UP: मारकुंडी में बनेगा 50 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार; शासन को प्रस्ताव
सोनभद्र के मारकुंडी में 50 एकड़ में सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद यहां युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे। बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की मौजूदगी के बावजूद अब तक औद्योगिक क्षेत्र से वंचित रहे जिले को इस परियोजना से नई औद्योगिक पहचान मिलने की उम्मीद है।
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UP News: सोनभद्र जिले में पहले औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने मारकुंडी घाटी के पास 50 एकड़ जमीन चिह्नित की है। यहां सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना होगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित किया गया है। मंजूरी मिलते ही इस पर जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना से न सिर्फ उद्योगों की स्थापना में आ रही भूमि का समस्या दूर होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के भी नए अवसर सृजित होंगे।
सोनभद्र में हिंडाल्को, एनटीपीसी, एनसीएल जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान तो हैं, लेकिन सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए अलग से कोई औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। इस मामले में सोनभद्र पूरे पूर्वांचल में ऐसा इकलौता जिला है। लंबे समय से यहां औद्योगिक क्षेत्र की मांग उठती रही है। वर्ष 2023 में हुए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में आए कई निवेश प्रस्ताव इसलिए धरातल पर नहीं उतर पाए कि उन्हें उद्योग स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो गई।
जिला उद्योग बंधु की बैठकों में भी लगातार उद्यमी, व्यापारी अलग से औद्योगिक क्षेत्र बनाने की मांग करते आ रहे हैं। पिछले दो साल से जिला प्रशासन इसके लिए उपयुक्त जमीन की तलाश में जुटा था। इसके लिए सभी तहसीलों से लैंड बैंक का विवरण भी मांगा गया था। तमाम जद्दोजहद के बाद मारकुंडी में 50 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। हाईवे के पास स्थित इस भूमि पर सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।
एक ही परिसर में प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के मौके
इस परियोजना का उद्देश्य युवाओं को एक ही परिसर में कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। औद्योगिक क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट सेंटर, औद्योगिक इकाइयों के लिए स्थान, उत्पादों के आउटलेट और हरित आवरण विकसित किया जाएगा। यहां आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को यहीं रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है।
प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल पर होगा विकसित
औद्योगिक क्षेत्र को प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसमें बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज और हाई-स्पीड इंटरनेट सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उद्यमियों के लिए तैयार फैक्ट्री शेड भी बनाए जाएंगे, ताकि मशीनें स्थापित कर उत्पादन जल्द शुरू किया जा सके। इससे स्थानीय एमएसएमई, स्टार्टअप और नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा जिले में निवेश और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
16 करोड़ से बनेगी सड़क
परियोजना को बेहतर संपर्क देने के लिए गुरमा मोड़ से औद्योगिक क्षेत्र तक 15.99 करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनाई जाएगी। सड़क निर्माण से कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा होगी, ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए मारकुंडी में 50 एकड़ जमीन चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। यह परियोजना सोनभद्र को पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक, कौशल विकास और रोजगार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। - चर्चित गौड़, डीएम।