{"_id":"6a776debe4358546160b5408","slug":"route-diversions-make-travel-difficult-fares-double-on-some-altered-routes-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1035-162561-2026-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: रूट डायवर्जन ने सफर की बढ़ाई मुश्किल, रास्ता बदला तो कहीं किराया दोगुना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: रूट डायवर्जन ने सफर की बढ़ाई मुश्किल, रास्ता बदला तो कहीं किराया दोगुना
Sat, 08 Aug 2026 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- कांवड़ यात्रा : डुमरियागंज-बस्ती मार्ग पर 80 की जगह 150 से 200 रुपये तक वसूल रहे किराया, सीधी बसें प्रभावित
- अयोध्या और लखनऊ जाने वाले श्रद्धालु-मरीज भी परेशान, बांसी में डायवर्जन से हाईवे और वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ा वाहनों का दबाव
सकारपार/ शाहपुर। कांवड़ यात्रा को लेकर लागू किए गए रूट डायवर्जन ने आम यात्रियों की मुश्किल बढ़ा दी हैं। कहीं सीधी बसें और टैक्सियां प्रभावित हैं तो कहीं यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। डुमरियागंज से बस्ती जाने वाले यात्रियों का कहना है कि वाहनों की कमी का फायदा उठाकर कुछ टैक्सी और ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। सामान्य दिनों में 80 रुपये में होने वाली यात्रा के लिए अब 150 से 200 रुपये तक मांगे जा रहे हैं।
वहीं बांसी होकर फैजाबाद और लखनऊ जाने वाले यात्रियों को भी रास्ता बदलने के कारण अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है। बांसी कस्बे के माधवबाबू पार्क तिराहा पर बैरिकेडिंग कर यातायात नियंत्रित किया जा रहा है।
सावन में अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ रोजाना काम से आने-जाने वाले लोगों की परेशानी भी बढ़ी है। फैजाबाद में शिक्षक के रूप में कार्यरत कुतुबुद्दीन ने बताया कि वह बांसी होते हुए रोजाना फैजाबाद आते-जाते हैं। रूट डायवर्जन लागू होने के बाद पहले की तरह सीधे साधन नहीं मिल रहे हैं। छोटे वाहनों से बदल-बदल कर यात्रा करनी पड़ रही है। इससे समय और परेशानी दोनों बढ़ गई है।
विज्ञापन
लखनऊ इलाज कराने जाने वाले यात्रियों के लिए भी डायवर्जन परेशानी का कारण बना है। गिरजापति उपाध्याय ने बताया कि उन्हें इलाज के सिलसिले में लखनऊ जाना था, लेकिन रूट डायवर्जन के कारण बांसी से लखनऊ जाने वाली सीधी बस सेवा प्रभावित हो गईं। अब दूसरे मार्ग से जाना पड़ रहा है। इससे यात्रा लंबी होने के साथ किराया भी बढ़ गया है। मरीज और तीमारदार के लिए यह अतिरिक्त खर्च और समय दोनों की परेशानी है।
-- -- -- -- -- -- -- --
सामान्य दिनो में 80 रुपये किराया, अब 200
शाहपुर। डुमरियागंज से बस्ती मार्ग पर यात्रियों की परेशानी और ज्यादा है। सामान्य दिनों में डुमरियागंज से बस्ती का किराया करीब 80 रुपये था, लेकिन यात्रियों के अनुसार अब 150 से 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। डुमरियागंज से भानपुर का किराया भी 30 से बढ़कर 60 रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई है।
तेनुई गांव निवासी श्री पांडेय ने बताया कि उन्हें अयोध्या जाना है। डायवर्जन के कारण कोई सीधा वाहन नहीं मिल रहा है। डुमरियागंज से बस्ती जाने के लिए एक ऑटो चालक ने 180 रुपये किराया मांगा जबकि सामान्य दिनों में 80 रुपये में बस्ती तक यात्रा हो जाती थी। उनका कहना है कि मजबूरी का फायदा उठाकर अधिक किराया मांगा जा रहा है।
डुमरियागंज मंदिर चौराहे पर रोडवेज बस का इंतजार कर रहे ककरा पोखर निवासी विद्या सागर यादव ने बताया कि जरूरी काम से बस्ती जाना था। काफी देर तक बस का इंतजार करने के बाद टैक्सी से जाने का फैसला किया, लेकिन चालक ने 80 रुपये की जगह 200 रुपये किराया मांगा। अधिक किराया होने के कारण उन्हें मजबूरी में बाइक से बस्ती जाना पड़ा।
डायवर्जन जरूरी पर यात्रियों को चाहिए वैकल्पिक व्यवस्था
साड़ी तिराहे पर सवारी के इंतजार में खड़े अवधेश यादव, नीतू, चंद्रशेखर आदि यात्रियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव जरूरी है लेकिन इसके साथ वैकल्पिक परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था भी होनी चाहिए। खासकर मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और जरूरी काम से यात्रा करने वालों के लिए सीधे साधन उपलब्ध रहे।
विज्ञापन
- अयोध्या और लखनऊ जाने वाले श्रद्धालु-मरीज भी परेशान, बांसी में डायवर्जन से हाईवे और वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ा वाहनों का दबाव
सकारपार/ शाहपुर। कांवड़ यात्रा को लेकर लागू किए गए रूट डायवर्जन ने आम यात्रियों की मुश्किल बढ़ा दी हैं। कहीं सीधी बसें और टैक्सियां प्रभावित हैं तो कहीं यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। डुमरियागंज से बस्ती जाने वाले यात्रियों का कहना है कि वाहनों की कमी का फायदा उठाकर कुछ टैक्सी और ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। सामान्य दिनों में 80 रुपये में होने वाली यात्रा के लिए अब 150 से 200 रुपये तक मांगे जा रहे हैं।
वहीं बांसी होकर फैजाबाद और लखनऊ जाने वाले यात्रियों को भी रास्ता बदलने के कारण अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है। बांसी कस्बे के माधवबाबू पार्क तिराहा पर बैरिकेडिंग कर यातायात नियंत्रित किया जा रहा है।
विज्ञापन
सावन में अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ रोजाना काम से आने-जाने वाले लोगों की परेशानी भी बढ़ी है। फैजाबाद में शिक्षक के रूप में कार्यरत कुतुबुद्दीन ने बताया कि वह बांसी होते हुए रोजाना फैजाबाद आते-जाते हैं। रूट डायवर्जन लागू होने के बाद पहले की तरह सीधे साधन नहीं मिल रहे हैं। छोटे वाहनों से बदल-बदल कर यात्रा करनी पड़ रही है। इससे समय और परेशानी दोनों बढ़ गई है।
विज्ञापन
लखनऊ इलाज कराने जाने वाले यात्रियों के लिए भी डायवर्जन परेशानी का कारण बना है। गिरजापति उपाध्याय ने बताया कि उन्हें इलाज के सिलसिले में लखनऊ जाना था, लेकिन रूट डायवर्जन के कारण बांसी से लखनऊ जाने वाली सीधी बस सेवा प्रभावित हो गईं। अब दूसरे मार्ग से जाना पड़ रहा है। इससे यात्रा लंबी होने के साथ किराया भी बढ़ गया है। मरीज और तीमारदार के लिए यह अतिरिक्त खर्च और समय दोनों की परेशानी है।
सामान्य दिनो में 80 रुपये किराया, अब 200
शाहपुर। डुमरियागंज से बस्ती मार्ग पर यात्रियों की परेशानी और ज्यादा है। सामान्य दिनों में डुमरियागंज से बस्ती का किराया करीब 80 रुपये था, लेकिन यात्रियों के अनुसार अब 150 से 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। डुमरियागंज से भानपुर का किराया भी 30 से बढ़कर 60 रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई है।
तेनुई गांव निवासी श्री पांडेय ने बताया कि उन्हें अयोध्या जाना है। डायवर्जन के कारण कोई सीधा वाहन नहीं मिल रहा है। डुमरियागंज से बस्ती जाने के लिए एक ऑटो चालक ने 180 रुपये किराया मांगा जबकि सामान्य दिनों में 80 रुपये में बस्ती तक यात्रा हो जाती थी। उनका कहना है कि मजबूरी का फायदा उठाकर अधिक किराया मांगा जा रहा है।
डुमरियागंज मंदिर चौराहे पर रोडवेज बस का इंतजार कर रहे ककरा पोखर निवासी विद्या सागर यादव ने बताया कि जरूरी काम से बस्ती जाना था। काफी देर तक बस का इंतजार करने के बाद टैक्सी से जाने का फैसला किया, लेकिन चालक ने 80 रुपये की जगह 200 रुपये किराया मांगा। अधिक किराया होने के कारण उन्हें मजबूरी में बाइक से बस्ती जाना पड़ा।
डायवर्जन जरूरी पर यात्रियों को चाहिए वैकल्पिक व्यवस्था
साड़ी तिराहे पर सवारी के इंतजार में खड़े अवधेश यादव, नीतू, चंद्रशेखर आदि यात्रियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव जरूरी है लेकिन इसके साथ वैकल्पिक परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था भी होनी चाहिए। खासकर मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और जरूरी काम से यात्रा करने वालों के लिए सीधे साधन उपलब्ध रहे।