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Siddharthnagar News: सीमित संसाधनों के बावजूद एथलेटिक्स में खिलाड़ी दिखा रहे दम
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 16 Feb 2026 02:26 AM IST
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कई खिलाडि़यों ने राष्ट्रीय स्तर पर किया शानदार प्रदर्शन
एथलेटिक्स के तीन खेलों के लिए प्रशिक्षण की सुविधा नहीं
सिद्धार्थनगर। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में एथलेटिक्स खिलाड़ियों को सीमित संसाधनों के बीच प्रैक्टिस करनी पड़ रही है। कई प्रमुख खेलों की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न होने से खिलाड़ियों को कुछ प्रतियोगिताओं का समुचित प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
स्टेडियम में स्टीपलचेज दौड़ के लिए स्थाई पानी के गड्ढे की व्यवस्था नहीं है। इसी तरह हैमर थ्रो के लिए सुरक्षा केज का अभाव है। इससे खिलाड़ी असुरक्षा के कारण इस खेल की ओर कम रुझान दिखा रहे हैं। वहीं पोल वॉल्ट की सुविधा भी स्टेडियम में उपलब्ध नहीं है। इसके चलते खिलाड़ी इस तकनीकी इवेंट का अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। इसके बावजूद खिलाड़ी थ्रो, जंप और दौड़ प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले तीन सालों से प्रशिक्षण ले रहीं सूची सिंह ने शॉट पुट में नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। उजाला गोस्वामी (लांग जंप), मोनिका विश्वकर्मा (100 मीटर दौड़), अंजली भारती (जैवलिन थ्रो), करिश्मा मोदनवाल (800 मीटर दौड़), आर्या राव (हाई जंप) और दीपांकर पासवान (100 मीटर दौड़) ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा दिखाई है।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी खिलाड़ियों ने दम दिखाया। सूची सिंह ने शॉट पुट में प्रथम स्थान और मुकेश राजभर ने पांच किमी दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अंजली भारती ने जैवलिन थ्रो में दूसरा स्थान और रोशनी पाल ने तीसरा स्थान हासिल किया। वर्तमान में स्टेडियम में 60 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रहे हैं। एथलेटिक्स में थ्रो इवेंट के तहत जैवलिन थ्रो, शॉट पुट और डिस्कस थ्रो, जंपिंग इवेंट में हाई जंप, लांग जंप व ट्रिपल जंप तथा दौड़ में शॉर्ट, मिडिल और लांग डिस्टेंस प्रतियोगिताएं शामिल हैं। हालांकि स्टीपलचेज दौड़, हैमर थ्रो और पोल वॉल्ट की सुविधा न होने से इनका आयोजन नहीं हो पा रहा है।
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बोले खिलाड़ी
जिले में प्रशिक्षक आने के बाद एथलेटिक्स में खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यदि शेष प्रतियोगिताओं के लिए भी सुविधा मिल जाए तो खिलाड़ी हर इवेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे।
संध्या साहनी, खिलाड़ी
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पोल वॉल्ट मेरा पसंदीदा खेल है, लेकिन सुविधा न होने से ट्रिपल जंप का प्रशिक्षण ले रही हूं। लक्ष्य है कि इसमें बेहतर प्रदर्शन कर नेशनल स्तर पर प्रतिभाग करूं।
वंदना मौर्य, खिलाड़ी
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स्टेडियम में स्टीपलचेज दौड़, हैमर थ्रो और पोल वॉल्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अन्य इवेंट्स का नियमित प्रशिक्षण कराया जा रहा है और खिलाड़ी राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
सुमन सिंह, कोच एथलेटिक्स
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वर्जन
स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। निर्माण के साथ एथलेटिक्स की अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे खिलाड़ियों को सभी इवेंट्स में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
आले हैदर, प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी (आरएसओ)
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एथलेटिक्स के तीन खेलों के लिए प्रशिक्षण की सुविधा नहीं
सिद्धार्थनगर। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में एथलेटिक्स खिलाड़ियों को सीमित संसाधनों के बीच प्रैक्टिस करनी पड़ रही है। कई प्रमुख खेलों की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न होने से खिलाड़ियों को कुछ प्रतियोगिताओं का समुचित प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
स्टेडियम में स्टीपलचेज दौड़ के लिए स्थाई पानी के गड्ढे की व्यवस्था नहीं है। इसी तरह हैमर थ्रो के लिए सुरक्षा केज का अभाव है। इससे खिलाड़ी असुरक्षा के कारण इस खेल की ओर कम रुझान दिखा रहे हैं। वहीं पोल वॉल्ट की सुविधा भी स्टेडियम में उपलब्ध नहीं है। इसके चलते खिलाड़ी इस तकनीकी इवेंट का अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। इसके बावजूद खिलाड़ी थ्रो, जंप और दौड़ प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले तीन सालों से प्रशिक्षण ले रहीं सूची सिंह ने शॉट पुट में नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। उजाला गोस्वामी (लांग जंप), मोनिका विश्वकर्मा (100 मीटर दौड़), अंजली भारती (जैवलिन थ्रो), करिश्मा मोदनवाल (800 मीटर दौड़), आर्या राव (हाई जंप) और दीपांकर पासवान (100 मीटर दौड़) ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा दिखाई है।
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राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी खिलाड़ियों ने दम दिखाया। सूची सिंह ने शॉट पुट में प्रथम स्थान और मुकेश राजभर ने पांच किमी दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अंजली भारती ने जैवलिन थ्रो में दूसरा स्थान और रोशनी पाल ने तीसरा स्थान हासिल किया। वर्तमान में स्टेडियम में 60 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रहे हैं। एथलेटिक्स में थ्रो इवेंट के तहत जैवलिन थ्रो, शॉट पुट और डिस्कस थ्रो, जंपिंग इवेंट में हाई जंप, लांग जंप व ट्रिपल जंप तथा दौड़ में शॉर्ट, मिडिल और लांग डिस्टेंस प्रतियोगिताएं शामिल हैं। हालांकि स्टीपलचेज दौड़, हैमर थ्रो और पोल वॉल्ट की सुविधा न होने से इनका आयोजन नहीं हो पा रहा है।
बोले खिलाड़ी
जिले में प्रशिक्षक आने के बाद एथलेटिक्स में खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यदि शेष प्रतियोगिताओं के लिए भी सुविधा मिल जाए तो खिलाड़ी हर इवेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे।
संध्या साहनी, खिलाड़ी
पोल वॉल्ट मेरा पसंदीदा खेल है, लेकिन सुविधा न होने से ट्रिपल जंप का प्रशिक्षण ले रही हूं। लक्ष्य है कि इसमें बेहतर प्रदर्शन कर नेशनल स्तर पर प्रतिभाग करूं।
वंदना मौर्य, खिलाड़ी
स्टेडियम में स्टीपलचेज दौड़, हैमर थ्रो और पोल वॉल्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अन्य इवेंट्स का नियमित प्रशिक्षण कराया जा रहा है और खिलाड़ी राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
सुमन सिंह, कोच एथलेटिक्स
वर्जन
स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। निर्माण के साथ एथलेटिक्स की अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे खिलाड़ियों को सभी इवेंट्स में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
आले हैदर, प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी (आरएसओ)