{"_id":"69bc42a990387a7a4c0d7a81","slug":"the-smile-on-the-faces-of-the-cooks-after-receiving-eidi-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1001-155255-2026-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: ईदी पाकर रसोइयों के चेहरे पर आई मुस्कान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: ईदी पाकर रसोइयों के चेहरे पर आई मुस्कान
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। बर्डपुर ब्लॉक क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवरा चौधरी में ईद के मौके पर रसोइयों को ईदी देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय में कार्यरत रसोइया निर्मला और सरस्वती को अंगवस्त्र, ईद पर बनने वाले विशेष पकवानों के लिए सेवई और मेवे के साथ नकद धनराशि भेंट कर ईद की मुबारकबाद दी गई। ईदी पाकर दोनों रसोइयों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री कलीमुल्लाह ने कहा कि त्योहारों की खुशियों में सभी को शामिल करना ही सच्चे भाईचारे और इंसानियत की पहचान है। उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को बहुत कम मानदेय पर काम करना पड़ता है। उन्हें प्रतिमाह मात्र दो हजार रुपये मानदेय मिलता है और वह भी साल में केवल दस माह के लिए ही दिया जाता है। इतने कम मानदेय में जीवन यापन करना उनके लिए बेहद कठिन हो जाता है।
उन्होंने बताया कि विद्यालय परिवार द्वारा हर वर्ष ईद और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों पर रसोइयों को अंगवस्त्र और विशेष पकवान के लिए आवश्यक सामग्री भेंट की जाती है, ताकि वे भी त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें। जरूरतमंदों की मदद करना और उन्हें खुशियां देना ही सबसे बड़ा धर्म है।
Trending Videos
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री कलीमुल्लाह ने कहा कि त्योहारों की खुशियों में सभी को शामिल करना ही सच्चे भाईचारे और इंसानियत की पहचान है। उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को बहुत कम मानदेय पर काम करना पड़ता है। उन्हें प्रतिमाह मात्र दो हजार रुपये मानदेय मिलता है और वह भी साल में केवल दस माह के लिए ही दिया जाता है। इतने कम मानदेय में जीवन यापन करना उनके लिए बेहद कठिन हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि विद्यालय परिवार द्वारा हर वर्ष ईद और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों पर रसोइयों को अंगवस्त्र और विशेष पकवान के लिए आवश्यक सामग्री भेंट की जाती है, ताकि वे भी त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें। जरूरतमंदों की मदद करना और उन्हें खुशियां देना ही सबसे बड़ा धर्म है।