{"_id":"6a78c043f7df748c1a027be4","slug":"siddharthnagar-news-demand-to-designate-b-pacs-manikganj-as-a-paddy-procurement-center-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1016-162609-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: बी-पैक्स मानिकगंज को धान क्रय केंद्र बनाए जाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: बी-पैक्स मानिकगंज को धान क्रय केंद्र बनाए जाने की मांग
Sun, 09 Aug 2026 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भवानीगंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बयारा-चकचई स्थित बी-पैक्स मानिकगंज को आगामी खरीफ फसल सीजन में धान क्रय केंद्र बनाए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। लोगों को कहना है कि सहकारी समिति पर धान क्रय केंद्र की स्थापना किए जाने से किसानों को उपज बेचने में सहूलियत मिलेगी।
बी पैक्स मानिकगंज अध्यक्ष राजेश पांडेय के अलावा क्षेत्र के संतोष पासवान, ऐश मोहम्मद, विजय कुमार, मनोज मोर्य, रामपाल सिंह, प्रिंस सिंह, अवध बिहारी सिंह आदि ने बताया कि धान की फसल तैयार होने के बाद उसे बेचने के लिए किसानों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ती है। ऐसे में नजदीकी स्तर पर क्रय केंद्र संचालित किया जाना आवश्यक है, जिससे क्षेत्र के किसान अपनी धान की फसल आसानी से बेच सकें और उसका उचित सरकारी दाम मिल सके। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्रों न होने से किसानों को खून-पसीने से सींची धान की फसल को औने-पौने दाम पर बेचना पड़ता है।
विज्ञापन
बी पैक्स मानिकगंज अध्यक्ष राजेश पांडेय के अलावा क्षेत्र के संतोष पासवान, ऐश मोहम्मद, विजय कुमार, मनोज मोर्य, रामपाल सिंह, प्रिंस सिंह, अवध बिहारी सिंह आदि ने बताया कि धान की फसल तैयार होने के बाद उसे बेचने के लिए किसानों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ती है। ऐसे में नजदीकी स्तर पर क्रय केंद्र संचालित किया जाना आवश्यक है, जिससे क्षेत्र के किसान अपनी धान की फसल आसानी से बेच सकें और उसका उचित सरकारी दाम मिल सके। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्रों न होने से किसानों को खून-पसीने से सींची धान की फसल को औने-पौने दाम पर बेचना पड़ता है।
विज्ञापन