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Sonebhadra News: सोनभद्र में खड़ी मशीन को अपना बताकर प्रयागराज में की बिक्री की डील, ..और हड़प लिए 17.50 लाख, 5 पर प्राथमिकी दर्ज
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सोनभद्र। जिले के जुगैल थाना क्षेत्र में खड़ी मशीन को अपना बताने के साथ ही प्रयागराज में एक नोटरी अधिवक्ता बताए जा रहे व्यक्ति के जरिए बिक्री का करार (सेल डीड) लिखवा 17.50 लाख की ठगी कर ली गई। आंध्रा के रहने वाले व्यक्ति को शक तब हुआ जब मुख्य आरोपी का मोबाइल स्वीच ऑफ आने लगा।
आरोप है कि उसने उसके भाई से संपर्क साधा तब पता चला कि वह ठगी का शिकार हो गया है। इसके बाद उसने पीएम, राष्ट्रपति, चीफ जस्टिस, मानवाधिकार आयोग को पत्र भेज हस्तक्षेप की गुहार लगाई। एसपी अभिषेक वर्मा के संज्ञान के मामला आया तो उन्होंने जुगैल पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। प्रकरण में अधिवक्ता बताए जा रहे व्यक्ति सहित पांच के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज किया गया है।
आंध्र प्रदेश के मृत्युंजय नगर एचबी कालोनी लालाचेरूवु निवासी सियाधुला वेंकटेश का आरोप है कि मथुरा के नंदगांव रोड न्यू अग्रवाल कालोनी, कोसीकलां (छाता) निवासी चतर सिंह ने सोनभद्र में खड़ी 2020 मॉडल की पोकलेन (टाटा हितैची एक्स 200 सुपर प्लस एक्सावेटर) एक बिक्री समझौता लिखा।
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खुद को उक्त मशीन का स्वामी घोषित करते हुए 31 अक्तूबर 2020 का टैक्स इनवॉइस भी दिखाया। उसके आधार पर उससे अलग-अलग तिथियों में बैंक ट्रांसफर, फोन पे, गूगल पे व अन्य डिजिटल माध्यमों से तयशुदा रकम 21 लाख में 17.50 लाख ले भी लिए, लेकिन पोकलेन मशीन नहीं दी।
न ही कोई रुपये वापस किए। कॉल करने पर मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिया गया। तहरीर के मुताबिक शेख मोहम्मद जानी नामक शख्स ने व्हॉट्सएप से पीड़ित के पास पोकलेन की तस्वीरें भेजीं और उसके मालिक का विवरण दिया। उस पर उसने चतर सिंह से संपर्क किया।
जानी ने आरोपी और पीड़ित के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। उसे मशीनरी देखने के लिए सोनभद्र बुलाया गया। वह छह अप्रैल को सोनभद्र पहुंचा।
कॉल करने पर चतर ने कहा कि दिल्ली में हैं। उनके प्रतिनिधि के रूप में राहुल मिले। सात अप्रैल की सुबह 11 बजे जुगैल थाना क्षेत्र के अगोरी में खड़ी पोकलेन का मुआयना करवाए। खुद को चतर का सुपरवाइजर बताया। यहां के बाद उसे प्रयागराज ज़िला न्यायालय परिसर बुलाया गया। संवाद
आरोप है कि उसने उसके भाई से संपर्क साधा तब पता चला कि वह ठगी का शिकार हो गया है। इसके बाद उसने पीएम, राष्ट्रपति, चीफ जस्टिस, मानवाधिकार आयोग को पत्र भेज हस्तक्षेप की गुहार लगाई। एसपी अभिषेक वर्मा के संज्ञान के मामला आया तो उन्होंने जुगैल पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। प्रकरण में अधिवक्ता बताए जा रहे व्यक्ति सहित पांच के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज किया गया है।
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आंध्र प्रदेश के मृत्युंजय नगर एचबी कालोनी लालाचेरूवु निवासी सियाधुला वेंकटेश का आरोप है कि मथुरा के नंदगांव रोड न्यू अग्रवाल कालोनी, कोसीकलां (छाता) निवासी चतर सिंह ने सोनभद्र में खड़ी 2020 मॉडल की पोकलेन (टाटा हितैची एक्स 200 सुपर प्लस एक्सावेटर) एक बिक्री समझौता लिखा।
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खुद को उक्त मशीन का स्वामी घोषित करते हुए 31 अक्तूबर 2020 का टैक्स इनवॉइस भी दिखाया। उसके आधार पर उससे अलग-अलग तिथियों में बैंक ट्रांसफर, फोन पे, गूगल पे व अन्य डिजिटल माध्यमों से तयशुदा रकम 21 लाख में 17.50 लाख ले भी लिए, लेकिन पोकलेन मशीन नहीं दी।
न ही कोई रुपये वापस किए। कॉल करने पर मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिया गया। तहरीर के मुताबिक शेख मोहम्मद जानी नामक शख्स ने व्हॉट्सएप से पीड़ित के पास पोकलेन की तस्वीरें भेजीं और उसके मालिक का विवरण दिया। उस पर उसने चतर सिंह से संपर्क किया।
जानी ने आरोपी और पीड़ित के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। उसे मशीनरी देखने के लिए सोनभद्र बुलाया गया। वह छह अप्रैल को सोनभद्र पहुंचा।
कॉल करने पर चतर ने कहा कि दिल्ली में हैं। उनके प्रतिनिधि के रूप में राहुल मिले। सात अप्रैल की सुबह 11 बजे जुगैल थाना क्षेत्र के अगोरी में खड़ी पोकलेन का मुआयना करवाए। खुद को चतर का सुपरवाइजर बताया। यहां के बाद उसे प्रयागराज ज़िला न्यायालय परिसर बुलाया गया। संवाद