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Siddharthnagar News: प्रसव के बाद ज्यादा शारीरिक गतिविधि, महिलाओं को कर रहीं बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 31 Jan 2026 11:43 PM IST
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- बच्चे को जन्म देने के बाद महिला अपने खान-पान पर नहीं दे रही विशेष ध्यान
- स्त्री रोग की ओपीडी में प्रतिदिन आ रहीं 10 से 15 महिलाएं
सिद्धार्थनगर। बच्चे को जन्म देने के बाद पर्याप्त आराम और संतुलित खानपान न मिलने से महिलाएं कमजोरी, थकान के साथ बीमारियों की चपेट में आ रही हैं। मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग की स्त्री रोग ओपीडी में प्रतिदिन 10 से 15 महिलाएं प्रसव के बाद होने वाली दिक्कतों को लेकर पहुंच रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि प्रसव के तुरंत बाद घरेलू जिम्मेदारियों का बोझ और लापरवाही महिलाओं की सेहत पर भारी पड़ रही है।
प्रसव के बाद आराम व बेहतर खानपान बहुत जरूरी है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन उपाध्याय ने बताया कि प्रसव के बाद महिलाएं ज्यादा शारीरिक गतिविधि के चलते बीमार हो रही हैं। मां बनने के बाद महिलाओं को स्वास्थ्य देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। शारीरिक व मानसिक बदलावों को लेकर महिलाओं को जानकारी होनी चाहिए। मगर ऐसा नहीं होने से महिलाओं में पीठ के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत ज्यादा आ रही है। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद महिलाओं में मिनरल, विटामिन व कैल्शियम की कमी होने की संभावना बढ़ जाती है, इससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ओपीडी में आने वाली इस तरह की महिलाओं को खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है जबकि इसके लिए लगभग छह सप्ताह तक कार्य में कमी लाने की भी सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने में कम से कम 6 से आठ सप्ताह का समय लगता है, लेकिन अधिकांश महिलाएं कुछ ही दिनों में भारी काम, वजन उठाना, बार-बार सीढ़ियां चढ़ना और झुककर काम करने लगती हैं। इसके कारण उन्हें समस्या होती है।
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संतुलित आहार के साथ पर्याप्त आराम करें
चिकित्सकों का कहना है कि नवजात की देखभाल में महिलाएं अपने खानपान पर ध्यान नहीं दे पातीं। इससे आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन की कमी से शरीर जल्दी रिकवर नहीं कर पाता, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार लें, हरी सब्जियां, दूध, फल और आयरन युक्त भोजन शामिल करें, पर्याप्त नींद और आराम करें।
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- स्त्री रोग की ओपीडी में प्रतिदिन आ रहीं 10 से 15 महिलाएं
सिद्धार्थनगर। बच्चे को जन्म देने के बाद पर्याप्त आराम और संतुलित खानपान न मिलने से महिलाएं कमजोरी, थकान के साथ बीमारियों की चपेट में आ रही हैं। मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग की स्त्री रोग ओपीडी में प्रतिदिन 10 से 15 महिलाएं प्रसव के बाद होने वाली दिक्कतों को लेकर पहुंच रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि प्रसव के तुरंत बाद घरेलू जिम्मेदारियों का बोझ और लापरवाही महिलाओं की सेहत पर भारी पड़ रही है।
प्रसव के बाद आराम व बेहतर खानपान बहुत जरूरी है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन उपाध्याय ने बताया कि प्रसव के बाद महिलाएं ज्यादा शारीरिक गतिविधि के चलते बीमार हो रही हैं। मां बनने के बाद महिलाओं को स्वास्थ्य देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। शारीरिक व मानसिक बदलावों को लेकर महिलाओं को जानकारी होनी चाहिए। मगर ऐसा नहीं होने से महिलाओं में पीठ के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत ज्यादा आ रही है। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद महिलाओं में मिनरल, विटामिन व कैल्शियम की कमी होने की संभावना बढ़ जाती है, इससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ओपीडी में आने वाली इस तरह की महिलाओं को खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है जबकि इसके लिए लगभग छह सप्ताह तक कार्य में कमी लाने की भी सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने में कम से कम 6 से आठ सप्ताह का समय लगता है, लेकिन अधिकांश महिलाएं कुछ ही दिनों में भारी काम, वजन उठाना, बार-बार सीढ़ियां चढ़ना और झुककर काम करने लगती हैं। इसके कारण उन्हें समस्या होती है।
संतुलित आहार के साथ पर्याप्त आराम करें
चिकित्सकों का कहना है कि नवजात की देखभाल में महिलाएं अपने खानपान पर ध्यान नहीं दे पातीं। इससे आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन की कमी से शरीर जल्दी रिकवर नहीं कर पाता, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार लें, हरी सब्जियां, दूध, फल और आयरन युक्त भोजन शामिल करें, पर्याप्त नींद और आराम करें।
