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Sonebhadra News: 150 टावर का नेटवर्क ध्वस्त करने की साजिश, कंट्रोल रूम में लगाई आग

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:47 PM IST
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Conspiracy to destroy network of 150 towers, control room set on fire
जिओ टावर के कंट्रोल पैनल को आग के चलते पहुंचा नुकसान। - स्रोत जागरूक पाठक
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सोनभद्र। सोनभद्र और मिर्जापुर जिले में स्थित जियो के 150 टॉवरों का नेटवर्क ध्वस्त करने की साजिश सामने आई है। राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के पुसौली स्थित कंट्रोल रूम में किसी ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इससे कई उपकरण जल गए। कंट्रोल रूम में लगे सीसी टीवी कैमरे में रविवार की रात करीब तीन बजे के करीब एक व्यक्ति को प्रवेश करते और पेट्रोल छिड़ककर आग लगाते देखा जा रहा है। मामले में कंपनी के ही एक कर्मी पर शक जताया जा रहा है। इस घटना से सोनभद्र के पांच ब्लॉकों के साथ ही मिर्जापुर के दादर तक असर पड़ा है। कंपनी के तकनीशियन की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर राॅबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस जांच में जुटी हुई है। सोमवार को सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
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राॅबटर्सगंज, चतरा, नगवां, घोरावल, करमा, चोपन ब्लाॅक क्षेत्र के साथ ही मिर्जापुर जिले के मड़िहान तहसील क्षेत्र में राजगढ़ व दादर इलाके में जियो के कुल 150 टॉवर लगाए गए हैं। इन टाॅवरों की संचार सुविधा के लिए राॅबर्ट्सगंज के पुसौली में लगाए गए टाॅवर के नीचे ही एक कंट्रोल रूम (टेलीकॉम शेल्टर) स्थापित किया गया है।
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तीन बजे के करीब एक नकाबपोश युवक शेल्टर रूम में घुसा और ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा दी। निगरानी के लिए लगाए गए फुटेज के जरिये जैसे ही यह तस्वीर मुंबई स्थित जियो के मुख्य कंट्रोल रूम में पहुंची हड़कंप मच गया। तत्काल संबंधित एरिया के इंजीनियरों और कर्मियाें से संपर्क साधा गया। संबंधित कर्मी पहुंचे तो देखा कि कंट्रोल पैनल वाले हिस्से में लपटें उठ रही थीं। अग्निशमन उपकरण के जरिये आग पर काबू पाया गया। इसके बाद 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी गई।
एक कर्मचारी घटना के समय से लापता
विभागीय स्तर पर पहले छानबीन की गई। सामने आया कि अंबिका नामक एक कर्मी घटना के समय से लापता है। साइट इंचार्ज संतोष शर्मा ने एरिया के सभी कर्मियों को रोजाना की गतिविधि जानने के लिए बुलाया था लेकिन वह नहीं पहुंचा। बताया गया कि अगर कंट्रोल पैनल पूरी तरह जल जाते ताे संबंधित एरिया में कई दिन तक जियो नेटवर्क गायब हो जाता।
खर्च कम करने के लिए हाल ही में टावर-साइड से हटा दिए गए थे सुरक्षा गार्ड :
टाॅवर संचालन की सुरक्षा के लिए प्रत्येक टाॅवर और साइट पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती थी। सामान्य टावरों पर बेरोजगार युवकों को गार्ड के रूप में रखा गया था। कंट्रोल पैनल वाले टाॅवरों पर दो-दो पूर्व सैनिक तैनात थे। टावर संचालन में आ रहे खर्च को कम करने के लिए हाल ही में सुरक्षा गार्डों और पूर्व सैनिकों को हटा दिया गया और सीसी टीवी कैमरे के जरिये निगरानी की जाने लगी। इस पर टाॅवर के लिए जमीन-मकान देने वाले कई लोगों ने आपत्ति भी जताई थी। उनका कहना था कि रात में सुरक्षा की निगरानी जिम्मेदारी कौन लेगा? रात में टाॅवर तक पहुंचने के लिए गेट खोलने की जरूरत पड़ेगी तो कोई मकान मालिक अपनी नींद क्यों खराब करेगा? बावजूद इसके कंपनी ने सभी जगह से गार्ड हटा दिए। अब यह घटना सामने आई तो चर्चाएं शुरू हो गईं।



तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। जिस कर्मी पर शक जताया जा रहा है, उसकी इस घटना में कितनी संलिप्तता है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। - रामस्वरूप वर्मा, प्रभारी निरीक्षक
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