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Sitapur News: पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेंगे सिंचाई उपकरण
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:24 AM IST
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सीतापुर। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कृषि व औद्यानिक फसलों के किसानों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सिंचाई उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
जिला उद्यान अधिकारी राजश्री ने बताया कि गन्ना, गेहूं, सरसों, सब्जी, आलू, मटर व अन्य किसानों को कम लागत में गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाता है। लागत को कम करने में सिंचाई का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। पानी में उर्वरकों को मिलाकर फसलों को पोषकतत्व देने में आसानी होती है। इसके लिए विभाग ड्रिप व स्प्रिंकलर के माध्यम से फौव्वारा व टपक सिंचाई पद्धति को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि पर ड्रॉप मोर क्रॉप (माइक्रो इरीगेशन) योजना के तहत पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किसानों को पोर्टेबल स्प्रिंकलर, ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर और रेनगन आदि सिंचाई उपकरणों की स्थापना पर अनुदान दिया जाता है। इसके माध्यम से सिंचाई करने पर भूगर्भ जल की बचत होती है। ड्रिप व स्प्रिंकलर सिस्टम के सेट पर लघु, सीमांत किसानों को 90 फीसदी व सामान्य किसान को 80 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। बताया कि किसानों को पर ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरीगेशन योजना का लाभ लेने के लिए www.upmip.in पर पंजीकरण कराना होगा। शासन की ओर से स्वीकृत फर्म व संस्था के माध्यम से किसानों की सिंचाई प्रणाली स्थापित की जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को निर्धारित कृषक अंश का भुगतान करना होगा। इस योजना से जुड़ी अधिकारी जानकारी के लिए किसान स्वरूप नगर स्थित जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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जिला उद्यान अधिकारी राजश्री ने बताया कि गन्ना, गेहूं, सरसों, सब्जी, आलू, मटर व अन्य किसानों को कम लागत में गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाता है। लागत को कम करने में सिंचाई का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। पानी में उर्वरकों को मिलाकर फसलों को पोषकतत्व देने में आसानी होती है। इसके लिए विभाग ड्रिप व स्प्रिंकलर के माध्यम से फौव्वारा व टपक सिंचाई पद्धति को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि पर ड्रॉप मोर क्रॉप (माइक्रो इरीगेशन) योजना के तहत पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किसानों को पोर्टेबल स्प्रिंकलर, ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर और रेनगन आदि सिंचाई उपकरणों की स्थापना पर अनुदान दिया जाता है। इसके माध्यम से सिंचाई करने पर भूगर्भ जल की बचत होती है। ड्रिप व स्प्रिंकलर सिस्टम के सेट पर लघु, सीमांत किसानों को 90 फीसदी व सामान्य किसान को 80 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। बताया कि किसानों को पर ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरीगेशन योजना का लाभ लेने के लिए www.upmip.in पर पंजीकरण कराना होगा। शासन की ओर से स्वीकृत फर्म व संस्था के माध्यम से किसानों की सिंचाई प्रणाली स्थापित की जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को निर्धारित कृषक अंश का भुगतान करना होगा। इस योजना से जुड़ी अधिकारी जानकारी के लिए किसान स्वरूप नगर स्थित जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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