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Siddharthnagar News: कॉपी मूल्यांकन में शिक्षकों की कमी से संकट
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सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पहले दिन अव्यवस्था के बीच शुरू हुआ। पहले बुधवार को बड़ी संख्या में शिक्षक मूल्यांकन में नहीं पहुंचे थे। ऐसे में कॉपियों का मूल्याकंन कम हुआ। अगर यही हाल रहा तो समय पर मूल्याकंन का कार्य समय से पूरा नहीं हो पाएगा। एक अप्रैल तक मूल्याकंन पूरा करने का लक्ष्य है।
जिले के तीन केंद्रों पर यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपी मूल्यांकन शुरू हुआ है। तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर सीसी कैमरों की निगरानी में कॉपियों की जांच तो शुरू हुई लेकिन बड़ी संख्या में परीक्षकों की अनुपस्थिति के कारण कार्य की रफ्तार काफी धीमी रही। जिले में कुल 1,88,501 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए प्राप्त हुई हैं, जिनमें से पहले दिन मात्र 13,064 कॉपियों का ही मूल्यांकन हो सका।
सबसे बड़ी समस्या परीक्षकों की अनुपस्थिति रही, जहां कुल 1,046 परीक्षक ड्यूटी से नदारद पाए गए। विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर अनुपस्थिति इसी प्रकार से रही है तो समय से मूल्यांकन का काम पूरा नहीं हो पाएगा। अगर मूल्यांकन समय से नहीं हुआ तो परिणाम पर भी संकट आ सकता है। इस संबंध जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि मूल्यांकन कार्य शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने पाएगी। मूल्यांकन अपने समय पर ही पूरा हो जाएगी।
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सबसे बड़ी समस्या परीक्षकों की अनुपस्थिति रही, जहां कुल 1,046 परीक्षक ड्यूटी से नदारद पाए गए। विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर अनुपस्थिति इसी प्रकार से रही है तो समय से मूल्यांकन का काम पूरा नहीं हो पाएगा। अगर मूल्यांकन समय से नहीं हुआ तो परिणाम पर भी संकट आ सकता है। इस संबंध जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि मूल्यांकन कार्य शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने पाएगी। मूल्यांकन अपने समय पर ही पूरा हो जाएगी।