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Siddharthnagar News: फार्मर रजिस्ट्री कराने से चूके तो नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 08 Apr 2026 11:10 PM IST
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सिद्धार्थनगर। अगर किसान हैं और अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं करवाई है तो यह आपके लिए काम की खबर है। फार्मर रजिस्ट्री बनाए जाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप का आयोजन किया जा रहा है जो 15 अप्रैल तक चलेगा। अब भी करीब डेढ़ लाख किसान ऐसे हैं, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री होनी है। अगर वह इस बार चूक गए तो न सिर्फ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित हो जाएंगे बल्कि कृषि विभाग से जुड़ी अन्य योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।
आंकड़ों के मुताबिक किसानों की कुल संख्या 4,04,252 है। इनमें से पीएमके किसानों की कुल संख्या 2,73,867 है, जबकि नॉन पीएमके रजिस्टर्ड किसान 1,30,385 हैं। इनमें से पीएमके रजिस्टर्ड 2,21,442 किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री करा ली है जबकि 52,425 अब भी बचे हुए हैं। वहीं, नॉन पीएमके में फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसानों की संख्या 88,110 है।
सरकार किसानों की आय को दाेगुना करने के लिए कई प्रकार की योजनाएं चला रही है, जिसके जरिये किसानों को कृषियंत्र, बीज, उर्वरक आदि देती है। इसमें कृषि यंत्रों पर अनुदान भी मिलता है। इसके अलावा किसानों को तीन किस्त में छह हजार रुपये पेंशन के तौर पर प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है। वाजिब किसानों को ही योजना का लाभ मिले, इसके लिए नित नए बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को सहूलियत मिल सके और व्यवस्था भी पारदर्शी बनी रहे। सरकार ने किसानों की सहूलियत लिए बीते वर्ष फार्मर रजिस्ट्री की योजना लागू थी है। इसमें रजिस्ट्री के जरिये किसानों का सारा डाटा ऑनलाइन हो जाएगा।
किसानों को मिलने वाली योजनाओं को उसी से जोड़ा जाएगा। जब फार्मर रजिस्ट्री से योजनाएं जुड़ जाएंगी को धांधली और गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो जाएगा। फार्मर रजिस्ट्री के लिए व्यापक तौर पर अभियान चला था। इसके बाद भी बड़ी संख्या में किसान इससे वंचित रह गए थे, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। अब शासन ने एक बार और अवसर प्रदान किया है।
इस संबंध में उप कृषि निदेश राजेश कुमार ने बताया कि 15 अप्रैल तक गांव-गांव कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसमें कृषि राजस्व, पंचायत विभाग के लोग मौजूद रहेंगे, किसान भूमि का रिकाॅर्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, आधार नंबर और खसरा-खतौनी ले जाएंगे, तत्काल बनाया जाएगा।
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क्या है फार्मर रजिस्ट्री
कृषि विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां हर किसान का यूनिक प्रोफाइल तैयार की जाती है। इसमें किसान का नाम, आधार, बैंक खाता, भूमि विवरण, फसल की जानकारी आदि दर्ज होती है। इसे एक तरह से किसानों की डिजिटल पहचान कहा जा सकता है।
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क्या-क्या जानकारी होती है शामिल
किसान का नाम, पता और आधार नंबर
जमीन का रिकॉर्ड (खतौनी/खसरा)
फसल का प्रकार और क्षेत्रफल
बैंक खाता विवरण
मोबाइल नंबर
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किसानों को क्या फायदा होगा
योजनाओं का सीधा लाभ (डीबीटी), पीएम किसान, बीमा और सब्सिडी जैसी योजनाओं का पैसा सीधे खाते में आएगा। बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार में कमी आएगी। फसल बीमा में आसानी से बीमा क्लेम जल्दी और सही तरीके से मिलेगा। कर्ज लेने में सुविधा होगी। बैंक से लोन लेने में कम कागजी प्रक्रिया होगी। सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी किसानों तक पहुंच पाएगी। आपदा में मदद जल्दी मिलेगी। सूखा, बाढ़ जैसी स्थिति में राहत राशि तेजी से मिलेगी।
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कैसे बनती है फार्मर रजिस्ट्री
ऑनलाइन पोर्टल या सीएससी सेंटर के माध्यम से
आधार और जमीन के दस्तावेज जरूरी
मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए
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आंकड़ों के मुताबिक किसानों की कुल संख्या 4,04,252 है। इनमें से पीएमके किसानों की कुल संख्या 2,73,867 है, जबकि नॉन पीएमके रजिस्टर्ड किसान 1,30,385 हैं। इनमें से पीएमके रजिस्टर्ड 2,21,442 किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री करा ली है जबकि 52,425 अब भी बचे हुए हैं। वहीं, नॉन पीएमके में फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसानों की संख्या 88,110 है।
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सरकार किसानों की आय को दाेगुना करने के लिए कई प्रकार की योजनाएं चला रही है, जिसके जरिये किसानों को कृषियंत्र, बीज, उर्वरक आदि देती है। इसमें कृषि यंत्रों पर अनुदान भी मिलता है। इसके अलावा किसानों को तीन किस्त में छह हजार रुपये पेंशन के तौर पर प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है। वाजिब किसानों को ही योजना का लाभ मिले, इसके लिए नित नए बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को सहूलियत मिल सके और व्यवस्था भी पारदर्शी बनी रहे। सरकार ने किसानों की सहूलियत लिए बीते वर्ष फार्मर रजिस्ट्री की योजना लागू थी है। इसमें रजिस्ट्री के जरिये किसानों का सारा डाटा ऑनलाइन हो जाएगा।
किसानों को मिलने वाली योजनाओं को उसी से जोड़ा जाएगा। जब फार्मर रजिस्ट्री से योजनाएं जुड़ जाएंगी को धांधली और गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो जाएगा। फार्मर रजिस्ट्री के लिए व्यापक तौर पर अभियान चला था। इसके बाद भी बड़ी संख्या में किसान इससे वंचित रह गए थे, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। अब शासन ने एक बार और अवसर प्रदान किया है।
इस संबंध में उप कृषि निदेश राजेश कुमार ने बताया कि 15 अप्रैल तक गांव-गांव कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसमें कृषि राजस्व, पंचायत विभाग के लोग मौजूद रहेंगे, किसान भूमि का रिकाॅर्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, आधार नंबर और खसरा-खतौनी ले जाएंगे, तत्काल बनाया जाएगा।
क्या है फार्मर रजिस्ट्री
कृषि विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां हर किसान का यूनिक प्रोफाइल तैयार की जाती है। इसमें किसान का नाम, आधार, बैंक खाता, भूमि विवरण, फसल की जानकारी आदि दर्ज होती है। इसे एक तरह से किसानों की डिजिटल पहचान कहा जा सकता है।
क्या-क्या जानकारी होती है शामिल
किसान का नाम, पता और आधार नंबर
जमीन का रिकॉर्ड (खतौनी/खसरा)
फसल का प्रकार और क्षेत्रफल
बैंक खाता विवरण
मोबाइल नंबर
किसानों को क्या फायदा होगा
योजनाओं का सीधा लाभ (डीबीटी), पीएम किसान, बीमा और सब्सिडी जैसी योजनाओं का पैसा सीधे खाते में आएगा। बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार में कमी आएगी। फसल बीमा में आसानी से बीमा क्लेम जल्दी और सही तरीके से मिलेगा। कर्ज लेने में सुविधा होगी। बैंक से लोन लेने में कम कागजी प्रक्रिया होगी। सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी किसानों तक पहुंच पाएगी। आपदा में मदद जल्दी मिलेगी। सूखा, बाढ़ जैसी स्थिति में राहत राशि तेजी से मिलेगी।
कैसे बनती है फार्मर रजिस्ट्री
ऑनलाइन पोर्टल या सीएससी सेंटर के माध्यम से
आधार और जमीन के दस्तावेज जरूरी
मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए