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Sitapur News: पिंजरे के पास मिले बाघ के पगचिह्न
Sat, 18 Jul 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:11 AM IST
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रसुलवा में लगा पिंजरा व मंगाई गई जालीदार ट्रैक्टर-ट्रॉली। संवाद
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संदना। बाघ के हमले में किसान कमल किशोर की मौत के बाद वन विभाग का सर्च ऑपरेशन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। मिश्रिख, महोली, गोंदलामऊ और मछरेहटा रेंज की टीमें लगातार कॉम्बिंग कर रही हैं। पिंजरे के आसपास बाघ के ताजा पगचिह्न तो मिले हैं, लेकिन वह पिंजरे के बाहर ही चहलकदमी कर लौट गया।
वन विभाग ने घटनास्थल पर बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है, जिसमें एक बकरी बांधी गई है। आसपास छह ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। शुक्रवार को कैमरों की निगरानी और मौके पर जांच के दौरान पिंजरे के आसपास बाघ के ताजा पगचिह्न मिले। अधिकारियों का मानना है कि बाघ इसी इलाके में घूम रहा है, लेकिन वह पिंजरे से दूरी बनाकर रह रहा है। वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान की तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। जालीदार स्पेशल ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके पर पहुंचा दी गई है। साथ ही बाघ को ट्रैंकुलाइज (बेहोश) करने की अनुमति भी मिल गई है। अधिकारियों का कहना है कि बाघ की सटीक लोकेशन मिलते ही विशेषज्ञ टीम की मदद से उसे बेहोश कर सुरक्षित पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
स्कूल पहुंचे तीन छात्र, घरों में दुबके लोग
बाघ की दहशत का असर अब ग्रामीणों की दिनचर्या के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। किसान अकेले खेतों में जाने से बच रहे हैं और समूह में ही कृषि कार्य कर रहे हैं। महिलाएं और बच्चे भी जरूरत पड़ने पर ही घरों से निकल रहे हैं। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रसूलपुर में छात्रों की उपस्थिति लगातार प्रभावित हो रही है। बृहस्पतिवार को केवल तीन छात्र ही विद्यालय पहुंचे थे। शुक्रवार को मात्र 17 छात्र ही विद्यालय आए। बाघ के भय के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। बीईओ सिमी निगार ने बताया कि शुक्रवार सुबह विद्यालय के शिक्षक गांव जाकर अभिभावकों से मिले और बच्चों को विद्यालय भेजने की अपील की। कई बच्चों को शिक्षक स्वयं अपने साथ लेकर विद्यालय पहुंचे, लेकिन उपस्थिति सामान्य नहीं हो सकी। वहीं, किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। लोग घरों के अंदर दुबके हुए हैं।
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वन विभाग की टीम ने बांटे पंपलेट
फाॅरेस्टर अनिल यादव ने बताया कि वन विभाग की टीम गांव-गांव जाकर लोगों को बाघ से बचाव के उपाय बता रही है। ग्रामीणों में जागरूकता के लिए बचाव संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से सुबह-शाम अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाने, समूह में रहने तथा बाघ दिखने या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग या पुलिस को देने की अपील की।
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वन विभाग ने घटनास्थल पर बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है, जिसमें एक बकरी बांधी गई है। आसपास छह ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। शुक्रवार को कैमरों की निगरानी और मौके पर जांच के दौरान पिंजरे के आसपास बाघ के ताजा पगचिह्न मिले। अधिकारियों का मानना है कि बाघ इसी इलाके में घूम रहा है, लेकिन वह पिंजरे से दूरी बनाकर रह रहा है। वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान की तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। जालीदार स्पेशल ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके पर पहुंचा दी गई है। साथ ही बाघ को ट्रैंकुलाइज (बेहोश) करने की अनुमति भी मिल गई है। अधिकारियों का कहना है कि बाघ की सटीक लोकेशन मिलते ही विशेषज्ञ टीम की मदद से उसे बेहोश कर सुरक्षित पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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स्कूल पहुंचे तीन छात्र, घरों में दुबके लोग
बाघ की दहशत का असर अब ग्रामीणों की दिनचर्या के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। किसान अकेले खेतों में जाने से बच रहे हैं और समूह में ही कृषि कार्य कर रहे हैं। महिलाएं और बच्चे भी जरूरत पड़ने पर ही घरों से निकल रहे हैं। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रसूलपुर में छात्रों की उपस्थिति लगातार प्रभावित हो रही है। बृहस्पतिवार को केवल तीन छात्र ही विद्यालय पहुंचे थे। शुक्रवार को मात्र 17 छात्र ही विद्यालय आए। बाघ के भय के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। बीईओ सिमी निगार ने बताया कि शुक्रवार सुबह विद्यालय के शिक्षक गांव जाकर अभिभावकों से मिले और बच्चों को विद्यालय भेजने की अपील की। कई बच्चों को शिक्षक स्वयं अपने साथ लेकर विद्यालय पहुंचे, लेकिन उपस्थिति सामान्य नहीं हो सकी। वहीं, किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। लोग घरों के अंदर दुबके हुए हैं।
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वन विभाग की टीम ने बांटे पंपलेट
फाॅरेस्टर अनिल यादव ने बताया कि वन विभाग की टीम गांव-गांव जाकर लोगों को बाघ से बचाव के उपाय बता रही है। ग्रामीणों में जागरूकता के लिए बचाव संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से सुबह-शाम अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाने, समूह में रहने तथा बाघ दिखने या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग या पुलिस को देने की अपील की।

रसुलवा में लगा पिंजरा व मंगाई गई जालीदार ट्रैक्टर-ट्रॉली। संवाद