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गुड्स शेड : उद्योगों को मिलेगी रफ्तार, व्यापारियों के साथ आम लोगों को राहत
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रेलवे स्टेशन सिद्धार्थनगर के गुड्स शेट पर ट्रक में सीमेंट। संवाद
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सिद्धार्थनगर। अब जिले में उद्योग और कारोबार को गति मिलेगी, क्योंकि सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर गुड्स शेड शुरू हो गया है। गोरखपुर के बजाय अब यहीं पर माल उतर रहा है। इससे जहां माला भाड़ा कम होगा, वहीं कारोबारियों तक सुरक्षित और समय से माल पहुंचेगा। इसका फायदा न सिर्फ कारोबारियों को होगा। बल्कि, लोगों को कम दर पर सामान भी मिलेगा।
देखा जाए तो इस सेवा के शुरु होने से व्यापार और उद्योग को बूस्टर डोज मिला है। ऐसे में नई उद्योग इकाई को भी रफ्तार भरने में बदल मिलेगा। सीमेंट का रैक लगना शुरू हो गया है।
जिले में उद्योग और कारखानों की बड़ी कमी है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कनेक्टिविटी का है। यहां पर माल लाने के लिए गोरखपुर और बड़े शहरों से ट्रक से ही आपूर्ति होती है। इसमें जहां माल भाड़ा अधिक लगता है। वहीं, जाम में फंसने घटना होने और समय से माल नहीं पहुंचने की बड़ा संकट है। इसलिए चाहते हुए भी लोग कारखाना और छोटी इकाई नहीं लगा पाते हैं। कारण, कच्चा माल भी लाने में बड़ी समस्या होती है। ट्रक और अन्य परिवहन से भारी भरकम किराया लगता है। इस वजह से भी बड़े कारोबार नहीं हो पाते हैं। दूसरी सबसे बड़ा कारण है कि परिवहन से आने वाले सामान पर भाड़ा बहुत अधिक पड़ता है, जिसका बोझ ग्राहकों पर पड़ता है। अब यह समस्या दूर हो जाएगी।
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर गुड्स शेड शुरू हो गया है। तकरीबन 600 से 500 मीटर लंबा गुड्स शेड अस्तित्व में आ गया है। यहां पर माला गाड़ी रुकने लगी है और सीमेंट की रैक लग रहा है। इसके साथ ही खाद, सरिया और अन्य प्रकार की खाद्य सामग्री आदि की यहीं पर उतरेगा।
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देखा जाए तो इस सेवा के शुरु होने से व्यापार और उद्योग को बूस्टर डोज मिला है। ऐसे में नई उद्योग इकाई को भी रफ्तार भरने में बदल मिलेगा। सीमेंट का रैक लगना शुरू हो गया है।
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जिले में उद्योग और कारखानों की बड़ी कमी है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कनेक्टिविटी का है। यहां पर माल लाने के लिए गोरखपुर और बड़े शहरों से ट्रक से ही आपूर्ति होती है। इसमें जहां माल भाड़ा अधिक लगता है। वहीं, जाम में फंसने घटना होने और समय से माल नहीं पहुंचने की बड़ा संकट है। इसलिए चाहते हुए भी लोग कारखाना और छोटी इकाई नहीं लगा पाते हैं। कारण, कच्चा माल भी लाने में बड़ी समस्या होती है। ट्रक और अन्य परिवहन से भारी भरकम किराया लगता है। इस वजह से भी बड़े कारोबार नहीं हो पाते हैं। दूसरी सबसे बड़ा कारण है कि परिवहन से आने वाले सामान पर भाड़ा बहुत अधिक पड़ता है, जिसका बोझ ग्राहकों पर पड़ता है। अब यह समस्या दूर हो जाएगी।
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर गुड्स शेड शुरू हो गया है। तकरीबन 600 से 500 मीटर लंबा गुड्स शेड अस्तित्व में आ गया है। यहां पर माला गाड़ी रुकने लगी है और सीमेंट की रैक लग रहा है। इसके साथ ही खाद, सरिया और अन्य प्रकार की खाद्य सामग्री आदि की यहीं पर उतरेगा।