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Siddharthnagar News: सड़क चौड़ीकरण के सर्वे पर भड़के ग्रामीण, डीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:03 AM IST
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बर्डपुर। पिपरहवा-अलीगढ़वा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराए जा रहे सर्वे का ग्रामीणों, किसानों और व्यापारियों ने विरोध किया है। सोमवार को बड़ी संख्या में लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सर्वे को तत्काल रोकने तथा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के मानकों के अनुसार सड़क की सेंटर लाइन से दोनों ओर समान दूरी तक भूमि का अधिग्रहण किया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान सर्वे में लगभग छह किलोमीटर लंबे हिस्से में केवल पश्चिम दिशा की ओर करीब 21 मीटर तक भूमि चिह्नित की जा रही है। इससे सड़क किनारे स्थित बाजार, चौराहे, दुकानें और कई आवासीय भवन प्रभावित होंगे।
ज्ञापन में कहा गया है कि सड़क की पूर्व दिशा में सिंचाई विभाग की एक पुरानी नहर मौजूद है, जो वर्षों से अनुपयोगी और बंद पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि चौड़ीकरण के लिए उस भूमि का उपयोग किया जाए तो बड़ी संख्या में परिवारों के विस्थापन और रोजगार पर पड़ने वाले असर को रोका जा सकता है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घनी आबादी और प्रमुख बाजारों के बीच से फोरलेन सड़क निकालने का निर्णय व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने परियोजना के लिए वैकल्पिक बाइपास मार्ग पर भी विचार करने की मांग की, जिससे जनहानि और आर्थिक नुकसान को कम किया जा सके। ज्ञापन में पीडब्ल्यूडी, राजस्व विभाग और सिंचाई विभाग की संयुक्त तकनीकी टीम गठित कर मौके का फिर से निरीक्षण कराने की मांग की गई है। साथ ही सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में न्यूनतम विस्थापन के सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि विकास योजनाएं ऐसी हों जिनसे आम लोगों के अधिकारों, आवास और आजीविका की रक्षा हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में वीरेंद्र, अंबिका, राधेश्याम, सोनू, महेंद्र, बबलू, रामउजागीर, राजकमल सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे। उन्होंने प्रशासन से मामले में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेकर न्यायोचित कार्रवाई करने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के मानकों के अनुसार सड़क की सेंटर लाइन से दोनों ओर समान दूरी तक भूमि का अधिग्रहण किया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान सर्वे में लगभग छह किलोमीटर लंबे हिस्से में केवल पश्चिम दिशा की ओर करीब 21 मीटर तक भूमि चिह्नित की जा रही है। इससे सड़क किनारे स्थित बाजार, चौराहे, दुकानें और कई आवासीय भवन प्रभावित होंगे।
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ज्ञापन में कहा गया है कि सड़क की पूर्व दिशा में सिंचाई विभाग की एक पुरानी नहर मौजूद है, जो वर्षों से अनुपयोगी और बंद पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि चौड़ीकरण के लिए उस भूमि का उपयोग किया जाए तो बड़ी संख्या में परिवारों के विस्थापन और रोजगार पर पड़ने वाले असर को रोका जा सकता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि विकास योजनाएं ऐसी हों जिनसे आम लोगों के अधिकारों, आवास और आजीविका की रक्षा हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में वीरेंद्र, अंबिका, राधेश्याम, सोनू, महेंद्र, बबलू, रामउजागीर, राजकमल सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे। उन्होंने प्रशासन से मामले में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेकर न्यायोचित कार्रवाई करने की मांग की।