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Siddharthnagar News: घर में एक साथ निकले कई सांप, दहशत में परिवार
Thu, 30 Jul 2026 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:05 AM IST
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बर्डपुर क्षेत्र के करीमपुर महापाली चौराहे पर एक घर में निकले सांप के बच्चे। संवाद
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बर्डपुर। विकास खंड बर्डपुर क्षेत्र के करीमपुर महापाली चौराहे पर स्थित एक मकान से लगातार सांप के बच्चे निकलने का मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। मंगलवार रात से शुरू हुआ यह सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। मकान मालिक का दावा है कि अब तक करीब 30 सपोले निकल चुके हैं। घटना के बाद परिवार भय के माहौल में है जबकि आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच रहे हैं।
करीमपुर महापाली चौराहा निवासी अजय गुप्ता के घर में मंगलवार रात सबसे पहले एक सपोला नजर आया। परिवार के लोग उसे बाहर निकालने का प्रयास कर रहे थे कि कुछ देर बाद दूसरा और फिर तीसरा सपोला भी निकल आया। इसके बाद एक-एक कर लगातार सांप के बच्चे निकलते रहे। परिवार ने एहतियातन घर के उस हिस्से को खाली कर दिया और बच्चों को वहां जाने से रोक दिया। सूचना मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए सांप पकड़ने में प्रशिक्षित व्यक्ति को बुलाया गया। उसने सपोलों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर अलग डिब्बे में रखना शुरू किया। देर शाम तक भी लोगों की नजर उस स्थान पर बनी रही, जहां से सपोले निकल रहे थे।
आखिर एक साथ इतने सपोले क्यों निकले
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम एवं पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. अमर नाथ मिश्र के अनुसार बरसात के मौसम में इस तरह की घटनाएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने बताया कि कई प्रजातियों के सांप एक बार में 10 से 40 या उससे अधिक अंडे देते हैं। अनुकूल तापमान और नमी मिलने पर अंडे लगभग एक ही समय में फूटते हैं, जिससे बड़ी संख्या में सपोले एक साथ दिखाई देते हैं। लगातार बारिश से बिलों में पानी भरने पर नवजात सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में बाहर निकल आते हैं। हालांकि बिना मौके की जांच के यह नहीं कहा जा सकता कि यह किस प्रजाति के सांप हैं या वे किस स्थान से निकल रहे हैं। डॉ. मिश्र ने बताया कि बरसात में घरों के आसपास ईंटों के ढेर, लकड़ी, भूसा, कबाड़ या नम और सुरक्षित स्थान सांपों के लिए अनुकूल ठिकाना बन जाते हैं। ऐसे मामलों में घबराने या सांपों को मारने के बजाय वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका है। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से पूरे परिसर की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि घर के आसपास कहीं सांप का बिल या अंडे हैं तो उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
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सांप दिखे तो क्या करें
- घबराकर सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।
- बच्चों और पालतू जानवरों को उस स्थान से दूर रखें।
- वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
- घर के आसपास झाड़ियां, कबाड़ और लकड़ी के ढेर की नियमित सफाई रखें।
- सांप के निकलने वाले स्थान को छेड़ने के बजाय विशेषज्ञ के आने का इंतजार
बोले जानकार
जयकिसान इंटर कॉलेज के जीव विज्ञान के प्रवक्ता नित्यानंद श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों को यह घटना असामान्य जरूर लगती है लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से यह संभव है। मादा सांप एक बार में कई अंडे देती है और अनुकूल तापमान व नमी मिलने पर अधिकांश अंडे एक साथ फूटते हैं। यदि घर के आसपास मिट्टी, ईंटों का ढेर, लकड़ी, भूसा या अन्य सुरक्षित स्थान हो तो वहां अंडे दिए जा सकते हैं। बरसात में ऐसे स्थानों पर पानी भरने के बाद नवजात सांप बाहर निकलने लगते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में घबराने के बजाय वन विभाग को सूचना देकर पूरे परिसर की जांच करानी चाहिए और सांपों को मारने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
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करीमपुर महापाली चौराहा निवासी अजय गुप्ता के घर में मंगलवार रात सबसे पहले एक सपोला नजर आया। परिवार के लोग उसे बाहर निकालने का प्रयास कर रहे थे कि कुछ देर बाद दूसरा और फिर तीसरा सपोला भी निकल आया। इसके बाद एक-एक कर लगातार सांप के बच्चे निकलते रहे। परिवार ने एहतियातन घर के उस हिस्से को खाली कर दिया और बच्चों को वहां जाने से रोक दिया। सूचना मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए सांप पकड़ने में प्रशिक्षित व्यक्ति को बुलाया गया। उसने सपोलों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर अलग डिब्बे में रखना शुरू किया। देर शाम तक भी लोगों की नजर उस स्थान पर बनी रही, जहां से सपोले निकल रहे थे।
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आखिर एक साथ इतने सपोले क्यों निकले
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम एवं पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. अमर नाथ मिश्र के अनुसार बरसात के मौसम में इस तरह की घटनाएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने बताया कि कई प्रजातियों के सांप एक बार में 10 से 40 या उससे अधिक अंडे देते हैं। अनुकूल तापमान और नमी मिलने पर अंडे लगभग एक ही समय में फूटते हैं, जिससे बड़ी संख्या में सपोले एक साथ दिखाई देते हैं। लगातार बारिश से बिलों में पानी भरने पर नवजात सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में बाहर निकल आते हैं। हालांकि बिना मौके की जांच के यह नहीं कहा जा सकता कि यह किस प्रजाति के सांप हैं या वे किस स्थान से निकल रहे हैं। डॉ. मिश्र ने बताया कि बरसात में घरों के आसपास ईंटों के ढेर, लकड़ी, भूसा, कबाड़ या नम और सुरक्षित स्थान सांपों के लिए अनुकूल ठिकाना बन जाते हैं। ऐसे मामलों में घबराने या सांपों को मारने के बजाय वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका है। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से पूरे परिसर की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि घर के आसपास कहीं सांप का बिल या अंडे हैं तो उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
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सांप दिखे तो क्या करें
- घबराकर सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।
- बच्चों और पालतू जानवरों को उस स्थान से दूर रखें।
- वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
- घर के आसपास झाड़ियां, कबाड़ और लकड़ी के ढेर की नियमित सफाई रखें।
- सांप के निकलने वाले स्थान को छेड़ने के बजाय विशेषज्ञ के आने का इंतजार
बोले जानकार
जयकिसान इंटर कॉलेज के जीव विज्ञान के प्रवक्ता नित्यानंद श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों को यह घटना असामान्य जरूर लगती है लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से यह संभव है। मादा सांप एक बार में कई अंडे देती है और अनुकूल तापमान व नमी मिलने पर अधिकांश अंडे एक साथ फूटते हैं। यदि घर के आसपास मिट्टी, ईंटों का ढेर, लकड़ी, भूसा या अन्य सुरक्षित स्थान हो तो वहां अंडे दिए जा सकते हैं। बरसात में ऐसे स्थानों पर पानी भरने के बाद नवजात सांप बाहर निकलने लगते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में घबराने के बजाय वन विभाग को सूचना देकर पूरे परिसर की जांच करानी चाहिए और सांपों को मारने का प्रयास नहीं करना चाहिए।