सोनभद्र। विश्व आदिवासी दिवस पर कोन ब्लॉक के बरहमोरी ग्राम पंचायत में रविवार को आदिवासी चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें आदिवासी समाज के लोगों और ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा, वनाधिकार और क्षेत्र में प्रस्तावित विकास एवं औद्योगिक परियोजनाओं को लेकर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के हितों और पर्यावरण की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने पेड़ हैं तो प्राण हैं... आंदोलन के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि जंगल और पर्यावरण का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अधिक से अधिक पौधरोपण के साथ जंगलों को बचाने के लिए लोगों को आगे आना होगा। प्रधान लखीनारायण गोंड ने प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे और क्षेत्र में आने वाली औद्योगिक परियोजनाओं को लेकर चिंता जताई। रामसूरत खरवार ने कहा कि क्षेत्र में प्रस्तावित कंपनियों का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। परियोजना से प्रभावित होने वाले लोगों की बात सुनी जानी चाहिए। लक्ष्मण बादी ने जनप्रतिनिधियों पर आदिवासी हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। वनाधिकार समिति के अध्यक्ष कन्हैया चेरो, इस दौरान प्रधान लखीनारायण गोंड, बिंदु खरवार, लक्ष्मण बादी, योगेंद्र यादव, बसमतिया गोंड, शंभू खरवार, दिनेश चेरो, सुरेश गोंड, खेसारी गोंड, कल्लू खरवार, गुलाबी गोंड आदि मौजूद रहे।