग दो सप्ताह पहले हुई बारिश से किसानों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन उसके बाद वर्षा नहीं होने से खेत फिर सूख गए हैं। दिनभर बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
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छलका किसानों का दर्द
धान की रोपाई पूरी होने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों की नमी खत्म हो रही है और फसल बचाना किसानों के लिए चुनौती बन गया है। महदेईया गांव निवासी किसान पदुमनाथ ने बताया कि इस बार धान की फसल तैयार करने में काफी दिक्कत आ रही है। मलमास के कारण बारिश देर से होने की उम्मीद में उन्होंने पंपिंग सेट से सिंचाई कर धान की रोपाई कर दी, लेकिन बारिश न होने से पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे लागत काफी बढ़ जाएगी।
किसान प्रमोद मिश्रा ने बताया कि अभी तक खाद के लिए भटकना पड़ रहा था। खाद उपलब्ध हुई है तो खेतों में नमी न होने से उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। अच्छी बारिश होने पर ही समस्या का समाधान संभव है। कटरा निवासी अनिल शुक्ला ने कहा, दो सप्ताह से बारिश नहीं हुई है, जबकि पहले सावन में तीन-चार दिन लगातार बारिश होती थी। बिना बारिश के केवल साधन-संपन्न किसान ही धान की फसल तैयार कर पाएंगे।
बारिश न होने से धान के खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और पैदावार घटने की आशंका बढ़ गई है। पूरे दिन काले बादल और तेज हवाएं चलने के बावजूद बारिश नहीं हो रही। किसान इंद्रदेव से बारिश की प्रार्थना कर रहे हैं, जबकि कई किसान पंपिंग सेट व अन्य उपकरणों से सिंचाई कर फसल बचाने में जुटे हैं। वीरपुर क्षेत्र के किसान पदुम, ननके, राजकुमार, बजरंगी और बाबा दीन सहित अन्य किसानों ने भी बारिश की कमी से फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई।