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जल जीवन मिशन : शुद्ध पानी मिलना अभी सपना
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:48 AM IST
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जोगिया ब्लॉक के ग्राम पंचायत नकाही में अधुरी पड़ी पानी की टंकी। संवाद
- फोटो : टूंडला- एटा मार्ग पर लगे बोर्ड पर लगी जंग। संवाद
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सिद्धार्थनगर। सरकार की हर घर नल महत्वाकांक्षी योजना जिले में केवल कागजों में तेजी से दौड़ रही है। हकीकत में इसकी रफ्तार काफी धीमी है। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने के दावे किए गए, लेकिन आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां टोंटी तो लगी हैं, लेकिन पानी की सप्लाई अभी तक नहीं हुई।
कहीं अधूरी टंकियां खड़ी हैं तो कहीं पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें और गलियां खोदकर छोड़ दी गईं। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने से लोगों आज भी देसी हैंडपंप से पानी पीने को मजबूर हैं। इससे लोगों को बीमारी फैलने का डर सता रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत जिले में लक्षित 762 परियोजनाओं के सापेक्ष अभी सिर्फ 224 परियोजनाएं ही पूरी हो पाई हैं। आंकड़ों के मुताबिक इन परियोजनाओं के लिए खोदी गई 2153.68 किमी लंबी सड़क में आठ सौ किमी की मरम्मत नहीं हो सकी है। जबकि हकीकत में गांवों में इससे कहीं अधिक सड़कों में गड्ढे बने हुए है। अब इन दो हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो अधिकांश अधूरी पड़ी हैं। कहीं ओवरहेड टैंक बनाकर छोड़े गए हैं तो कहीं पाइपलाइन बिछाना और टोंटी लगाना जिम्मेदार भूल गए हैं। परियोजनाओं की हकीकत जानने के लिए कुछ गांवों की पड़ताल की गई तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत अधिकांश गांवों को योजना से जोड़े जाने का दावा किया गया है, लेकिन वास्तविक रूप से काम पूरा होने वाले गांवों की संख्या सीमित है।
हजारों किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की रिपोर्ट जरूर तैयार की गई, लेकिन इनमें से कई जगहों पर अभी तक पाइपलाइन बिछाई ही नहीं गई है। तहसीलवार स्थिति पर नजर डालें तो कहीं आंशिक जलापूर्ति शुरू हुई है तो कई तहसीलों में टंकी निर्माण, पंप हाउस और बिजली कनेक्शन के अभाव में काम अधूरा पड़ा है। कई गांवों में घर-घर कनेक्शन लगा दिए गए, लेकिन स्रोत, ट्रायल और तकनीकी खामियों के कारण सप्लाई शुरू नहीं हो पाई। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने पर केवल आश्वासन मिलते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। वॉटर टैंक व बाउंड्रीवॉल निर्माण से पहले टूटा सोलर पैनल: शाहपुर। खुनियांव ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत बगहवा में हर घर नल योजना के तहत 164.54 लाख रुपये की लागत से बन रहे वाटर टैंक का निर्माण कार्य वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। वर्ष 2024 में गांव में पाइपलाइन डालकर वाटर सप्लाई का कार्य पूर्ण करना था लेकिन अबतक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। वहीं कार्यस्थल पर लगे सोलर पैनल को बच्चों ने ईंट-पत्थर फेंककर क्षतिग्रस्त कर दिए हैं। वहीं, ग्राम पंचायत हरिजोत में हर घर नल योजना के तहत वर्ष 2023 में 167.17 लाख रुपये की लागत से दो गांव में पाइपलाइन बिछाकर वर्ष 2024 में वाटर सप्लाई चालू करना था, लेकिन वाटर टैंक का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। पंपहाउस के समीप लगे सोलर पैनल भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पाइपलाइन डालते समय गांव की मुख्य सड़क को तोड़ दिया गया।
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कहीं अधूरी टंकियां खड़ी हैं तो कहीं पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें और गलियां खोदकर छोड़ दी गईं। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने से लोगों आज भी देसी हैंडपंप से पानी पीने को मजबूर हैं। इससे लोगों को बीमारी फैलने का डर सता रहा है।
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जल जीवन मिशन के तहत जिले में लक्षित 762 परियोजनाओं के सापेक्ष अभी सिर्फ 224 परियोजनाएं ही पूरी हो पाई हैं। आंकड़ों के मुताबिक इन परियोजनाओं के लिए खोदी गई 2153.68 किमी लंबी सड़क में आठ सौ किमी की मरम्मत नहीं हो सकी है। जबकि हकीकत में गांवों में इससे कहीं अधिक सड़कों में गड्ढे बने हुए है। अब इन दो हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो अधिकांश अधूरी पड़ी हैं। कहीं ओवरहेड टैंक बनाकर छोड़े गए हैं तो कहीं पाइपलाइन बिछाना और टोंटी लगाना जिम्मेदार भूल गए हैं। परियोजनाओं की हकीकत जानने के लिए कुछ गांवों की पड़ताल की गई तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत अधिकांश गांवों को योजना से जोड़े जाने का दावा किया गया है, लेकिन वास्तविक रूप से काम पूरा होने वाले गांवों की संख्या सीमित है।
हजारों किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की रिपोर्ट जरूर तैयार की गई, लेकिन इनमें से कई जगहों पर अभी तक पाइपलाइन बिछाई ही नहीं गई है। तहसीलवार स्थिति पर नजर डालें तो कहीं आंशिक जलापूर्ति शुरू हुई है तो कई तहसीलों में टंकी निर्माण, पंप हाउस और बिजली कनेक्शन के अभाव में काम अधूरा पड़ा है। कई गांवों में घर-घर कनेक्शन लगा दिए गए, लेकिन स्रोत, ट्रायल और तकनीकी खामियों के कारण सप्लाई शुरू नहीं हो पाई। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने पर केवल आश्वासन मिलते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। वॉटर टैंक व बाउंड्रीवॉल निर्माण से पहले टूटा सोलर पैनल: शाहपुर। खुनियांव ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत बगहवा में हर घर नल योजना के तहत 164.54 लाख रुपये की लागत से बन रहे वाटर टैंक का निर्माण कार्य वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। वर्ष 2024 में गांव में पाइपलाइन डालकर वाटर सप्लाई का कार्य पूर्ण करना था लेकिन अबतक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। वहीं कार्यस्थल पर लगे सोलर पैनल को बच्चों ने ईंट-पत्थर फेंककर क्षतिग्रस्त कर दिए हैं। वहीं, ग्राम पंचायत हरिजोत में हर घर नल योजना के तहत वर्ष 2023 में 167.17 लाख रुपये की लागत से दो गांव में पाइपलाइन बिछाकर वर्ष 2024 में वाटर सप्लाई चालू करना था, लेकिन वाटर टैंक का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। पंपहाउस के समीप लगे सोलर पैनल भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पाइपलाइन डालते समय गांव की मुख्य सड़क को तोड़ दिया गया।
