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Sitapur News: मोबाइल एप से खाद की बुकिंग बनी मुसीबत

Mon, 06 Jul 2026 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Mon, 06 Jul 2026 12:03 AM IST
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Booking fertilizer via mobile app becomes a hassle
खाद की समस्या को लेकर डीएम को ज्ञापन देतीं पूनम मिश्रा। संवाद
सीतापुर। 15 जून से मोबाइल एप से बुकिंग के बाद ही खाद मिलने की व्यवस्था किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। कही नेटवर्क की समस्या तो कही कागजी कार्यवाही रोड़ा बनी हुई है। नई व्यवस्था लागू करने से पहले न तो किसानों को प्रशिक्षण दिया गया और न ही उन्हें सहूलियत दी गई।
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अचानक पुरानी व्यवस्था बंद होने से किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। ज्यादातर किसानों के पास हाईटेक मोबाइल नहीं है। वे ज्यादा पढ़े-लिखे भी नहीं हैं। इससे उनकी समस्या दोगुनी हो गई है। जन सुविधा केंद्रों के माध्यम से बुकिंग कराते हैं तो उन्हें 100 से 200 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं।
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किसानों को समय पर खाद भी नहीं मिल पा रही है। इससे फसलों के सूखने का डर बना हुआ है। किसानों का कहना है कि बुकिंग के बाद अधिक दाम लिए जा रहे हैं। दुकानदार अन्य उत्पाद लेने का दबाव बनाते हैं। इससे समय पर फसलों की बोआई प्रभावित हो रही है, लागत भी बढ़ेगी।
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समय पर नहीं मिल रही खाद

तहसील क्षेत्र महोली के ग्राम पैलाकीसा निवासी किसान रमेश द्विवेदी ने बताया कि समय पर खाद नहीं मिल रही है। ऑनलाइन बुकिंग में नेटवर्क की समस्या के साथ-साथ अतिरिक्त खर्च हो रहा है। गांव से पांच किमी दूर जन सुविधा केंद्र पर बुकिंग कराने के बाद दुकानदार प्रिंट निकलवा कर लाने की बात कहता है। वह प्रक्रिया भी पूरी करने के बाद किसान आईडी नंबर मांगता है। तीन-चार बार चक्कर काटने के बाद कहीं खाद मिल रही है। तब तक फसल सूखने लगती है। फिर से पानी लगाना पड़ता है।
खाद के लिए पांच दिन से परेशान
महोली ब्लॉक क्षेत्र निवासी किसान गोकरन के पास दो बीघा खेत है। उनका कहना है कि पहले खाद आसानी से मिल जाती थी। जब से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हुई है, काफी दिक्कत हो रही है। मोबाइल नहीं है। पढ़े-लिखे भी नहीं हैं। दुकानदार के यहां जाने पर किसान आईडी बनवाने को कहा जाता है। तहसील के चक्कर काट रहा हूं। दो दिन खतौनी निकलवाने में लगते हैं। कंप्यूटर वाले ने 50 रुपये के साथ मोबाइल नंबर लाने के लिए कहा है। एक-दो बोरी खाद के लिए पांच दिन से घूम रहा हूं। फसल में खाद डालने में भी देरी हो जाएगी।
किसान विरोधी व्यवस्था
कसमंडा ब्लॉक के बड़ी जोत के किसान आरपी सिंह ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद भी पूरी मात्रा में खाद नहीं दी जा रही है। 11 बोरी यूरिया की बुकिंग कराई थी। सहकारी समिति पर बताया गया कि एकमुश्त इतनी बोरी नहीं मिलेगी, कृषि विभाग का आदेश है। बमुश्किल पांच बोरी खाद दी गई। इससे जरूरत पूरी नहीं होगी। खेती में और कई काम हैं। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था को किसान विरोधी बताया।
सीएम को भेजा ज्ञापन
फार्मर रजिस्ट्री और ऑनलाइन खाद बुकिंग में खामियों से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समान पारिश्रमिक नियमावली श्रम मंत्रालय केंद्रीय सलाहकर समिति की सदस्य पूनम मिश्रा ने सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। उन्होंने खाद की आपूर्ति पूर्ववत कराने की मांग की है। कहा कि राजस्व विभाग की ओर से जमीन के सभी इंद्राज नहीं किए गए हैं। इससे डिजिटल इंट्री एकजाई नहीं है। पूरा रकबा एक साथ फार्मर रजिस्ट्री पर नहीं चढ़ रहा है। डेढ़ लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। खाद बुकिंग की नई व्यवस्था में सॉफ्टवेयर डिफेक्टिव प्रतीत होता है। फसलों में पड़ने वाली खाद की मात्रा गलत दर्शा रहा है। किसान ने क्या फसल बोई है, इसका सत्यापन कैसे होगा। सॉफ्टवेयर में फसल के हिसाब से खाद की बुकिंग होती है। ज्यादातर किसानों के पास कीपैड वाले फोन हैं। उन्हें फार्मर रजिस्ट्री और खाद बुकिंग के लिए 50 से 200 रुपये तक देना पड़ रहा है।
समस्या के समाधान के लिए मोबाइल नंबर जारी
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि उर्वरक बिक्री के लिए फ्रेमवर्क ऑफ फर्टिलाइजर सेल एप के माध्यम से बुकिंग के बाद यूरिया, डीएपी, एनपीके प्राप्त किया जा रहा है। यदि किसी किसान को निजी दुकान से उर्वरक की बुकिंग करने या प्राप्त करने में समस्या हो तो सहायक विकास अधिकारी (कृषि) व सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) से संपर्क कर सकते हैं।
खैराबाद ब्लॉक के किसान हरिशंकर के मोबाइल नंबर 8303883638, प्रियंका तिवारी के मोबाइल नंबर 7518618401 पर संपर्क कर सकते हैं। इसी तरह ऐलिया ब्लॉक के सत्येंद्र कुमार के -7007544147, उमाकांत त्रिवेदी के -7007038961, हरगांव के संदीप कुमार के -7905329199, उमाकांत त्रिवेदी के-7007038961, लहरपुर के राजकुमार वर्मा के -8546002312, सिद्धार्थ कुमार आर्य के-9415093886, बेहटा के संदीप कुमार के -8953505077, सिद्धार्थ कुमार आर्य के -9415093886, परसेंडी के शिवरतन के -9696378792, सुशील कुमार शुक्ला के -6393201329, बिसवां के रविंद्र कुमार के -9454450423, सत्येन्द्र कुमार त्रिपाठी के -9415532926, सकरन के रबी प्रकाश के -8318876488, सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी के -9415532926, रेउसा के सुनील कुमार मौर्य के - 9919223911, सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी के -9415532926, महमूदाबाद के विनोद कुमार यादव के -9598152978, आलोक सक्सेना के -7905659172, पहला के सुरेश कुमार के -7398852688, आलोक सक्सेना के 7905659172, रामपुर मथुरा के पंकज कुमार 9415364812, आलोक सक्सेना के 7905659172, सिधौली के आदर्श कुमार वर्मा के 8853176806, अनिल कुमार शुक्ला के 7518618401, कसमंडा के कमरूद्दीन के 7007187740, राजेश कुमार गुप्ता के 7985350990, गोंदलामऊ के धर्मेद्र सिंह यादव के 7985820631, अनिल कुमार शुक्ला के 7518618401, मिश्रिख के जयप्रकाश के 9170536967, अमित कुमार अवस्थी के 9450859299, मछरेहटा के संजीव कुमार के 8410598364, मयंक वाजपेयी के 9453356523, महोली के हरिओम शुक्ला के 9816905209, मंजेश कुमार के 9565663597 और पिसावां ब्लॉक के जावेद अख्तर के मोबाइन नंबर 8009896921 व शशिकांत द्विवेदी के मोबाइल नंबर 9919832107 पर संपर्क किया जा सकता है।

जिला मुख्यालय पर इन नंबरों पर करें संपर्क
जिला स्तर पर किसी प्रकार की समस्या के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में हेल्पडेस्क 8127235550 व 8127999671 और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता कार्यालय के हेल्प डेस्क के मोबाइल नंबर 9956861979 व 9648111311 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
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