{"_id":"6a78c3c17f31c9f5700bcf4e","slug":"siddharthnagar-news-opportunity-to-correct-errors-no-discrepancies-will-remain-in-marksheets-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-162604-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: त्रुटि सुधारने का मिलेगा मौका अंकपत्र में नहीं रहेगी गड़बड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: त्रुटि सुधारने का मिलेगा मौका अंकपत्र में नहीं रहेगी गड़बड़ी
Sun, 09 Aug 2026 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी चल रही है। परीक्षा के लिए केंद्र के निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, दूसरी ओर बोर्ड परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन फार्म भरने के दौरान हुई किसी भी त्रुटि को अब समय रहते दुरुस्त करने का अवसर देने का फैसला किया है।
यदि फॉर्म भरने के दौरान किसी छात्र से त्रुटि हुई है तो पहले विद्यालय स्तर से चेक किया जाएगा। इसके बाद भी अगर अपलोड करते समय कोई गलती रह जाती है तो 10 सितंबर तक उसे ऑनलाइन पोर्टल को खोलकर सही कर सकते हैं, जिससे सही कराने के लिए बच्चों को दौड़ न लगानी पड़े। यह समस्या न हो, इसके लिए पोर्टल पर दोबारा चेक कर सकेंगे। इसमें नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, पता समेत अन्य विवरणों में होने वाली छोटी-बड़ी गलतियों को अंकपत्र जारी होने से पहले ही ठीक कराया जा सकेगा।
जनपद में 200 से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन के विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें जनपद में हर वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 60 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल होते हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म भरे जाने के दौरान छोटी-मोटी त्रुटियों की आशंका बनी रहती है। परीक्षा फॉर्म में दर्ज विवरण ही आगे चलकर बोर्ड के अभिलेख और अंकपत्र का आधार बनते हैं। कई बार जल्दबाजी या आवेदन भरने के दौरान हुई गलती के कारण विद्यार्थियों के अंकपत्र में नाम, अभिभावक का नाम या अन्य विवरण गलत दर्ज हो जाते हैं। अंकपत्र जारी होने के बाद इन्हें संशोधित कराने के लिए विद्यार्थी और अभिभावकों को विद्यालय से लेकर बोर्ड कार्यालय तक चक्कर लगाने पड़ते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यदि फॉर्म भरने के दौरान किसी छात्र से त्रुटि हुई है तो पहले विद्यालय स्तर से चेक किया जाएगा। इसके बाद भी अगर अपलोड करते समय कोई गलती रह जाती है तो 10 सितंबर तक उसे ऑनलाइन पोर्टल को खोलकर सही कर सकते हैं, जिससे सही कराने के लिए बच्चों को दौड़ न लगानी पड़े। यह समस्या न हो, इसके लिए पोर्टल पर दोबारा चेक कर सकेंगे। इसमें नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, पता समेत अन्य विवरणों में होने वाली छोटी-बड़ी गलतियों को अंकपत्र जारी होने से पहले ही ठीक कराया जा सकेगा।
विज्ञापन
जनपद में 200 से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन के विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें जनपद में हर वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 60 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल होते हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म भरे जाने के दौरान छोटी-मोटी त्रुटियों की आशंका बनी रहती है। परीक्षा फॉर्म में दर्ज विवरण ही आगे चलकर बोर्ड के अभिलेख और अंकपत्र का आधार बनते हैं। कई बार जल्दबाजी या आवेदन भरने के दौरान हुई गलती के कारण विद्यार्थियों के अंकपत्र में नाम, अभिभावक का नाम या अन्य विवरण गलत दर्ज हो जाते हैं। अंकपत्र जारी होने के बाद इन्हें संशोधित कराने के लिए विद्यार्थी और अभिभावकों को विद्यालय से लेकर बोर्ड कार्यालय तक चक्कर लगाने पड़ते हैं।
विज्ञापन