UP: कारागार में मिली बंदी की लाश, पत्नी के मर्डर में जेल में था निरुद्ध; प्लास्टिक की रस्सी से लटका मिला
जिला कारागार में पत्नी की हत्या के आरोप में बंद एक विचाराधीन कैदी संदिग्ध हालत में मृत पाया गया। उसका शव फंदे से लटका मिला। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई है, जबकि घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विस्तार
सुल्तानपुर में जिला कारागार में पत्नी की हत्या के आरोप में निरुद्ध विचाराधीन बंदी धनपतगंज के चरथई निवासी नकछेद (45) की सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन के मुताबिक वह बैरक नंबर 12 में बंद था। उसका शव प्रसाधन में प्लास्टिक की रस्सी के फंदे से लटका मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
कारागार अधीक्षक प्रांजिल अरविंद ने बताया कि नकछेद गत 25 मार्च से जिला कारागार में निरुद्ध था। सोमवार देर रात सुरक्षाकर्मियों ने करीब 01:30 बजे सूचना दी कि बैरक नंबर 12 के प्रसाधन में एक व्यक्ति का शव प्लास्टिक की रस्सी से फंदे पर लटका मिला है।
यह जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल की जांच की गई। प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि उसने आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। हाई सिक्योरिटी क्षेत्र में हुई घटना की जांच भी की जा रही है।
पत्नी की पीट-पीटकर हत्या करने का था आरोपी
धनपतगंज के चरथई निवासी नकछेद पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी कुसुम की गत 24 मार्च को लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मृतका के चचेरे देवर राम नेवल कोरी की तहरीर पर धनपतगंज थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
25 मार्च को उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की नवनीत सिंह की कोर्ट से उसे जेल भेजा गया था। उसके तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा तिलक राज, दूसरे नंबर पर उदयभान और सबसे छोटी पुत्री दीक्षा घर पर ही थे। मां की हत्या व पिता की मौत के बाद अब पिता की मौत के बाद बच्चों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
जेल में पहले भी हो चुकी है घटना
23 सितंबर 2025 को कादीपुर के रहने वाले अल्देमऊ नूरपुर निवासी विचाराधीन कैदी मो.सुभान (21) ने जेल में पेड़ पर चढ़कर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह 18 मार्च को कादीपुर के अल्देमऊ के एक मंदिर में घंटे व घंटियां चोरी के आराेप में जेल में बंद था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
- जेल परिसर में प्रतिबंधित सामग्री कैसे पहुंची
- बंदी को प्लास्टिक की रस्सी किसने और कैसे उपलब्ध कराई
- बैरक और प्रसाधन क्षेत्र की लचर निगरानी
- रात में सुरक्षा कर्मियों की गश्त और निगरानी कितनी सक्रिय थी
- क्या सीसीटीवी और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सही पालन हो रहा है