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Sitapur News: घास-फूस की अमृत वाटिका
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:33 AM IST
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सीतापुर। मछरेहटा विकास खंड क्षेत्र में अमृत वाटिकाएं लापरवाही की भेंट चढ़ गई हैं। जिन अमृत वाटिकाओं में हरियाली नजर आनी चाहिए, वहां घास-फूस उगी है। कहीं गांजा उगा है तो किसी अमृत वाटिका में अरहर की फसल खड़ी है। जिम्मेदारों की अनदेखी से गांवों में हरियाली लाने के उद्देश्य से बनाई गईं अमृत वाटिकाएं बदहाली का शिकार हैं। मछरेहटा ब्लॉक की ग्राम पंचायत केन्दुआपुर में बनी अमृत वाटिका पौधा विहीन है। इसमें गांजा व झाड़-झंखाड़ उगी हुई है। इस गांव के आशीष, अमित, मोनू आदि ने बताया कि अमृत वाटिका शुरुआती दौर से ही लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। इसी तरह बारेपारा के मजरा अकबरपुर में बनी अमृत वाटिका भी पौधा विहीन है। यहां पौधों की जगह घास उगी नजर आती है। इसके पिलर भी टूट गए हैं। बरसंधियां की अमृत वाटिका में भी पौधे नजर नहीं आते हैं। अमृत वाटिका के नाम पर यहां सिर्फ गेट बना दिया गया है। पौधों की जगह इसमें घास फूस उगी है। जटपुरवा में बनी अमृत वाटिका में पौधों की जगह अरहर की फसल बोई हुई है। पहाड़पुर में बनी अमृत वाटिका में काफी पुराना पीपल का वृक्ष लगा है, उसी में मंदिर भी है। जिसमें कुछ पौधे लगाकर अमृत वाटिका का रूप दिया गया है। अब यहां नाम मात्र के पौधे बचे हैं। विभागीय जानकार बताते हैं कि एक अमृत वाटिका पर डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च किए गए। इनमें बरगद, पीपल, गूलर, बेल, नीम, आंवला, जामुन, शीशम व इमली आदि के पौधे लगाए जाने थे। मछरेहटा ब्लॉक के ज्यादातर गांवों की अमृत वाटिका पौधा विहीन और बदहाल हैं।
जांच कराई जाएगी
एडीओ पंचायत मछरेहटा संदीप कुमार ने बताया कि जिन अमृत वाटिकाओं में पौधे नहीं लगे हैं, वहां सचिव व प्रधान को निर्देशित कर पौधारोपण कराया जाएगा। बदहाल अमृत वाटिका की जांच कराई जाएगी। जिसकी लापरवाही मिली, कारण बताओ नोटिस जारी कर उससे जवाब मांगा जाएगा।
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जांच कराई जाएगी
एडीओ पंचायत मछरेहटा संदीप कुमार ने बताया कि जिन अमृत वाटिकाओं में पौधे नहीं लगे हैं, वहां सचिव व प्रधान को निर्देशित कर पौधारोपण कराया जाएगा। बदहाल अमृत वाटिका की जांच कराई जाएगी। जिसकी लापरवाही मिली, कारण बताओ नोटिस जारी कर उससे जवाब मांगा जाएगा।
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