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Sitapur News: तिरंगे में लिपटकर घर आया अग्निवीर का शव
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 30 Mar 2026 12:46 AM IST
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पार्थिव शरीर पहुंचा घर।
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हरगांव/परसेंड़ी। कुपवाड़ा में तैनात अग्निवीर जवान इंद्रजीत गुप्ता (24) का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव परसेंडी के पकरिया धापूपुर लाया गया। अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। हर किसी ने नम आंखों से वीर सपूत को अंतिम विदा दी।
इस दौरान भारत माता की जय और इंद्रजीत अमर रहें के नारों से गांव गूंज उठा। राजकीय सम्मान के साथ गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। इंद्रजीत के चाचा संतोष गुप्ता ने मुखाग्नि दी
इंद्रजीत का 2021 में अग्निवीर में चयन हुआ था। वह कुपवाड़ा में तैनात थे। भाई इंद्रपाल के मुताबिक शुक्रवार सुबह ड्यूटी जाते समय अचानक बेहोश हाेकर वह गिर गए थे। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
उनके निधन की जानकारी जैसे ही गांव पहुंची तो हर कोई दंग रह गया। किसी को विश्वास ही नहीं हुआ कि इतनी कम में उम्र में इंद्रजीत दुनिया छोड़कर जा सकता है। परिजन पार्थिव शरीर के घर आने का इंतजार कर रहे थे। रविवार को पार्थिव शरीर के आने से पहले ही गांव में हजारों की संख्या में भीड़ जमा हो गई। सेना के फूलों से सजाए गए वाहन में पार्थिव शरीर को ले जाकर राजकीय सम्मान के साथ गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान मद्रास रेजिमेंट की ओर शोक धुन भी गूंजी। जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही क्षेत्र के सभी गणमान्य लोगों का तांता लगा रहा। मद्रास रेजिमेंट के जवानों ने अपने वीर सपूत को कंधा दिया।
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इंद्रजीत का 2021 में अग्निवीर में चयन हुआ था। वह कुपवाड़ा में तैनात थे। भाई इंद्रपाल के मुताबिक शुक्रवार सुबह ड्यूटी जाते समय अचानक बेहोश हाेकर वह गिर गए थे। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
उनके निधन की जानकारी जैसे ही गांव पहुंची तो हर कोई दंग रह गया। किसी को विश्वास ही नहीं हुआ कि इतनी कम में उम्र में इंद्रजीत दुनिया छोड़कर जा सकता है। परिजन पार्थिव शरीर के घर आने का इंतजार कर रहे थे। रविवार को पार्थिव शरीर के आने से पहले ही गांव में हजारों की संख्या में भीड़ जमा हो गई। सेना के फूलों से सजाए गए वाहन में पार्थिव शरीर को ले जाकर राजकीय सम्मान के साथ गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान मद्रास रेजिमेंट की ओर शोक धुन भी गूंजी। जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही क्षेत्र के सभी गणमान्य लोगों का तांता लगा रहा। मद्रास रेजिमेंट के जवानों ने अपने वीर सपूत को कंधा दिया।