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Siddharthnagar News: मरीज माफिया पर नकेल... झटपट पहुंचेगी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:00 PM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज परिसर में ही इमरजेंसी के पास पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी। इससे न सिर्फ मरीज माफिया पर नकेल लगेगी बल्कि आपात स्थिति में मामलों का तत्काल नियंत्रण होगा।
मेडिकल कॉलेज कैंपस की सुरक्षा के साथ ही हादसा या फिर विवाद की स्थिति में भी पुलिस मददगार बनेगी। मौत की स्थिति में पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराने में भी तेजी आएगी।
इसके लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने पत्राचार किया था, जिसके बाद कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला अस्पताल से माधव प्रसाद त्रिपाठी में तब्दील होने के बाद यहां मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। ओपीडी में प्रतिदिन 1500-1800 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
इसके अलावा भर्ती मरीज, स्टाफ और कैंपस में रहने वाले उनके परिवार की संख्या की बात करें तो कुल मिलाकर दो हजार से अधिक लोग रहते हैं। इमरजेंसी वार्ड में हादसे का शिकार या फिर मारपीट के मामले में मरीज आते हैं। कई बार इलाज को लेकर डॉक्टर और स्टाफ से विवाद भी हो जाता है। कई बार तो विवाद बड़ा रूप भी ले लेता है और घंटों हंगामा के हालात रहने से इसे काबू करना मुश्किल हो जाता है।
थाना शहर में हैं जो मेडिकल कॉलेज से तकरीबन चार किलोमीटर दूरी है। ऐसे में सूचना के बाद पुलिस पहुंचती तो है। लेकिन, इस दौरान विवाद या तो शांत हो जाता है या फिर आरोपी भाग खड़ा होता है।
रात में कई बार वार्ड में भी कहासुनी की स्थिति में भी तत्काल कार्रवाई के लिए पुलिस बुलानी पड़ती है, जिसमें समय लग जाता है। ऐसी स्थिति न बने और तत्काल जांच और कार्रवाई हो सके, इसके लिए मेडिकल कॉलेज कैंपस में पुलिस चौकी स्थापित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इमरजेंसी वार्ड के पास ही एक पहले से बने कमरे में इस चौकी के संचालित किए जाने की योजना है। इसके लिए सांसद जगदंबिका पाल और प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन ने चौकी स्थापित करने की पहल शुरू की थी।
पुलिस अधीक्षक ने पत्र को संज्ञान में लेते हुए चौकी बनाने जाने पर सहमति जाहिर करते हुए जगह तलाशने के निर्देश दिए। अब जगह भी देख ली गई है, ऐसे में जल्द ही पुलिस चौकी अस्तित्व में आने की उम्मीद है।
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मेडिकल कॉलेज कैंपस की सुरक्षा के साथ ही हादसा या फिर विवाद की स्थिति में भी पुलिस मददगार बनेगी। मौत की स्थिति में पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराने में भी तेजी आएगी।
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इसके लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने पत्राचार किया था, जिसके बाद कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला अस्पताल से माधव प्रसाद त्रिपाठी में तब्दील होने के बाद यहां मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। ओपीडी में प्रतिदिन 1500-1800 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
इसके अलावा भर्ती मरीज, स्टाफ और कैंपस में रहने वाले उनके परिवार की संख्या की बात करें तो कुल मिलाकर दो हजार से अधिक लोग रहते हैं। इमरजेंसी वार्ड में हादसे का शिकार या फिर मारपीट के मामले में मरीज आते हैं। कई बार इलाज को लेकर डॉक्टर और स्टाफ से विवाद भी हो जाता है। कई बार तो विवाद बड़ा रूप भी ले लेता है और घंटों हंगामा के हालात रहने से इसे काबू करना मुश्किल हो जाता है।
थाना शहर में हैं जो मेडिकल कॉलेज से तकरीबन चार किलोमीटर दूरी है। ऐसे में सूचना के बाद पुलिस पहुंचती तो है। लेकिन, इस दौरान विवाद या तो शांत हो जाता है या फिर आरोपी भाग खड़ा होता है।
रात में कई बार वार्ड में भी कहासुनी की स्थिति में भी तत्काल कार्रवाई के लिए पुलिस बुलानी पड़ती है, जिसमें समय लग जाता है। ऐसी स्थिति न बने और तत्काल जांच और कार्रवाई हो सके, इसके लिए मेडिकल कॉलेज कैंपस में पुलिस चौकी स्थापित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इमरजेंसी वार्ड के पास ही एक पहले से बने कमरे में इस चौकी के संचालित किए जाने की योजना है। इसके लिए सांसद जगदंबिका पाल और प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन ने चौकी स्थापित करने की पहल शुरू की थी।
पुलिस अधीक्षक ने पत्र को संज्ञान में लेते हुए चौकी बनाने जाने पर सहमति जाहिर करते हुए जगह तलाशने के निर्देश दिए। अब जगह भी देख ली गई है, ऐसे में जल्द ही पुलिस चौकी अस्तित्व में आने की उम्मीद है।