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Siddharthnagar News: नलकूप के पास झुके जर्जर पोल, हादसे का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 Jun 2026 01:56 AM IST
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विकास खंड खेसरहा में जर्जर पड़ा पोल।
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खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र में लगे 36 नलकूप के पास अधिकांश बिजली के पोल झुके
अब धान की खेती सिर पर आने वाले दिनों में बढ़ेगी समस्या
सिद्धार्थनगर। खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चार दशक पहले स्थापित किए गए बिजली के पोल अब किसानों के लिए खतरे का कारण बन गए हैं। वर्ष 1984-85 में नलकूपों तक बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए कई पोल जर्जर होकर खेतों और संपर्क मार्गों की ओर झुक गए हैं, जिससे हाईटेंशन तार जमीन के बेहद करीब लटक रहा है। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, करीब 40 दशक पूर्व तत्कालीन विधायक स्व. दीनानाथ पांडेय के प्रयास से विकास खंड खेसरहा में 36 राजकीय नलकूपों का निर्माण कराया गया था। इन नलकूपों तक बिजली पहुंचाने के लिए किसानों के खेतों के बीच से 11 केवी बिजली की लाइन बिछाई गई थी। करीब 40 वर्ष बाद अब अधिकांश पोल जर्जर हो चुके हैं और कई स्थानों पर झुककर खेतों में लटक रहे हैं। कोटिया पांडेय गांव निवासी शफी मोहम्मद ने बताया कि उनके खेत में वर्षों से हाईटेंशन तार नीचे झूल रहा है। कई बार बिजली निगम से शिकायत की गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि तार की कम ऊंचाई के कारण ट्रैक्टर और कंबाइन मशीन खेत तक नहीं पहुंच पाती, जिससे जुताई और कटाई के समय किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वहीं, किसान अजय पांडेय का कहना है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर एक नलकूप से दूसरे नलकूप तक जाने वाली बिजली लाइन के पोल पूरी तरह झुक चुके हैं। इन लाइनों में 11 हजार वोल्ट की आपूर्ति होती है और यदि समय रहते इन्हें दुरुस्त नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने विभाग से तत्काल सर्वे कर जर्जर पोल बदलने की मांग की है। हालांकि किसानों का कहना है कि समस्या केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं है बल्कि खेतों से गुजरने वाले ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।बरसात में स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाती है।
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इस संबंध में बिजली निगम के सहायक अभियंता दशरथ राम ने बताया कि शिकायत की जानकारी मिली है। जल्द ही मौके का निरीक्षण कराया जाएगा। आवश्यकतानुसार जर्जर पोलों को बदलकर समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
अब धान की खेती सिर पर आने वाले दिनों में बढ़ेगी समस्या
सिद्धार्थनगर। खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चार दशक पहले स्थापित किए गए बिजली के पोल अब किसानों के लिए खतरे का कारण बन गए हैं। वर्ष 1984-85 में नलकूपों तक बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए कई पोल जर्जर होकर खेतों और संपर्क मार्गों की ओर झुक गए हैं, जिससे हाईटेंशन तार जमीन के बेहद करीब लटक रहा है। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, करीब 40 दशक पूर्व तत्कालीन विधायक स्व. दीनानाथ पांडेय के प्रयास से विकास खंड खेसरहा में 36 राजकीय नलकूपों का निर्माण कराया गया था। इन नलकूपों तक बिजली पहुंचाने के लिए किसानों के खेतों के बीच से 11 केवी बिजली की लाइन बिछाई गई थी। करीब 40 वर्ष बाद अब अधिकांश पोल जर्जर हो चुके हैं और कई स्थानों पर झुककर खेतों में लटक रहे हैं। कोटिया पांडेय गांव निवासी शफी मोहम्मद ने बताया कि उनके खेत में वर्षों से हाईटेंशन तार नीचे झूल रहा है। कई बार बिजली निगम से शिकायत की गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि तार की कम ऊंचाई के कारण ट्रैक्टर और कंबाइन मशीन खेत तक नहीं पहुंच पाती, जिससे जुताई और कटाई के समय किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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वहीं, किसान अजय पांडेय का कहना है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर एक नलकूप से दूसरे नलकूप तक जाने वाली बिजली लाइन के पोल पूरी तरह झुक चुके हैं। इन लाइनों में 11 हजार वोल्ट की आपूर्ति होती है और यदि समय रहते इन्हें दुरुस्त नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने विभाग से तत्काल सर्वे कर जर्जर पोल बदलने की मांग की है। हालांकि किसानों का कहना है कि समस्या केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं है बल्कि खेतों से गुजरने वाले ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।बरसात में स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाती है।
इस संबंध में बिजली निगम के सहायक अभियंता दशरथ राम ने बताया कि शिकायत की जानकारी मिली है। जल्द ही मौके का निरीक्षण कराया जाएगा। आवश्यकतानुसार जर्जर पोलों को बदलकर समस्या का निस्तारण किया जाएगा।