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Siddharthnagar News: बिस्कोहर से रोडवेज बसें नहीं, डग्गामार वाहनों के जाल में फंस कट रही जेब
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:20 PM IST
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बिस्कोहर। सरकार की सुगम सफर योजना बिस्कोहर नगर पंचायत की सरहदों पर आकर दम तोड़ती नजर आ रही है। कस्बे से जनपद मुख्यालय और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों के लिए रोडवेज बसों का संचालन न होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। डग्गामार वाहनों के भरोसे चल रही इस व्यवस्था के कारण लोगों को न सिर्फ अधिक किराया देना पड़ रहा है बल्कि असुरक्षित सफर करने की मजबूरी भी है।
लोगों का कहना है कि पहले इन रूटों पर बसों का संचालन होता था, लेकिन अब सेवा बंद होने से मुसीबत बढ़ गई है। कई बार लोग मांग भी कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। अगर बसों का संचालन हो तो लोगों की यात्रा सुगम हो सके।
इस संबंध में एआरएम सिद्धार्थनगर डिपो वीके गंगवार ने बताया कि यात्रियों का सर्वे कराया जाएगा। मांग के हिसाब से बस के संचालन के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
असुविधाओं का ‘’पहाड़’’ और निजी बसों और टैक्सियों की मनमानी : बिस्कोहर से जनपद मुख्यालय की 70 किमी और गोरखपुर की 130 किमी की दूरी तय करना, यहां के लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सीधे बस सेवा के अभाव में यात्रियों को घंटों मुख्य मार्ग पर बसों और टैक्सियों का इंतजार करना पड़ता है। अब्दुल वदूद, पप्पू गुप्ता और पवन भोजवाल का कहना है कि कस्बे के विस्तार के बावजूद रोडवेज विभाग यहां से बसें चलाने में रुचि नहीं ले रहा है। सरकारी बसें न होने का सीधा फायदा डग्गामार वाहन उठा रहे हैं, जो यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। स्थानीय निवासी राजेश मौर्या, कल्लू भोजवाल, संतोष गौतम और जगराम गुप्ता ने बताया कि मुख्यालय जाने के लिए कोई निश्चित समय सारिणी न होने से व्यापारिक कार्य प्रभावित होते हैं।
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लोगों का कहना है कि पहले इन रूटों पर बसों का संचालन होता था, लेकिन अब सेवा बंद होने से मुसीबत बढ़ गई है। कई बार लोग मांग भी कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। अगर बसों का संचालन हो तो लोगों की यात्रा सुगम हो सके।
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इस संबंध में एआरएम सिद्धार्थनगर डिपो वीके गंगवार ने बताया कि यात्रियों का सर्वे कराया जाएगा। मांग के हिसाब से बस के संचालन के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
असुविधाओं का ‘’पहाड़’’ और निजी बसों और टैक्सियों की मनमानी : बिस्कोहर से जनपद मुख्यालय की 70 किमी और गोरखपुर की 130 किमी की दूरी तय करना, यहां के लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सीधे बस सेवा के अभाव में यात्रियों को घंटों मुख्य मार्ग पर बसों और टैक्सियों का इंतजार करना पड़ता है। अब्दुल वदूद, पप्पू गुप्ता और पवन भोजवाल का कहना है कि कस्बे के विस्तार के बावजूद रोडवेज विभाग यहां से बसें चलाने में रुचि नहीं ले रहा है। सरकारी बसें न होने का सीधा फायदा डग्गामार वाहन उठा रहे हैं, जो यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। स्थानीय निवासी राजेश मौर्या, कल्लू भोजवाल, संतोष गौतम और जगराम गुप्ता ने बताया कि मुख्यालय जाने के लिए कोई निश्चित समय सारिणी न होने से व्यापारिक कार्य प्रभावित होते हैं।