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नव भारत साक्षरता : परीक्षा में 21 अभ्यर्थियों ने लिया हिस्सा
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बढ़नी। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निरक्षरों को साक्षर बनाने की दिशा में बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र के कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय अकरहरा परीक्षा केंद्र पर परीक्षा हुई। सहायक अध्यापक मलिक मो. अफजल एवं डॉ. हिना की देखरेख में आयोजित परीक्षा में चिन्हित 64 निरक्षरों में से 21 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।
सहायक अध्यापक मलिक मो. अफजल ने बताया कि भारत सरकार की ओर से संचालित यह कार्यक्रम वर्ष 2022 से 2027 तक चलने वाला राष्ट्रव्यापी अभियान है। इसका उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के गैर-साक्षरों को साक्षर बनाना है। इसमें 21वीं सदी के जीवन कौशल, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पांच वर्षों में पांच करोड़ लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना, सिखाना ही नहीं, बल्कि क्रियात्मक साक्षरता एवं जीवन कौशल विकसित करना भी है। इससे लोग सामाजिक गतिविधियों में सहजता से भाग ले सकें।
वहीं, शिक्षिका डॉ. हिना ने कहा कि निरक्षरता के कारण लोगों में आत्मविश्वास की कमी रहती है, जिसे दूर करने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि उल्लास मोबाइल ऐप, दीक्षा पोर्टल तथा टीवी और रेडियो के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
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सहायक अध्यापक मलिक मो. अफजल ने बताया कि भारत सरकार की ओर से संचालित यह कार्यक्रम वर्ष 2022 से 2027 तक चलने वाला राष्ट्रव्यापी अभियान है। इसका उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के गैर-साक्षरों को साक्षर बनाना है। इसमें 21वीं सदी के जीवन कौशल, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पांच वर्षों में पांच करोड़ लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना, सिखाना ही नहीं, बल्कि क्रियात्मक साक्षरता एवं जीवन कौशल विकसित करना भी है। इससे लोग सामाजिक गतिविधियों में सहजता से भाग ले सकें।
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वहीं, शिक्षिका डॉ. हिना ने कहा कि निरक्षरता के कारण लोगों में आत्मविश्वास की कमी रहती है, जिसे दूर करने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि उल्लास मोबाइल ऐप, दीक्षा पोर्टल तथा टीवी और रेडियो के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।