सोनभद्र। इस सीजन में करीब 14 दिन बाद शनिवार को दोपहर में दो घंटे में हुई 29 एमएम बारिश ने जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के बाद शहर की कई प्रमुख सड़कें और चौराहे पानी में डूब गए। उन इलाकों में भी जलभराव का असर दिखा, जहां जलनिकासी के लिए कुछ महीने पहले ही नाला का निर्माण कराया गया था। जलभराव से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। बारिश होने से धान की रोपाई में तेजी आने की उम्मीद है। जिले में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। इस दौरान उमस भी अधिक रहीं। दोपहर में 11 बजे के बाद आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर में पौने 11 बजे बारिश शुरू हुई और एक बजे के बाद तक होती रही। तेज बारिश से बचने के लिए लोग रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित फ्लाईओवर के नीचे जगह-जगह छिपे रहे और बारिश खुलने का इंतजार करते रहे। बारिश थमने के बाद रॉबर्ट्सगंज-सिविल लाइन रोड, पन्नूगंज रोड, बाईपास, धर्मशाला चौक और नवीन सब्जी मंडी के सामने जलजमाव की स्थिति बन गई। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी होने के बाद बच्चे सड़कों पर लगे पानी के बीच से जाते हुए दिखाई दिए। पिपरी बाईपास रोड पर सिनेमा हॉल के पास और सिविल लाइंस रोड पर वीरेश्वर मंदिर से आगे और हाइडिल मैदान के पास और हाइडिल मैदान समेत अन्य सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को पानी से होकर गुजरना पड़ा, जबकि राहगीरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सिविल लाइंस रोड के रहने वाले मनोज, दिवाकर और अरविंद का कहना है कि शहर में कई जगह सड़क से ऊंची नालियां और नाले बना दिए गए हैं। इसके कारण बारिश का पानी तेजी से निकल नहीं पाता और थोड़ी देर की बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। कई नए इलाकों में भी पहली बार जलभराव की समस्या देखने को मिली। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है। उधर, बारिश से धान की फसल और खरीफ की अन्य फसलों के लिए खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है। जिन किसानों की रोपाई पूरी हो चुकी है, उन्हें फसल के लिए लाभ मिलने की उम्मीद है, जबकि जिन क्षेत्रों में रोपाई बाकी है वहां भी खेती का कार्य तेज होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम के कारण जिले में वायरल बुखार, डायरिया, उल्टी-दस्त और मलेरिया जैसे मौसमी रोगों के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में छोटे बच्चों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के दस्तक अभियान में भी बड़ी संख्या में ऐसे मरीज चिह्नित हो रहे हैं। चिकित्सकों ने लोगों से साफ पानी पीने, खुले खाद्य पदार्थों से बचने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है। शनिवार की दोपहर में हुई तेज बारिश से तापमान में कमी दर्ज हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह के मुताबिक शनिवार को न्यूनतम तापमान 25.2 और अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसके मुकाबले शुक्रवार को न्यूनतम पारा 26.4 और अधिकतम पारा 33.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इस तरह से बीते 24 घंटे में न्यूनतम पारा में 1.2 और अधिकतम पारा 2.6 डिग्री सेल्सियस पारा लुढ़का है। इससे उमस से राहत मिली है। उन्होंने बताया कि शनिवार को दिन में रॉबर्ट्सगंज, चुर्क व आसपास के क्षेत्रों में 29 एमएम बारिश दर्ज की गई है। राजस्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार की सुबह आठ बजे तक पूरे जिले में 10 एमएम की औसत बारिश रिकॉर्ड की गई। इसमें सबसे ज्यादा 20 एमएम बारिश घोरावल तहसील क्षेत्र में हुई। ओबरा में 11 और रॉबर्ट्सगंज में 9 एमएम बारिश हुई थी। दुद्धी में सिर्फ बूंदाबादी के चलते बारिश शून्य रिकॉर्ड नहीं हुई।