{"_id":"697f9a89b89bfd01da028bdd","slug":"siddharthnagar-news-last-evening-of-the-festival-named-after-bhojpuri-star-pawan-singh-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-152708-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: महिलाओं की पहली पसंद बनी कश्मीरी शॉल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: महिलाओं की पहली पसंद बनी कश्मीरी शॉल
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर महोत्सव के मेले में कालीन की खरीददारी करते लोग। संवाद
विज्ञापन
- मेले के आखिरी दिन बढ़ी लोगों की भीड़, खरीदारों की लगी रही कतार, महोत्सव में आकर्षक वस्तुओं ने लोगों को लुभाया
सिद्धार्थनगर। बीएसए ग्राउंड में आयोजित सिद्धार्थनगर महोत्सव के आखिरी जमकर खरीदारी हुई। दिन चढ़ने के साथ ही मेला देखने और खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ी रही। इसमें महिलाओं को कश्मीरी शॉल और स्वेटर खूब भाए और उन्होंने पसंदीदा कपड़ों की खरीदारी की। वहीं, बच्चे भी रविवार को छुट्टी के दिन मस्ती करते नजर आए। वहींं, कश्मीरी शॉल और स्वेटर की डिमांड अधिक नजर आई। मेले के आखिरी दिन होने के कारण दुकानदारों ने डिस्काउंट भी दिया, जिससे बिक्री बढ़ गई। फूड जोन में लोग लजीज व्यंजनों का लुत्फ लेते नजर आए।
सिद्धार्थनगर महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ नाइट शो का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही मेला लगा हुआ है, जिसमें विभिन्न प्रकार की 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे। मेले में खाने के सामने साथ ही कपड़ा, फर्नीचर और काॅस्मेटिक आदि के स्टाॅल लगे हुए हैं। पांच दिवसीय मेले में रविवार को पांचवें दिन खुशी और उल्लास दिखा। दिन चढ़ने के साथ- साथ मेले में भीड़ बढ़ने लगी। अनुमानित तौर पर करीब 25 हजार की भीड़ ने मेले का रुख किया। बच्चों की हंसी, झूलों की आवाज और दुकानों पर जुटी भीड़ ने माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया। खासकर बच्चों के झूले सबसे बड़े आकर्षण बने रहे, जहां देर रात तक लंबी कतार लगी रहीं। मेले में इस बार करीब 300 स्टॉल लगाए गए थे, जिनमें कपड़े, फर्नीचर, कॉस्मेटिक, खिलौने और फूड जोन की दुकानें शामिल थे।
बीएसए कार्यालय के पास बने गेट के इंट्री पर ही फूड जोन था, जहां विभिन्न प्रकार के जंक फूड के स्टॉल लगाए गए थे। इसके साथ ही खाने की व्यवस्था, गोरखपुर की धुरियापार की पकौड़ी, अमेरिकी भुट्टा, साथ ही चाट और मुदाराबादी बिरयानी लोगों की पसंद आई। इससे आगे बढ़े तो फर्नीचर की दुकानों पर भी अच्छी बिक्री दिखाई पड़ी। सोफा, कुर्सी, टेबल और घरेलू साज-सज्जा के सामान लोगों को आकर्षित हुए। वहीं, उससे आगे बढ़े तो कश्मीर की शॉल और पुरुष सदरी आदि खरीद करते हुए दिखे। सूट भी महिलाओं को खूब पसंद आया। यहां पांच 500 से लेकर दो हजार रुपये तक के शॉल और सूट थे। इसके आगे बढ़े तो कपड़ों की सामान्य बाजार डिस्काउंट वाले कपड़े खूब बिके। इसके साथ ही बिसाता लेन में तो यह हालत थी कि वहां से गुजर पाना मुश्किल हो रहा था। क्योंकि, महिलाओं की अच्छी भीड़ देखने को मिली। यहां महिलाएं विभिन्न प्रकार के सौंदर्य प्रसाधन की खरीद करती हुईं दिखी। व्यापारियों के मुताबिक आखिरी दिन की बिक्री उम्मीद से कहीं ज्यादा रही।
बीएसए ग्राउंड में सुरक्षा और व्यवस्थाएं दुरुस्त रहीं
पार्किंग, रोशनी और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था से दर्शकों को कोई परेशानी नहीं हुई। मंचीय कार्यक्रमों और मनोरंजन गतिविधियों ने भी भीड़ को बांधे रखा। कुल मिलाकर, सिद्धार्थनगर महोत्सव का अंतिम दिन रिकॉर्ड भीड़, जोरदार खरीदारी और जबरदस्त उत्साह के साथ संपन्न हुआ, जिसने बच्चों से लेकर महिलाओं और परिवारों तक सभी को खुश कर दिया।
उहापोह में रहे दुकानदार
महोत्सव के मंच के दूसरी ओर 50 अस्थाई दुकानें लगाकर लोग बिक्री कर रहे थे। इसी बीच प्रशासन और नगर पालिका टीम पहुंची और यह कहते हुए हटाने लगी कि भीड़ बढ़ने पर परेशानी होगी। पंजाब से बैग की बिक्री करने आए अनिमेश ने कहा कि हमें पिछले चार दिनों से इसी प्रकार से यहां से वहां किया जा रहा है। इतनी दूर से आए हैं, कमाई नहीं हो पा रही है। वहीं, कानपुर से आए इश्तियाक ने बताया कि वह कप, प्लेट आदि की बिक्री करने के लिए आया था। रोज हमारे साथ यही हो रहा है। कमोबेश 50 अस्थाई दुकानदारों ने यही पीड़ा व्यक्त की। इस संबंध में ईओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि इनकी अंदर दुकान अलाॅट है, उसके बाद भी यहां पर लाकर लगा दे रहे हैं। इससे भीड़ की स्थिति बन जा रही है।
Trending Videos
सिद्धार्थनगर। बीएसए ग्राउंड में आयोजित सिद्धार्थनगर महोत्सव के आखिरी जमकर खरीदारी हुई। दिन चढ़ने के साथ ही मेला देखने और खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ी रही। इसमें महिलाओं को कश्मीरी शॉल और स्वेटर खूब भाए और उन्होंने पसंदीदा कपड़ों की खरीदारी की। वहीं, बच्चे भी रविवार को छुट्टी के दिन मस्ती करते नजर आए। वहींं, कश्मीरी शॉल और स्वेटर की डिमांड अधिक नजर आई। मेले के आखिरी दिन होने के कारण दुकानदारों ने डिस्काउंट भी दिया, जिससे बिक्री बढ़ गई। फूड जोन में लोग लजीज व्यंजनों का लुत्फ लेते नजर आए।
सिद्धार्थनगर महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ नाइट शो का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही मेला लगा हुआ है, जिसमें विभिन्न प्रकार की 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे। मेले में खाने के सामने साथ ही कपड़ा, फर्नीचर और काॅस्मेटिक आदि के स्टाॅल लगे हुए हैं। पांच दिवसीय मेले में रविवार को पांचवें दिन खुशी और उल्लास दिखा। दिन चढ़ने के साथ- साथ मेले में भीड़ बढ़ने लगी। अनुमानित तौर पर करीब 25 हजार की भीड़ ने मेले का रुख किया। बच्चों की हंसी, झूलों की आवाज और दुकानों पर जुटी भीड़ ने माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया। खासकर बच्चों के झूले सबसे बड़े आकर्षण बने रहे, जहां देर रात तक लंबी कतार लगी रहीं। मेले में इस बार करीब 300 स्टॉल लगाए गए थे, जिनमें कपड़े, फर्नीचर, कॉस्मेटिक, खिलौने और फूड जोन की दुकानें शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय के पास बने गेट के इंट्री पर ही फूड जोन था, जहां विभिन्न प्रकार के जंक फूड के स्टॉल लगाए गए थे। इसके साथ ही खाने की व्यवस्था, गोरखपुर की धुरियापार की पकौड़ी, अमेरिकी भुट्टा, साथ ही चाट और मुदाराबादी बिरयानी लोगों की पसंद आई। इससे आगे बढ़े तो फर्नीचर की दुकानों पर भी अच्छी बिक्री दिखाई पड़ी। सोफा, कुर्सी, टेबल और घरेलू साज-सज्जा के सामान लोगों को आकर्षित हुए। वहीं, उससे आगे बढ़े तो कश्मीर की शॉल और पुरुष सदरी आदि खरीद करते हुए दिखे। सूट भी महिलाओं को खूब पसंद आया। यहां पांच 500 से लेकर दो हजार रुपये तक के शॉल और सूट थे। इसके आगे बढ़े तो कपड़ों की सामान्य बाजार डिस्काउंट वाले कपड़े खूब बिके। इसके साथ ही बिसाता लेन में तो यह हालत थी कि वहां से गुजर पाना मुश्किल हो रहा था। क्योंकि, महिलाओं की अच्छी भीड़ देखने को मिली। यहां महिलाएं विभिन्न प्रकार के सौंदर्य प्रसाधन की खरीद करती हुईं दिखी। व्यापारियों के मुताबिक आखिरी दिन की बिक्री उम्मीद से कहीं ज्यादा रही।
बीएसए ग्राउंड में सुरक्षा और व्यवस्थाएं दुरुस्त रहीं
पार्किंग, रोशनी और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था से दर्शकों को कोई परेशानी नहीं हुई। मंचीय कार्यक्रमों और मनोरंजन गतिविधियों ने भी भीड़ को बांधे रखा। कुल मिलाकर, सिद्धार्थनगर महोत्सव का अंतिम दिन रिकॉर्ड भीड़, जोरदार खरीदारी और जबरदस्त उत्साह के साथ संपन्न हुआ, जिसने बच्चों से लेकर महिलाओं और परिवारों तक सभी को खुश कर दिया।
उहापोह में रहे दुकानदार
महोत्सव के मंच के दूसरी ओर 50 अस्थाई दुकानें लगाकर लोग बिक्री कर रहे थे। इसी बीच प्रशासन और नगर पालिका टीम पहुंची और यह कहते हुए हटाने लगी कि भीड़ बढ़ने पर परेशानी होगी। पंजाब से बैग की बिक्री करने आए अनिमेश ने कहा कि हमें पिछले चार दिनों से इसी प्रकार से यहां से वहां किया जा रहा है। इतनी दूर से आए हैं, कमाई नहीं हो पा रही है। वहीं, कानपुर से आए इश्तियाक ने बताया कि वह कप, प्लेट आदि की बिक्री करने के लिए आया था। रोज हमारे साथ यही हो रहा है। कमोबेश 50 अस्थाई दुकानदारों ने यही पीड़ा व्यक्त की। इस संबंध में ईओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि इनकी अंदर दुकान अलाॅट है, उसके बाद भी यहां पर लाकर लगा दे रहे हैं। इससे भीड़ की स्थिति बन जा रही है।
