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Siddharthnagar News: कुल को बचाने के लिए भीष्म पितामह ने सबकुछ न्यौछावर किया
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:05 AM IST
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शोहरतगढ़। श्रीराम जानकी मंदिर में चल रही सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक आचार्य डॉ. संत शरण त्रिपाठी ने भीष्म पितामह का प्रसंग सुनाया। कहा कि अपने कुल को बचाने के लिए उन्होंने अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया, उनके आदर्शों पर चलते हुए अपने और अपने बच्चों को संस्कारित बनाएं।
संगीत के माध्यम से कथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव तन बड़े ही सौभाग्य से मिलता है। ईश्वर में आस्था रखते हुए श्रद्धा भाव के साथ प्रतिदिन पूजा-अर्चना अवश्य करें और यथा संभव गरीबों व असहायों की मदद करें। गर्मी के मौसम में प्यासे को पानी भूखे को भोजन खिलाने से जन्मों का पाप कट जाते हैं और घर के कलह क्लेश दूर हो जाते हैं। आचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में हमें सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
इस दौरान अरविंद कुमार शुक्ल, आयोजक हरिश्चंद्र कौशल, संतोष कुमार, श्रीराम पटवा, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
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संगीत के माध्यम से कथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव तन बड़े ही सौभाग्य से मिलता है। ईश्वर में आस्था रखते हुए श्रद्धा भाव के साथ प्रतिदिन पूजा-अर्चना अवश्य करें और यथा संभव गरीबों व असहायों की मदद करें। गर्मी के मौसम में प्यासे को पानी भूखे को भोजन खिलाने से जन्मों का पाप कट जाते हैं और घर के कलह क्लेश दूर हो जाते हैं। आचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में हमें सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
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इस दौरान अरविंद कुमार शुक्ल, आयोजक हरिश्चंद्र कौशल, संतोष कुमार, श्रीराम पटवा, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।