सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Siddharthnagar News : Hadse woke up...school vehicles to be seized over negligence

Siddharthnagar News: हादसे ने जगाया...लापरवाही पर सीज होंगे स्कूल वाहन

संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 19 Jan 2026 12:21 AM IST
विज्ञापन
Siddharthnagar News : Hadse woke up...school vehicles to be seized over negligence
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के मदरहिया गांव के पश्चिम एनएच पर पलटी हुई स्कूली बस। फाइल फोटो
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के मदरहिया गांव के पश्चिम हाईवे पर शनिवार सुबह कोहरे के कारण स्कूल बस और वैन के बीच हुई टक्कर में 21 बच्चे घायल हो गए। इसमें छह की हालत गंभीर है, जिनका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
Trending Videos

इस हादसे ने व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे से सबक लेते हुए संभागीय परिवहन विभाग अब फिर से स्कूलों में वाहनों की जांच के लिए अभियान चलाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रबंधकों को नोटिस जारी कर तय सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। इसके बाद जांच अभियान चलाकर गड़बड़ी मिलने पर वाहन को सीज करने के साथ विद्यालय पर भी कार्रवाई की जाएगी। आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद में पंजीकृत 704 स्कूली वाहनों में से 166 ऐसे पाए गए हैं, जिन पर नियमों के उल्लंघन की आशंका के चलते सीधे नोटिस जारी किया जा चुका है। यह आंकड़ा खुद सिस्टम की गंभीर लापरवाही और विद्यालय प्रबंधन की उदासीनता को उजागर करता है। अब इन 166 विद्यालयों पर विभाग का शिकंजा और सख्त होने वाला है। ढेबरुआ थाना क्षेत्र में के मदरहिया गांव के पास हुए हादसे ने जिम्मेदारों को सोचने पर विवश कर दिया है। बस में अधिक बच्चों के बैठने की चर्चा की जा रही है। साथ ही कुछ लोगों ने अधिक स्पीड में बस चलाने की बात कही। हालांकि, कोहरा भी इस हादसे में बड़ा कारण बना है। वहीं, वैन की बात करें तो इसकी फिटनेस की जांच के बाद ही हकीकत पता चल पाएगी।
बाकी जो स्कूली बसें सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं, सूत्रों की मानें तो उनमें कई वाहन सिर्फ नाम के लिए फिट थे। वहीं, कहीं सीटों से ज्यादा बच्चे भरे जा रहे थे तो कहीं चालक के दस्तावेज ही पूरे नहीं थे। इससे पहले भी जनपद में स्कूली वाहनों से जुड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई कागजों तक सिमट जाती थी।
इस बार जिम्मेदारों ने साफ संकेत दे दिया है। अब ढिलाई नहीं चलेगी। संभागीय परिवहन विभाग की ओर से पूरे साल विद्यालयों का जांच किया जाता है। इसमें विशेष रूप से फिटनेस और सुरक्षा मानकों के बारे में जानकारी ली जाती है। समय-समय पर फिटनेस के लिए अनफिट वाहनों को सही करने के लिए विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी किया जाता है। कुछ दिन पहले ही 166 वाहनों को नोटिस जारी किया जा चुका है।
इधर, ढेबरुआ थाना क्षेत्र में दो स्कूली वाहनों के टक्कर के बाद जांच में तेजी के आदेश दिए गए हैं। परिवहन विभाग की जांच में सामने आया कि 704 पंजीकृत स्कूली वाहनों में से 166 को फिटनेस, दस्तावेज और मानकों के उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी की गई है।
इनमें बस, मैजिक और वैन शामिल हैं। कई वाहनों की फिटनेस अवधि खत्म हो चुकी थी, फिर भी वे रोज बच्चों को सड़क पर दौड़ा रहे थे। कुछ मामलों में बीमा तक अपडेट नहीं था जबकि कई जगह क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि कई विद्यालय अपने पंजीकृत वाहनों के अलावा बिना पंजीकरण वाले ई-रिक्शा और निजी वाहनों से बच्चों का लाने-ले जाने का काम करा रहे हैं। ये वाहन न तो सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं और न ही इनके चालकों की कोई आधिकारिक जांच ही की जाती है।
जांच में सामने आ चुकी है गड़बड़ियां: संभागीय परिवहन विभाग की ओर से पूर्व के हादसों के बाद चलाए गए जांच अभियान में बड़ी गड़बड़ी उजागर हो चुकी है। इसमें क्षमता से अधिक बच्चों काे ले जाने के साथ बिना फिटनेस के सड़क पर दौड़ते वाहन मिले हैं।
इसके अलावा बिना पंजीकरण ई-रिक्शा से बच्चों का आवागमन करते हुए पाए गए हैं। सबसे बढ़ी लापरवाही बिना लाइसेंस के वाहन चलाते लोग मिले हैं, जिससे हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed