Varanasi Crime: वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर बीते रविवार हुई युवक की हत्या का मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। दोस्तों के साथ घूमने आए युवक की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या किए जाने के बाद घाट पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। नमो घाट को शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक पहुंचते हैं। इसके बावजूद इस तरह की घटना ने सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।
नमो घाट पर युवक की हत्या: सवालों के घेरे में पर्यटन स्थल की सुरक्षा, पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं; पांच अरेस्ट
Varanasi News: वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थल नमो घाट पर दोस्तों संग घूमने आए युवक की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद घाट की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सिक्योरिटी एजेंसी संचालक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह है मामला
सोनभद्र से चार दोस्तों के साथ शनिवार की रात तीन बजे नमो घाट घूमने और गंगा स्नान करने आए सब्जी विक्रेता के बेटे राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू (19) की निजी सुरक्षा कर्मियों ने मामूली विवाद में लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी। दोस्त देर रात ही घाट तक जाना चाह रहे थे लेकिन सुरक्षा कर्मी रोक रहे थे। राजेश के चार दोस्तों को भी बेरहमी से पीटा गया।
पिता बद्रीनारायण जायसवाल की तहरीर पर आदमपुर थाने की पुलिस ने रविवार को बाबा विश्वनाथ ट्रेडर्स सिक्योरिटी के संचालक अनुज सिंह, सुरक्षा कर्मी व चंदौली निवासी पवन यादव, सूरज यादव, चोलापुर के मनीष यादव और मिर्जापुर के राहुल यादव के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
साथ ही सिक्योरिटी एजेंसी संचालक सहित पांच आरोपियों को राजघाट से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, अनुज सिंह ने बिना किसी कागजी अनुमति और किसी रिकॉर्ड के चारों सुरक्षा कर्मियों को घाट पर तैनात किया था। सिक्योरिटी एजेंसी का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। पुलिस आयुक्त को पत्र लिख दिया गया है।
सोनभद्र के रायपुर थाना क्षेत्र के खलियारी गांव निवासी राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू अपने चार साथियों शिव जायसवाल, अक्षय गुप्ता, अंगद जायसवाल और रजनीश शाह के साथ शनिवार की रात 8 बजे घर से काशी के लिए निकला था। सभी दोस्त रात करीब तीन बजे नमो घाट पहुंचे। आरोप है कि गेट नंबर-1 पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने घाट बंद होने की जानकारी दी और उन्हें घाट तक जाने से रोक दिया।
सुरक्षा कर्मियों ने गाली-गलौज भी की और दुर्व्यवहार करने लगे। इसका राजेश सहित अन्य दोस्तों ने विरोध किया और शहर की तरफ लौटने लगे। इस पर करीब 12 निजी सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें घेर लिया और दौड़ा कर लाठी-डंडे से पीटने लगे।
कुछ सुरक्षा कर्मियों के पास लोहे के रॉड और बेल्ट भी थे। राजेश के दोस्तों के मुताबिक निजी सुरक्षाकर्मी करीब दस मिनट तक पीटते रहे। इससे राजेश अचेत होकर गिर गया। इससे घबराया दोस्त अक्षय गुप्ता भागकर बसंत महिला पीजी कॉलेज मोड़ के पास पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस पहुंची , तो सुरक्षा कर्मी भाग निकले। पुलिस खड़ी थी लेकिन दोस्त ही राजेश को ऑटो से मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में घायल चार दोस्तों का प्राथमिक इलाज हुआ और उन्हें छोड़ दिया गया।
सत्यापन के रिकॉर्ड नहीं, एजेंसी का लाइसेंस होगा निरस्त : एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि बाबा विश्वनाथ सिक्योरिटी एजेंसी के संचालक अनुज सिंह ने सुरक्षा कर्मियों को बिना किसी दस्तावेज के नौकरी पर रखा था। एक तरह से सभी फर्जी सुरक्षा कर्मी हैं। सत्यापन का कोई रिकाॅर्ड नहीं है। एजेंसी संचालक के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
किराये की कार से आए थे काशी
दोस्त रोहित की बहन और जीजा ट्रेन से वाराणसी आ रहे थे। उसको लेने के लिए रोहित ने खलियारी के ही शिवाजी की कार किराये पर ली। कार में उसके साथ रोहित के अलावा उसके दोस्त भी सवार हो गए। बृजेश को वाराणसी में आंख दिखानी थी। बाकी लोगों को लौटना था। जब वाराणसी पहुंचे तो पता चला कि ट्रेन देरी से आएगी। इस पर वह नमो घाट पहुंचे जहां निजी सुरक्षाकर्मियों ने हमला बोल दिया। प्रधान प्रतिनिधि बेउवा राजेश चौरसिया ने बताया कि उसके बड़े पिता विशुन जायसवाल का रविवार को दसवां था। सिर्फ दोस्त के बहन-जीजा को लेने के लिए वाराणसी गया था लेकिन माैत नमो घाट तक ले गया।