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Siddharthnagar News: शाम होते ही सवारी की किल्लत, गोरखपुर-बस्ती रूट पर यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 01:12 AM IST
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रोडवेज सिद्धार्थ नगर पर खड़ी बस
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सिद्धार्थनगर। जिले में शाम के समय सार्वजनिक परिवहन की कमी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। खासकर गोरखपुर और बस्ती जाने वाले मार्गों पर सवारी न मिलने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिन में किसी तरह वाहन मिल जाते हैं, लेकिन शाम होते-होते बसों और अन्य सवारियों की संख्या काफी कम हो जाती है।
दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। गोरखपुर और बस्ती जैसे प्रमुख शहरों के लिए शाम के समय सीधी और नियमित सवारी न मिलने से उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है जो न केवल महंगे होते हैं बल्कि सुरक्षित भी नहीं माने जाते।
गोरखपुर जा रहे यात्री अमरेंद्र यादव, रुखसाना, मोहित आदि यात्रियों का कहना है कि शाम के समय रोडवेज बसों की समस्या काफी दिनों से है। निजी वाहन चालक भी इसी का फायदा उठाते हुए मनमाना किराया वसूलते हैं। कई बार यात्रियों को घंटों बस स्टैंड और चौराहों पर इंतजार करना पड़ता है, इसके बाद भी उन्हें सीट नहीं मिल पाती। महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है। अंधेरा होने के बाद सवारी के इंतजार में खड़े रहना उनके लिए असुरक्षित होता है। कई बार मजबूरी में उन्हें देर रात तक रुकना पड़ता है या अतिरिक्त किराया देकर निजी वाहन लेना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने परिवहन विभाग से मांग की कि शाम के समय गोरखपुर और बस्ती रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
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शाम के समय गोरखपुर और बस्ती रूट पर यात्रियों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे सवारी की कुछ समस्या सामने आती है। विभाग इस पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही बसों की संख्या बढ़ाकर व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
- बीके गंगवार, एआरएम
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दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। गोरखपुर और बस्ती जैसे प्रमुख शहरों के लिए शाम के समय सीधी और नियमित सवारी न मिलने से उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है जो न केवल महंगे होते हैं बल्कि सुरक्षित भी नहीं माने जाते।
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गोरखपुर जा रहे यात्री अमरेंद्र यादव, रुखसाना, मोहित आदि यात्रियों का कहना है कि शाम के समय रोडवेज बसों की समस्या काफी दिनों से है। निजी वाहन चालक भी इसी का फायदा उठाते हुए मनमाना किराया वसूलते हैं। कई बार यात्रियों को घंटों बस स्टैंड और चौराहों पर इंतजार करना पड़ता है, इसके बाद भी उन्हें सीट नहीं मिल पाती। महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है। अंधेरा होने के बाद सवारी के इंतजार में खड़े रहना उनके लिए असुरक्षित होता है। कई बार मजबूरी में उन्हें देर रात तक रुकना पड़ता है या अतिरिक्त किराया देकर निजी वाहन लेना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने परिवहन विभाग से मांग की कि शाम के समय गोरखपुर और बस्ती रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
शाम के समय गोरखपुर और बस्ती रूट पर यात्रियों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे सवारी की कुछ समस्या सामने आती है। विभाग इस पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही बसों की संख्या बढ़ाकर व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
- बीके गंगवार, एआरएम