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Siddharthnagar News: हिंसा से आक्रोश, कई इलाकों में प्रदर्शन, निषेधाज्ञा लागू
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 01:19 AM IST
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नेपाल के चंद्रोटा के शिवराज हास्पिटल आंसूगैस के गोले छोड़े गए। स्रोत विज्ञप्ति
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सिद्धार्थनगर/ढेबरुआ। सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के महाराजगंज नगर पालिका के बरगदा में ईद के दिन काली माता मंदिर में पूजा के दौरान हुई तोड़फोड़ के बाद सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। घायलों की संख्या बढ़ कर 23 हो गई है।
वहीं, दंगे की आग की आंच सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचने लगी है। हिंदू संगठनों में आक्रोश और उबाल है। इस बीच पुलिस ने दंगा भड़काने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।
जिले के सभी चौक चौराहों पर रविवार को हिन्दू संगठनों ने टायर जलाया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, पकड़ी, बररोहिया, तौलिहवा, लबनी, बूटहनिया, बहादुरगंज में लोगों ने दुकान बंद कर विरोध जताया। कई स्थानों पर टायर जलाकर प्रदर्शन करने के साथ दंगा भड़काने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
हिंसा को रोकने के लिए कपिलवस्तु जिले के रविवार को जिला प्रशासन कार्यालय तौलिहवा में आयोजित कोऑर्डिनेशन हार्मनी मीटिंग में शांति बहाली और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जेन-जी आंदोलन देख चुके प्रशासन ने शांति की बैठक के साथ ही निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके बाद सभा, विरोध प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सीमावर्ती इलाके में मिश्रित आबादी और बढ़ी संख्या में धार्मिक स्थल होने के नाते अलर्ट घोषित किया गया है।
सीमावर्ती थाने की पुलिस और एसएसबी के जवान मार्च करते हुए देखे गए। वहीं, नेपाल सशस्त्र बल और पुलिस व खुफिया टीम भी शांति बहाली में जुटी रही।
पत्थरबाजी में घायल हुए 17 पुलिसकर्मी: ढेबरुआ। सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के महाराजगंज नगर पालिका के बरगदा में ईद के दिन काली माता मंदिर में पूजा के दौरान हुए तोड़फोड़ हुई। इसके बाद सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। मामले में मंदिर पर कथित हमले के विरोध में प्रदर्शन कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने गोली चलाई, जिसमे छह लोग घायल हो गए थे। इस दौरान भीड़ ने भी ईंट-पत्थर फेंके, जिसमें 17 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। हालात को बिगड़ता देख नेपाल प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया था। नेपाल के कपिलवस्तु जिला प्रशासन के अनुसार पुलिस ने नौ लोगों गिरफ्तार किया गया है। शनिवार को भंसार कार्यालय बंद था, जिसे लगभग 36 घंटे बाद रविवार शाम में खोल दिया गया।
बात दें कि शनिवार को सुबह नौ बजे बहादुरगंज तौलिहवा के बीच में बरगदी घाट के पास स्थित मंदिर के कुछ ही दूरी पर स्थित मस्जिद में ईद की नमाज अदा की जा रही थी। इस दौरान मंदिर में भी भजन-कीर्तन चल रहा था। आरोप है कि ईद की नमाज अदा करने के दो घंटे के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मंदिर पर पहुंचकर तोड़फोड़ की। इस मामले की जानकारी जब हिन्दू संगठन के लोगों को हुई तो बरगदी घाट से आगे बुटहानियां चौराहे के पास मंदिर पर तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ हिंदू समुदाय के लोग नारेबाजी कर गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इसी दौरान नेपाल कपिलवस्तु के जिला अधिकारी और पुलिस कप्तान भी मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। भीड़ को बेकाबू देख पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे थे। उसके बाद भीड़ ने ईंट और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिसमें 17 पुलिसकर्मी घायल हो गए। जब भीड़ बेकाबू हो गई तो नेपाल प्रहरी ने गोली चला दी। इसमें छह लोग घायल हो गए। उसके बाद जिलाधिकारी भविश्वर घिमरे और पुलिस कप्तान संतोष आचार्य के आदेश पर पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर कर्फ्यू लगा दिया गया था। कपिलवस्तु में तनाव के बाद निषेधाज्ञा लागू : खुनुवां। नेपाल के कपिलवस्तु में तनाव के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। रविवार को जिला प्रशासन कार्यालय तौलिहवा में आयोजित कोऑर्डिनेशन हार्मनी मीटिंग में शांति बहाली और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। हिंसा पर पूर्ण रोक और शांति बनाए रखने की अपील मीटिंग में दोनों समुदायों से अपील की गई कि भविष्य में कोई भी भड़काऊ या हिंसक गतिविधि नहीं की जाएगी, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी घटना में शामिल कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी दोषियों को पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने गृह मंत्रालय और महाराजगंज नगरपालिका से घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
अफवाह और हेट स्पीच पर कड़ी नजर : प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति अफवाह फैलाता है। हेट स्पीच करता है या लोगों को अशांति के लिए उकसाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महाराजगंज नगरपालिका को निर्देश दिए गए हैं कि वह स्थानीय स्तर पर जागरूकता और आपसी सुलह के कार्यक्रम चलाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर पीड़ितों को सहायता देने और बाजार, शिक्षण संस्थानों व सार्वजनिक सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए समन्वय स्थापित करे।
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वहीं, दंगे की आग की आंच सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचने लगी है। हिंदू संगठनों में आक्रोश और उबाल है। इस बीच पुलिस ने दंगा भड़काने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।
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जिले के सभी चौक चौराहों पर रविवार को हिन्दू संगठनों ने टायर जलाया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, पकड़ी, बररोहिया, तौलिहवा, लबनी, बूटहनिया, बहादुरगंज में लोगों ने दुकान बंद कर विरोध जताया। कई स्थानों पर टायर जलाकर प्रदर्शन करने के साथ दंगा भड़काने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
हिंसा को रोकने के लिए कपिलवस्तु जिले के रविवार को जिला प्रशासन कार्यालय तौलिहवा में आयोजित कोऑर्डिनेशन हार्मनी मीटिंग में शांति बहाली और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जेन-जी आंदोलन देख चुके प्रशासन ने शांति की बैठक के साथ ही निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके बाद सभा, विरोध प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सीमावर्ती इलाके में मिश्रित आबादी और बढ़ी संख्या में धार्मिक स्थल होने के नाते अलर्ट घोषित किया गया है।
सीमावर्ती थाने की पुलिस और एसएसबी के जवान मार्च करते हुए देखे गए। वहीं, नेपाल सशस्त्र बल और पुलिस व खुफिया टीम भी शांति बहाली में जुटी रही।
पत्थरबाजी में घायल हुए 17 पुलिसकर्मी: ढेबरुआ। सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के महाराजगंज नगर पालिका के बरगदा में ईद के दिन काली माता मंदिर में पूजा के दौरान हुए तोड़फोड़ हुई। इसके बाद सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। मामले में मंदिर पर कथित हमले के विरोध में प्रदर्शन कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने गोली चलाई, जिसमे छह लोग घायल हो गए थे। इस दौरान भीड़ ने भी ईंट-पत्थर फेंके, जिसमें 17 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। हालात को बिगड़ता देख नेपाल प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया था। नेपाल के कपिलवस्तु जिला प्रशासन के अनुसार पुलिस ने नौ लोगों गिरफ्तार किया गया है। शनिवार को भंसार कार्यालय बंद था, जिसे लगभग 36 घंटे बाद रविवार शाम में खोल दिया गया।
बात दें कि शनिवार को सुबह नौ बजे बहादुरगंज तौलिहवा के बीच में बरगदी घाट के पास स्थित मंदिर के कुछ ही दूरी पर स्थित मस्जिद में ईद की नमाज अदा की जा रही थी। इस दौरान मंदिर में भी भजन-कीर्तन चल रहा था। आरोप है कि ईद की नमाज अदा करने के दो घंटे के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मंदिर पर पहुंचकर तोड़फोड़ की। इस मामले की जानकारी जब हिन्दू संगठन के लोगों को हुई तो बरगदी घाट से आगे बुटहानियां चौराहे के पास मंदिर पर तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ हिंदू समुदाय के लोग नारेबाजी कर गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इसी दौरान नेपाल कपिलवस्तु के जिला अधिकारी और पुलिस कप्तान भी मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। भीड़ को बेकाबू देख पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे थे। उसके बाद भीड़ ने ईंट और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिसमें 17 पुलिसकर्मी घायल हो गए। जब भीड़ बेकाबू हो गई तो नेपाल प्रहरी ने गोली चला दी। इसमें छह लोग घायल हो गए। उसके बाद जिलाधिकारी भविश्वर घिमरे और पुलिस कप्तान संतोष आचार्य के आदेश पर पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर कर्फ्यू लगा दिया गया था। कपिलवस्तु में तनाव के बाद निषेधाज्ञा लागू : खुनुवां। नेपाल के कपिलवस्तु में तनाव के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। रविवार को जिला प्रशासन कार्यालय तौलिहवा में आयोजित कोऑर्डिनेशन हार्मनी मीटिंग में शांति बहाली और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। हिंसा पर पूर्ण रोक और शांति बनाए रखने की अपील मीटिंग में दोनों समुदायों से अपील की गई कि भविष्य में कोई भी भड़काऊ या हिंसक गतिविधि नहीं की जाएगी, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी घटना में शामिल कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी दोषियों को पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने गृह मंत्रालय और महाराजगंज नगरपालिका से घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
अफवाह और हेट स्पीच पर कड़ी नजर : प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति अफवाह फैलाता है। हेट स्पीच करता है या लोगों को अशांति के लिए उकसाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महाराजगंज नगरपालिका को निर्देश दिए गए हैं कि वह स्थानीय स्तर पर जागरूकता और आपसी सुलह के कार्यक्रम चलाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर पीड़ितों को सहायता देने और बाजार, शिक्षण संस्थानों व सार्वजनिक सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए समन्वय स्थापित करे।