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Siddharthnagar News: आधार या जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में नहीं रुकेगा प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 01:10 AM IST
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सिद्धार्थनगर। अब आधार और जन्म प्रमाण पत्र के बिना भी निजी विद्यालयों में बच्चों को प्रवेश मिल सकेगा। विद्यालय प्रबंधन आधार और जन्म प्रमाण पत्र न होने पर दाखिले के लिए मना नहीं कर सकेंगे।
निजी विद्यालयों में प्रवेश के समय होने वाली परेशानी को देखते हुए शासन ने नियम में बदलाव किया है। अधिकांश बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन पाता था, जिससे उनके दाखिले में अभिभावकों को परेशानी से गुजरना पड़ता था। इससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।
विद्यालयों में बच्चों की वास्तविक जानकारी और सही डाटा और दो जगहों पर होने वाले नामांकन की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए विद्यालयों में बच्चों के दाखिले पर आधार के साथ ही जन्म प्रमाण पत्र भी अभिलेख के रूप में जमा कराने की योजना थी।
मगर, सरकारी हो या फिर निजी विद्यालय दोनों जगह नियम के प्रभावी होने के कारण अभिभावकों को बच्चों का दाखिला कराने में परेशानी होती थी। क्योंकि, आधार कार्ड तो किसी प्रकार बन जाता था, लेकिन घर पर जन्म लेने वाले बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र बनवाना और विद्यालय में जमा करने अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती थी। इसकी वजह से निजी विद्यालयों में तो बच्चों का दाखिला ही नहीं लिया जा रहा था। इससे बड़ी संख्या में बच्चों का पंजीकरण करवाने में परेशानी हो रही थी। शासन ने इस पर ठोस कदम उठाते हुए बड़ी राहत दी है। अब प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र में जन्म प्रमाण पत्र और आधार पहचान संबंधी दस्तावेजों के अभाव में कोई बच्चा परिषदीय स्कूलों में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, बच्चों के संबंध में अभिभावक की ओर से दी गई सूचना को प्रवेश के लिए मान्य किया जाए ताकि कोई भी बच्चा विद्यालयों में प्रवेश व पढ़ाई से वंचित न रहे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी और डीआईओएस को दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी विद्यालय में प्रवेश में दिक्कत आ रही है और कोई शिकायत मिल रही है तो इसका निस्तारण करवाएं।
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निजी विद्यालयों में प्रवेश के समय होने वाली परेशानी को देखते हुए शासन ने नियम में बदलाव किया है। अधिकांश बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन पाता था, जिससे उनके दाखिले में अभिभावकों को परेशानी से गुजरना पड़ता था। इससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।
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विद्यालयों में बच्चों की वास्तविक जानकारी और सही डाटा और दो जगहों पर होने वाले नामांकन की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए विद्यालयों में बच्चों के दाखिले पर आधार के साथ ही जन्म प्रमाण पत्र भी अभिलेख के रूप में जमा कराने की योजना थी।
मगर, सरकारी हो या फिर निजी विद्यालय दोनों जगह नियम के प्रभावी होने के कारण अभिभावकों को बच्चों का दाखिला कराने में परेशानी होती थी। क्योंकि, आधार कार्ड तो किसी प्रकार बन जाता था, लेकिन घर पर जन्म लेने वाले बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र बनवाना और विद्यालय में जमा करने अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती थी। इसकी वजह से निजी विद्यालयों में तो बच्चों का दाखिला ही नहीं लिया जा रहा था। इससे बड़ी संख्या में बच्चों का पंजीकरण करवाने में परेशानी हो रही थी। शासन ने इस पर ठोस कदम उठाते हुए बड़ी राहत दी है। अब प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र में जन्म प्रमाण पत्र और आधार पहचान संबंधी दस्तावेजों के अभाव में कोई बच्चा परिषदीय स्कूलों में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, बच्चों के संबंध में अभिभावक की ओर से दी गई सूचना को प्रवेश के लिए मान्य किया जाए ताकि कोई भी बच्चा विद्यालयों में प्रवेश व पढ़ाई से वंचित न रहे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी और डीआईओएस को दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी विद्यालय में प्रवेश में दिक्कत आ रही है और कोई शिकायत मिल रही है तो इसका निस्तारण करवाएं।