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Siddharthnagar News: खांसी को न लें हल्के में, हो सकता है गंभीर संक्रमण
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मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी देले डॉ. अब्दुल हई। संवाद
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सिद्धार्थनगर। अगर लगातार खांसी आ रही है तो सतर्क हो जाएं। इस बार खांसी का स्वरूप बदला हुआ है, जो अधिक समय तक परेशान कर रहा है। गले में तेज दर्द के साथ ही आवाज में भारीपन और भोजन करने में भी परेशानी की शिकायत आ रही है। डॉक्टर बता रहे हैं कि एलर्जी का समय इस बार कुछ अधिक बढ़ा है। कारण जहां पहले जुकाम होने पर पांच दिन में खांसी खत्म हो जाती थी, अब उसकी मियाद 10 से 15 दिन हो गई है। ऐसे में अगर पांच दिन से अधिक खांसी आ रही है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं और उनकी सलाह से दवा लें।
वहीं, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की बात करें तो यहां भी प्रतिदिन ओपीडी में 40 से 50 मरीज पहुंच रहे हैं, जहां उनकी जांच करने के साथ ही दवा भी दी जा रही है। डॉक्टर मौसम उतार-चढ़ाव इसका प्रमुख कारण बता रहे हैं।
मौसम में बदलाव के साथ ही कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसमें जहां जुकाम, बुखार और उल्टी दस्त के साथ ही कई प्रकार की समस्या है। अन्य वर्षों की तुलना में इसबार मौसम में नरमी और गर्मी पल-पल बदल रहा है। ऐसे में गर्म पकड़ा पहने या फिर हल्का कपड़ा यह कोई समझ नहीं पा रहा है। ऐसे में बुखार, जुकाम को तो आम बात हो गई है।
सोमवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों को भीड़ बढ़ी हुई नजर आई। इसमें चेस्ट रोग विशेषज्ञ के कक्ष में मरीजों की संख्या काफी थी। जानकारी ली गई तो पता चला कि खांसी के साथ सीने में दर्द, गले में दर्द और आवाज में भारीपन वाले मरीजों की संख्या अधिक है। डॉक्टर जांच और दवा सलाह देते दिखे। नगर के निवासी रामहित ने बताया कि उन्हें 15 दिन से लगातार खांसी आ रही थी। रात में सोने में दिक्कत हो रही है। बताया कि चार सिरप पी लिए लेकिन ठीक नहीं हुआ। इसके बाद यहां आए हैं। डॉक्टर ने कफ सिरप देने के साथ ही एलर्जी की दवा भी लिखी। बोले कोई भी ठंडी वस्तु का सेवन न करें।
वहीं, बुजुर्ग दयाराम ने बताया कि वह भी खांसी से पिछले एक सप्ताह से परेशान हैं। गले और सीने में दर्द हो रहा है, मेडिकल स्टोर से एक सिरप ले गए, लेकिन ठीक नहीं हुआ। ऐसी समस्या अधिकांश लोगों की थी। पता चला कि ओपीडी में कम से कम 50 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिन्हें खांसी की शिकायत आ रही है।
डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि दवा के साथ ही मौसम से बचाव की सलाह दी जा रही है, मरीजों की संख्या बढ़ी है।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. एके झा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में जो भी सुविधाएं मौजूद हैं, उसमें मरीजोंं का बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है, दवाएं दी जा रही हैं।
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वहीं, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की बात करें तो यहां भी प्रतिदिन ओपीडी में 40 से 50 मरीज पहुंच रहे हैं, जहां उनकी जांच करने के साथ ही दवा भी दी जा रही है। डॉक्टर मौसम उतार-चढ़ाव इसका प्रमुख कारण बता रहे हैं।
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मौसम में बदलाव के साथ ही कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसमें जहां जुकाम, बुखार और उल्टी दस्त के साथ ही कई प्रकार की समस्या है। अन्य वर्षों की तुलना में इसबार मौसम में नरमी और गर्मी पल-पल बदल रहा है। ऐसे में गर्म पकड़ा पहने या फिर हल्का कपड़ा यह कोई समझ नहीं पा रहा है। ऐसे में बुखार, जुकाम को तो आम बात हो गई है।
सोमवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों को भीड़ बढ़ी हुई नजर आई। इसमें चेस्ट रोग विशेषज्ञ के कक्ष में मरीजों की संख्या काफी थी। जानकारी ली गई तो पता चला कि खांसी के साथ सीने में दर्द, गले में दर्द और आवाज में भारीपन वाले मरीजों की संख्या अधिक है। डॉक्टर जांच और दवा सलाह देते दिखे। नगर के निवासी रामहित ने बताया कि उन्हें 15 दिन से लगातार खांसी आ रही थी। रात में सोने में दिक्कत हो रही है। बताया कि चार सिरप पी लिए लेकिन ठीक नहीं हुआ। इसके बाद यहां आए हैं। डॉक्टर ने कफ सिरप देने के साथ ही एलर्जी की दवा भी लिखी। बोले कोई भी ठंडी वस्तु का सेवन न करें।
वहीं, बुजुर्ग दयाराम ने बताया कि वह भी खांसी से पिछले एक सप्ताह से परेशान हैं। गले और सीने में दर्द हो रहा है, मेडिकल स्टोर से एक सिरप ले गए, लेकिन ठीक नहीं हुआ। ऐसी समस्या अधिकांश लोगों की थी। पता चला कि ओपीडी में कम से कम 50 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिन्हें खांसी की शिकायत आ रही है।
डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि दवा के साथ ही मौसम से बचाव की सलाह दी जा रही है, मरीजों की संख्या बढ़ी है।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. एके झा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में जो भी सुविधाएं मौजूद हैं, उसमें मरीजोंं का बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है, दवाएं दी जा रही हैं।