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Siddharthnagar News: खेसरहा सीएचसी में मिलने लगी एक्स-रे प्लेट, तिलौली में अभी मोबाइल पर ही रिपोर्ट
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सिद्धार्थनगर। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का दावा बेदम साबित हो रहा है। अस्पताल में जो सुविधाएं मरीजों को मिलनी चाहिए वह केवल कागजी दावे तक सीमित है। यह हम नहीं शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी के घुटने की खेसरहा सीएचसी में एक्स-रे जांच के दौरान सामने आया मामला बता रहा है। यही नहीं मिठवल ब्लॉक के तिलौली सीएचसी में भी मोबाइल पर भी एक्स-रे की रिपोर्ट दी जा रही है। वहीं बांसी के मिनी जिला अस्पताल में तो एक्स-रे की मशीन की खराब है। बताया जा रहा है कि कई महीनों से खराब है और लोग बाहर से एक्सरे करा रहे हैं। वहीं, शिक्षक विधायक ने डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री से बात करने के साथ ही प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से भी समस्या के संबंध में जानकारी दी और व्यवस्थाओं में सुधार की बात कही।
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भड़के विधायक तो 24 घंटे में बदल गई खेसरहा सीएचसी की व्यवस्था
बांसी। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी सोमवार को घुटने में अचानक दर्द महसूस हुआ। वह तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा पहुंच गए। चिकित्सक के बताने पर घुटने का एक्स-रे हुआ लेकिन जब रिपोर्ट की बारी आई तो प्लेट देने की जाए उन्हें मोबाइल फोन पर उसकी तस्वीर खींच कर दी गई। अव्यवस्था देखकर शिक्षक विधायक भड़क गए। उन्होंने कहा कि उन्हें प्लेट चाहिए, डॉक्टर को दिखानी है। इस पर टेक्नीशियन ने बताया कि कई महीनों से यहां एक्स-रे प्लेट उपलब्ध नहीं है। मरीजों को मोबाइल पर रिपोर्ट दी जा रही है। शिक्षक विधायक ने रोष प्रकट किया और मामले को शासन तक पहुंचाने की बात कही। मंगलवार को जब अस्पताल की पड़ताल की गई तो देखा गया कि जांच के बाद मरीजों को एक्स-रे प्लेट दी जा रही थी। लोगों ने बताया कि कई महीनों से एक्स-रे करवाने वाले मरीजों को प्लेट नहीं मिल रही थी। मरीजों को मोबाइल पर फोटो खींचने को कहा जाता था। इससे काफी असुविधा हो रही थी। इसमें स्मार्टफोन का प्रयोग करने वालों को तो दिक्कत नहीं थी, लेकिन जो फोन नहीं चलाते हैं या वृद्ध थे, उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा था। संयोग रहा कि शिक्षक विधायक अस्पताल पहुंच गए और खेसरहा सीएचसी की असलियत सामने आ गई। उनके आक्रोशित होने का नतीजा था कि सुबह ही प्लेट उपलब्ध हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी खेसरहा सुजीत कुमार पांडेय ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 400 से 500 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें लगभग 40 से 50 मरीज एक्स-रे करवाने के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है, जबकि लगभग 70 से 80 मरीज प्रतिदिन आते हैं। एक्सीडेंट मामलों में हड्डी से संबंधित गंभीर मरीजों को रेफर भी करना पड़ता है।
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मिनी जिला अस्पताल की एक्स- रे मशीन खराब, जांच के लिए भटक रहे मरीज
बांसी। बांसी में पचास शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय की स्वीकृति के बाद लोग काफी खुश थे कि अब उन्हें मिनी जिला अस्पताल की सुविधा मिलेगी और उन्हें इलाज के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। हालांकि यह सपना सपना ही रह गया। इस अस्पताल में एक्स-रे जांच की सुविधा न होने से लोगों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। यही नहीं एक्सीडेंट के मामले में फ्रैक्चर होने पर मरीजों को मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर रेफर करना पड़ता है। बताते चले कि तीन वर्ष पूर्व क्षेत्रीय विधायक जय प्रताप सिंह ने क्षेत्रीय मरीजों की सुविधा के लिए विधायक निधि से एक्सरे मशीन मंगाई थी। उस समय अस्पताल भवन का निर्माण चल रहा था। तब इसका संचालन यह कर नहीं किया गया कि अभी भवन की व्यवस्था नहीं है। भवन बन जाने के बाद इसका संचालन शुरू होगा। अस्पताल भवन शुरू हुए एक वर्ष से ऊपर हो गया इसके बाद भी एक्स-रे जांच शुरू नहीं हुई। इसलिए हर चोट और अन्य हड्डी की समस्या वाले मरीजों को देखते ही जांच के लिए बाहर भेज दिया जाता है।
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डिजिटल मशीन की व्यवस्था फिर भी मरीजों को नहीं मिल रही एक्स-रे प्लेट
तिलौली। मिठवल ब्लॉक क्षेत्र के तिलौली में बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 50 गांव के मरीज आते हैं। लगभग ढाई लाख से अधिक की आबादी के इलाज का जिम्मा है। यहां पर प्रतिदिन लगभग 300 से 350 मरीज अपना इलाज कराने अस्पताल आते हैं। अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए डिजिटल एक्स-रे मशीन लगी है। मंगलवार को अस्पताल में खेसरहा सीएचसी जैसी ही अव्यवस्था मिली। मरीजों की जांच तो हो रही थी लेकिन रिपोर्ट मोबाइल पर दी जा रही थी। स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 एक्स-रे किया जाता है। जिस मरीज के पास कैमरा वाला फोन नहीं होता है उसे निराश लौटना पड़ता है। इस संबंध में अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि एक्स-रे प्लेट नहीं है। इसके लिए पत्राचार किया गया है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलौली में हाथ का एक्स-रे करवाने के लिए आया था। जांच तो हो गई लेकिन जब एक्स-रे प्लेट मांगी तो मना कर दिया गया। बताया कि मोबाइल फोटो खींच कर ले जाना होगा।
- समसुद्दीन
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मेरा हाथ फ्रैक्चर हो गया है। सीएचसी पर आकर जांच कराई। इसके बाद रिपोर्ट मांगने पर मोबाइल पर फोटो खींच कर ले जाने की बात कही गई। बताया कि की-पैड मोबाइल होने की वजह से फोटो भी नहीं ले सका। बाहर अधिक दाम देकर जांच कराई।
संतराम राजभर
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खेसरहा सीएचसी में काफी दिनों से एक्स-रे प्लेट नहीं मिल रही थी। मंगलवार को घुटने का एक्स-रे करवाया तो रिपोर्ट के साथ प्लेट मिल गई।
- विजय कुमार, निवासी बेलवा लगुनही
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सीने में दर्द हो रहा था, डॉक्टर ने एक्स-रे कराने के लिए कहा था। खेसरहा सीएचसी में गया तो जांच के बाद थोड़ी देर में एक्स-रे प्लेट मिल गई। कोई दिक्कत नहीं हुई है।
- बृजेश उपाध्याय
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वर्जन
सीएचसी पर इलाज कराने गए तो दुर्व्यवस्था सामने आई। इसकी शिकायत सीएमओ व डीएम से करने के साथ ही उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव से की है। अपर सचिव ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। जरूरी हुआ तो मामला सदन में उठाया जाएगा।
- ध्रुव कुमार त्रिपाठी, शिक्षक विधायक
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भड़के विधायक तो 24 घंटे में बदल गई खेसरहा सीएचसी की व्यवस्था
बांसी। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी सोमवार को घुटने में अचानक दर्द महसूस हुआ। वह तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा पहुंच गए। चिकित्सक के बताने पर घुटने का एक्स-रे हुआ लेकिन जब रिपोर्ट की बारी आई तो प्लेट देने की जाए उन्हें मोबाइल फोन पर उसकी तस्वीर खींच कर दी गई। अव्यवस्था देखकर शिक्षक विधायक भड़क गए। उन्होंने कहा कि उन्हें प्लेट चाहिए, डॉक्टर को दिखानी है। इस पर टेक्नीशियन ने बताया कि कई महीनों से यहां एक्स-रे प्लेट उपलब्ध नहीं है। मरीजों को मोबाइल पर रिपोर्ट दी जा रही है। शिक्षक विधायक ने रोष प्रकट किया और मामले को शासन तक पहुंचाने की बात कही। मंगलवार को जब अस्पताल की पड़ताल की गई तो देखा गया कि जांच के बाद मरीजों को एक्स-रे प्लेट दी जा रही थी। लोगों ने बताया कि कई महीनों से एक्स-रे करवाने वाले मरीजों को प्लेट नहीं मिल रही थी। मरीजों को मोबाइल पर फोटो खींचने को कहा जाता था। इससे काफी असुविधा हो रही थी। इसमें स्मार्टफोन का प्रयोग करने वालों को तो दिक्कत नहीं थी, लेकिन जो फोन नहीं चलाते हैं या वृद्ध थे, उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा था। संयोग रहा कि शिक्षक विधायक अस्पताल पहुंच गए और खेसरहा सीएचसी की असलियत सामने आ गई। उनके आक्रोशित होने का नतीजा था कि सुबह ही प्लेट उपलब्ध हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी खेसरहा सुजीत कुमार पांडेय ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 400 से 500 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें लगभग 40 से 50 मरीज एक्स-रे करवाने के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है, जबकि लगभग 70 से 80 मरीज प्रतिदिन आते हैं। एक्सीडेंट मामलों में हड्डी से संबंधित गंभीर मरीजों को रेफर भी करना पड़ता है।
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मिनी जिला अस्पताल की एक्स- रे मशीन खराब, जांच के लिए भटक रहे मरीज
बांसी। बांसी में पचास शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय की स्वीकृति के बाद लोग काफी खुश थे कि अब उन्हें मिनी जिला अस्पताल की सुविधा मिलेगी और उन्हें इलाज के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। हालांकि यह सपना सपना ही रह गया। इस अस्पताल में एक्स-रे जांच की सुविधा न होने से लोगों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। यही नहीं एक्सीडेंट के मामले में फ्रैक्चर होने पर मरीजों को मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर रेफर करना पड़ता है। बताते चले कि तीन वर्ष पूर्व क्षेत्रीय विधायक जय प्रताप सिंह ने क्षेत्रीय मरीजों की सुविधा के लिए विधायक निधि से एक्सरे मशीन मंगाई थी। उस समय अस्पताल भवन का निर्माण चल रहा था। तब इसका संचालन यह कर नहीं किया गया कि अभी भवन की व्यवस्था नहीं है। भवन बन जाने के बाद इसका संचालन शुरू होगा। अस्पताल भवन शुरू हुए एक वर्ष से ऊपर हो गया इसके बाद भी एक्स-रे जांच शुरू नहीं हुई। इसलिए हर चोट और अन्य हड्डी की समस्या वाले मरीजों को देखते ही जांच के लिए बाहर भेज दिया जाता है।
डिजिटल मशीन की व्यवस्था फिर भी मरीजों को नहीं मिल रही एक्स-रे प्लेट
तिलौली। मिठवल ब्लॉक क्षेत्र के तिलौली में बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 50 गांव के मरीज आते हैं। लगभग ढाई लाख से अधिक की आबादी के इलाज का जिम्मा है। यहां पर प्रतिदिन लगभग 300 से 350 मरीज अपना इलाज कराने अस्पताल आते हैं। अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए डिजिटल एक्स-रे मशीन लगी है। मंगलवार को अस्पताल में खेसरहा सीएचसी जैसी ही अव्यवस्था मिली। मरीजों की जांच तो हो रही थी लेकिन रिपोर्ट मोबाइल पर दी जा रही थी। स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 एक्स-रे किया जाता है। जिस मरीज के पास कैमरा वाला फोन नहीं होता है उसे निराश लौटना पड़ता है। इस संबंध में अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि एक्स-रे प्लेट नहीं है। इसके लिए पत्राचार किया गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलौली में हाथ का एक्स-रे करवाने के लिए आया था। जांच तो हो गई लेकिन जब एक्स-रे प्लेट मांगी तो मना कर दिया गया। बताया कि मोबाइल फोटो खींच कर ले जाना होगा।
- समसुद्दीन
मेरा हाथ फ्रैक्चर हो गया है। सीएचसी पर आकर जांच कराई। इसके बाद रिपोर्ट मांगने पर मोबाइल पर फोटो खींच कर ले जाने की बात कही गई। बताया कि की-पैड मोबाइल होने की वजह से फोटो भी नहीं ले सका। बाहर अधिक दाम देकर जांच कराई।
संतराम राजभर
खेसरहा सीएचसी में काफी दिनों से एक्स-रे प्लेट नहीं मिल रही थी। मंगलवार को घुटने का एक्स-रे करवाया तो रिपोर्ट के साथ प्लेट मिल गई।
- विजय कुमार, निवासी बेलवा लगुनही
सीने में दर्द हो रहा था, डॉक्टर ने एक्स-रे कराने के लिए कहा था। खेसरहा सीएचसी में गया तो जांच के बाद थोड़ी देर में एक्स-रे प्लेट मिल गई। कोई दिक्कत नहीं हुई है।
- बृजेश उपाध्याय
वर्जन
सीएचसी पर इलाज कराने गए तो दुर्व्यवस्था सामने आई। इसकी शिकायत सीएमओ व डीएम से करने के साथ ही उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव से की है। अपर सचिव ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। जरूरी हुआ तो मामला सदन में उठाया जाएगा।
- ध्रुव कुमार त्रिपाठी, शिक्षक विधायक